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Missing Cap: नेताजी की गायब टोपी पर चंद्र कुमार बोस का बयान

Missing Cap

Missing Cap: नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रसिद्ध टोपी, जो कुछ समय पहले लाल किले स्थित नेताजी संग्रहालय से गायब हो गई थी, अब मिल गई है। हालांकि, नेताजी के परपोते चंद्र कुमार बोस ने इस पर सवाल उठाया है और मांग की है कि टोपी की असली पहचान को प्रमाणित किया जाए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस मुद्दे पर तत्काल कार्रवाई करने के लिए धन्यवाद दिया।

टोपी की वापसी और चंद्र कुमार बोस की टिप्पणी

चंद्र कुमार बोस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि प्रधानमंत्री मोदी के हस्तक्षेप से नेताजी की टोपी को फिर से संग्रहालय में रख दिया गया है, लेकिन शोधकर्ताओं और जिन लोगों ने पहले इसे देखा था, उनका कहना है कि यह असली टोपी नहीं लगती। उन्होंने सरकार से अनुरोध किया कि इस टोपी की वास्तविकता की जांच की जाए।

Missing Cap: भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण का बयान

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने इस मुद्दे पर बयान जारी किया और बताया कि नेताजी की मूल टोपी को पराक्रम दिवस के दौरान 19 से 25 जनवरी 2026 तक श्री विजयपुरम में प्रदर्शनी के लिए भेजा गया था। वापसी के बाद ताले में खराबी के कारण इसे सुरक्षित स्थान पर रखा गया था। अब ताला ठीक कर दिया गया है और टोपी को फिर से प्रदर्शनी के लिए रखा गया है।

टोपी गायब होने का मामला और शिकायत

10 मार्च को वकील नवीन बामल ने संग्रहालय का दौरा किया और देखा कि नेताजी की टोपी गायब थी। उन्होंने अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद चंद्र कुमार बोस ने प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप करने का आग्रह किया था।

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