MEA Briefing: विदेश मंत्रालय ने बुधवार को अंतरराष्ट्रीय मुद्दों से जुड़े कई अहम सवालों पर भारत का पक्ष रखा। विदेश मंत्री एस. जयशंकर के आगामी विदेशी दौरों, रूस और ईरान से तेल आयात, पाकिस्तान के खिलाफ आतंकवाद पर कार्रवाई, इजराइल के चुनाव और अरुणाचल प्रदेश से जुड़े मुद्दों पर मंत्रालय ने जानकारी दी। इसके अलावा, SCO सिविलाइजेशनल डायलॉग फोरम में पाकिस्तान को निमंत्रण दिए जाने को लेकर भी सवाल पूछे गए। आइए जानते हैं विदेश मंत्रालय ने इन मुद्दों पर क्या कहा।
MEA Briefing: G20 बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे एस. जयशंकर
विदेश मंत्री एस. जयशंकर अमेरिका के अटलांटा में होने वाली G20 विदेश मंत्रियों की बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि इस दौरे के दौरान जयशंकर क्वाड (Quad) देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में भी शामिल होंगे। इसके अलावा, वह अपने समकक्षों के साथ द्विपक्षीय बातचीत भी करेंगे। इन बैठकों के जरिए भारत को वैश्विक मुद्दों पर अन्य देशों के साथ विचार-विमर्श करने और आपसी सहयोग बढ़ाने का अवसर मिलेगा।
MEA Briefing: एंटीगुआ और बारबुडा भी जाएंगे विदेश मंत्री
अमेरिका के दौरे के बाद विदेश मंत्री एस. जयशंकर एंटीगुआ और बारबुडा के सेंट जॉन्स जाएंगे। यहां वह राष्ट्रमंडल शासनाध्यक्षों की बैठक (CHOGM) में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, इन अंतरराष्ट्रीय बैठकों में भारत की भागीदारी विभिन्न देशों के साथ सहयोग बढ़ाने और साझा चुनौतियों पर चर्चा करने के लिहाज से महत्वपूर्ण है। वहीं, फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की बैठक में भारत की भागीदारी को लेकर मंत्रालय ने कहा कि विस्तृत जानकारी बाद में साझा की जाएगी।
तेल आयात पर अमेरिकी दबाव को लेकर MEA का जवाब
ईरान, वेनेजुएला और रूस से तेल खरीदने को लेकर अमेरिका के दबाव से जुड़े सवाल पर विदेश मंत्रालय ने भारत का पक्ष स्पष्ट किया। प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत की ऊर्जा जरूरतों के लिए तेल खरीदने का काम भारतीय कंपनियां करती हैं और उनके फैसले राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखकर लिए जाते हैं। उन्होंने बताया कि तेल आयात से जुड़े फैसलों में कई पहलुओं पर विचार किया जाता है। इनमें व्यावसायिक परिस्थितियां, बाजार की स्थिति, तकनीकी जरूरतें और वैश्विक परिस्थितियां शामिल हैं।
पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान पर भारत की नीति में बदलाव नहीं
पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान को लेकर भारत की नीति में किसी बदलाव के सवाल पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि आतंकवाद के लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए। मंत्रालय ने जोर दिया कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को आतंकवाद के सभी रूपों और तरीकों के खिलाफ अधिक प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए। भारत का मानना है कि इस वैश्विक खतरे से निपटने के लिए आतंकवाद के खिलाफ ठोस कदम उठाना जरूरी है।
अरुणाचल प्रदेश के कथित फेक वीडियो पर क्या बोला MEA?
अरुणाचल प्रदेश से जुड़े कथित फेक वीडियो के सवाल पर विदेश मंत्रालय ने बताया कि संबंधित एजेंसी ने इस मामले में कार्रवाई की है।वहीं, अरुणाचल प्रदेश की जमीनी स्थिति के बारे में पूछे जाने पर मंत्रालय ने कहा कि इस विषय पर रक्षा मंत्रालय बेहतर जानकारी दे सकता है। MEA ने अपनी पिछली प्रेस ब्रीफिंग में दिए गए जवाब का भी संदर्भ दिया और कहा कि वहां उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों से निपटने के लिए भारत का व्यापक दृष्टिकोण पहले ही स्पष्ट किया जा चुका है।
इजराइल के चुनाव और भारत के साथ संबंधों पर क्या कहा?
इजराइल के चुनाव परिणामों और वहां संभावित नई सरकार के भारत के साथ संबंधों पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर भी विदेश मंत्रालय से सवाल किया गया। इस पर मंत्रालय ने कहा कि भारत और इजराइल के बीच अच्छे और मजबूत संबंध हैं। विदेश मंत्रालय ने भरोसा जताया कि आने वाले समय में दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत किया जाएगा।
SCO डायलॉग फोरम में पाकिस्तान को न्योता
नई दिल्ली में 20 से 22 नवंबर 2026 तक होने वाली SCO सिविलाइजेशनल डायलॉग फोरम की बैठक में पाकिस्तान की भागीदारी को लेकर भी सवाल पूछे गए। विदेश मंत्रालय ने बताया कि इस बैठक के लिए शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के सभी सदस्य देशों को आमंत्रित किया गया है। इसके अलावा, संगठन के डायलॉग पार्टनर्स और एक ऑब्जर्वर को भी निमंत्रण भेजा गया है। पाकिस्तान के मंत्री एहसान खान खिची को निमंत्रण दिए जाने और पाकिस्तान की भागीदारी की पुष्टि के बारे में पूछे जाने पर मंत्रालय ने आमंत्रण भेजने की सामान्य प्रक्रिया की जानकारी दी।
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