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मध्य प्रदेश के स्कूलों में पढ़ाई जाएगी सम्राट विक्रमादित्य की जीवनी

Mohan Yadav

Mohan Yadav: मध्य प्रदेश सरकार ने स्कूली शिक्षा को नई दिशा देने की तैयारी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घोषणा की है कि राज्य के स्कूलों के नए पाठ्यक्रम में सम्राट विक्रमादित्य की जीवनी को शामिल किया जाएगा। इसके साथ ही भगवान श्रीकृष्ण के गुरु सांदीपनि के जीवन पर भी विशेष पुस्तक तैयार की जाएगी। सरकार का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, इतिहास और नैतिक मूल्यों से जोड़ना है। स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में प्रदेश के स्कूलों की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी। विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ रोजगारपरक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

पाठ्यक्रम में जुड़ेगा इतिहास और संस्कृति

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि विद्यार्थियों को भारतीय इतिहास और संस्कृति की जानकारी देना बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से सम्राट विक्रमादित्य की जीवनी को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाएगा। इसके अलावा गुरु सांदीपनि के जीवन और शिक्षाओं पर आधारित एक रोचक पुस्तक भी तैयार होगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल परीक्षा तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास और संस्कार निर्माण में भी मददगार होनी चाहिए। सरकार आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय परंपरा और मूल्यों को भी बढ़ावा दे रही है।

Mohan Yadav: स्कूलों में मिलेगा व्यावसायिक प्रशिक्षण

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्कूलों में विद्यार्थियों को व्यावसायिक प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जाए। हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्तर पर कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन और अन्य रोजगारपरक विषयों को शामिल करने पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि कक्षा 8 से 12 तक कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित कौशल शिक्षा को भी पाठ्यक्रम से जोड़ा जाए। साथ ही एनसीसी, एनएसएस और सामाजिक सेवा गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य परीक्षण, ड्राइविंग लाइसेंस शिविर और प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात भी कही।

बेहतर परिणाम वाले स्कूलों का होगा सम्मान

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि जिन स्कूलों का परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत रहा है, उनका सार्वजनिक सम्मान किया जाएगा। समीक्षा बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश के 26 शासकीय स्कूलों का परीक्षा परिणाम पूरी तरह सफल रहा है। सरकार ने स्कूलों में नामांकन बढ़ने को भी सकारात्मक संकेत बताया। अधिकारियों के अनुसार, वर्ष 2025-26 में कक्षा एक में नामांकन में 32 प्रतिशत से अधिक वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं, कक्षा 9 से 12 तक के नामांकन में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, आत्मनिर्भर और रोजगारमुखी बनाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है।