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मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र की 16 फरवरी को शुरुआत, औद्योगिक विकास से वित्तीय प्रबंधन तक चर्चा

मध्य प्रदेश बजट सत्र 2026

MP Budget Session: मध्य प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है, क्योंकि राज्य विधानसभा का महत्वपूर्ण बजट सत्र सोमवार से शुरू होने जा रहा है। इस सत्र के लिए सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों ने अपनी रणनीतियों को और सक्रिय कर दिया है। सरकार की नीतियों और वित्तीय योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की उम्मीद है।

सरकार पेश करेगी 4 लाख करोड़ बजट

सरकार वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 18 फरवरी को 4 लाख करोड़ रुपए से अधिक का बजट पेश कर सकती है। यह बजट सत्र कुल 19 बैठकें आयोजित करेगा और 6 मार्च तक चलेगा। सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से होगी, जिसमें सरकार की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं का पूरा खाका प्रस्तुत किया जाएगा। इसके तुरंत बाद वित्त मंत्री बजट पेश करेंगे, जिसमें राजस्व अनुमान, खर्च का विवरण और नई नीतियों की घोषणा शामिल होगी।

MP Budget Session: मध्य प्रदेश बजट सत्र 2026
मध्य प्रदेश बजट सत्र 2026

MP Budget Session: विधायकों के प्रश्न और प्रस्ताव तैयार

इस बार विधानसभा में तीखी बहस और सवाल-जवाब की संभावना जताई जा रही है। विधायकों ने बड़ी संख्या में प्रश्न और प्रस्ताव तैयार किए हैं, जो सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित करने की तैयारी को दर्शाता है।

विधानसभा सचिवालय को अब तक कुल 3,478 प्रश्न प्राप्त हुए हैं। इनमें से 2,253 प्रश्न ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से दाखिल किए गए हैं, जो डिजिटल प्रक्रिया के बढ़ते इस्तेमाल को दिखाता है। जबकि 1,225 प्रश्न पारंपरिक ऑफलाइन माध्यम से जमा किए गए हैं। कुल प्रश्नों में 1,750 तारांकित प्रश्न हैं, जिनका जवाब मंत्रियों को सदन में मौखिक रूप से देना होगा और 1,728 अतारांकित प्रश्न लिखित रूप में उत्तरित किए जाएंगे।

MP Budget Session: मध्य प्रदेश बजट सत्र 2026
मध्य प्रदेश बजट सत्र 2026

विपक्ष के 192 प्रस्ताव और 8 स्थगन

प्रश्नों के अलावा, विपक्ष ने सरकार पर दबाव बनाने के लिए कई उपाय अपनाए हैं। विपक्ष की ओर से 192 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए हैं, जिनके जरिए जनहित से जुड़े तुरंत मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा जाएगा। इसके साथ ही 8 स्थगन प्रस्ताव भी पेश किए गए हैं। यदि इन्हें स्वीकार किया गया तो सदन में लंबी और तीखी बहस हो सकती है और सामान्य कार्यवाही प्रभावित हो सकती है।

सरकार पेश करेगी 4 लाख करोड़ बजट

विधायकों द्वारा उठाए गए मुद्दों में स्थानीय और राज्य स्तर की समस्याएं शामिल हैं। कई जनप्रतिनिधियों ने अपने क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे की कमी, कल्याणकारी योजनाओं में देरी, पानी की समस्या और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दे उठाए हैं। वहीं राज्य स्तर पर औद्योगिक विकास, कृषि सहयोग, शिक्षा सुधार, स्वास्थ्य सेवाएं और वित्तीय प्रबंधन जैसे व्यापक मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है।