Meta Controversy: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वीडियो हटाए जाने के विवाद के बीच Meta की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। गुरुवार को भी इस मुद्दे पर केंद्र सरकार और Meta की ग्लोबल टीम के बीच बातचीत जारी रही। सरकार ने साफ शब्दों में कहा कि भारत में किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को अमेरिकी कानूनों के आधार पर नहीं चलाया जा सकता और उसे भारतीय कानूनों का पूरी तरह पालन करना होगा।समाचार एजेंसी PTI के अनुसार, Meta की ग्लोबल टीम अगले तीन-चार दिन तक भारत में रहेगी। इस दौरान कंपनी के प्रतिनिधि विभिन्न सरकारी अधिकारियों के साथ कई दौर की बैठक करेंगे। इन बैठकों में WhatsApp से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है।
Meta Controversy: एल्गोरिदम और कंटेंट मॉडरेशन पर सरकार के सवाल-
केंद्र सरकार Meta से उसके एल्गोरिदम, कंटेंट मॉडरेशन सिस्टम, नियमों के पालन की प्रक्रिया, चेक एंड बैलेंस और सुरक्षा उपायों की जानकारी मांग रही है। सरकार विशेष रूप से बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कंटेंट (CSAM) और डीपफेक सामग्री से निपटने के लिए अपनाए जा रहे सिस्टम को लेकर जवाब चाहती है।
Meta Controversy: ‘भारत में नहीं चलेगा अमेरिकी कानून’-
समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक, केंद्र सरकार के अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि भारत में किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म को अमेरिकी कानूनों के आधार पर संचालित नहीं किया जा सकता। अधिकारियों ने कहा कि ये तकनीकी और संवेदनशील मामले हैं, इसलिए हर पहलू को समझना जरूरी है। साथ ही उन्होंने कहा कि सभी संस्थानों की तरह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की भी समाज और भारतीय कानूनों के प्रति जिम्मेदारी है।
अश्विनी वैष्णव करेंगे Meta टीम से मुलाकात-
रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव गुरुवार को Meta की ग्लोबल टीम से मुलाकात करेंगे। वहीं, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अन्य अधिकारी कंपनी की तकनीकी टीमों के साथ चर्चा जारी रखेंगे। सरकार Meta के अलावा X (पूर्व में ट्विटर) और Telegram जैसे अन्य बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के साथ भी लगातार संवाद बनाए हुए है।








