NEET Paper Leak: नीट पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन के बीच केंद्र सरकार ने संकेत दिया है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की संभावना बेहद कम है। सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, शीर्ष नेतृत्व का मानना है कि पेपर लीक की घटनाओं के लिए शिक्षा मंत्री को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।
‘इस्तीफे का सवाल ही नहीं’
सरकारी अधिकारी ने कहा कि नीट प्रश्नपत्र लीक की जांच और उसके बाद दोबारा परीक्षा सफलतापूर्वक आयोजित कराई गई। ऐसे में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे का कोई औचित्य नहीं बनता। उन्होंने कहा कि मंत्री किसी भी स्तर पर व्यक्तिगत रूप से इस प्रकरण में शामिल नहीं थे।
NEET Paper Leak: सरकार बातचीत के लिए तैयार
अधिकारी ने बताया कि सरकार प्रदर्शनकारियों के साथ गंभीरता से बातचीत करने के लिए तैयार है। हालांकि उन्होंने कहा कि बैठक के स्थान को लेकर किसी भी पक्ष को अड़ियल रुख नहीं अपनाना चाहिए।
इससे पहले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने CJP के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी मांगें सुनी थीं और शीर्ष नेतृत्व से चर्चा के बाद आगे बातचीत का भरोसा दिया था। इसके बाद गृह मंत्री अमित शाह, जेपी नड्डा, पीयूष गोयल और धर्मेंद्र प्रधान सहित कई वरिष्ठ नेताओं के बीच इस मुद्दे पर बैठकें हुई हैं।
एक और बैठक के संकेत
सरकार ने CJP को एक और दौर की बातचीत का संकेत दिया है। हालांकि CJP का कहना है कि अगली बैठक किसी मंत्री के आवास पर नहीं बल्कि जंतर-मंतर या उसके आसपास किसी तटस्थ स्थान पर होनी चाहिए। संगठन का कहना है कि बातचीत तभी सार्थक होगी, जब सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाए।
NEET Paper Leak: CJP की प्रमुख मांगें
CJP ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा, तथा आंदोलन के दौरान दर्ज सभी एफआईआर वापस लेने की मांग की है।
मुआवजे पर विचार संभव
सरकारी अधिकारी ने संकेत दिया कि कथित रूप से आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को मुआवजा देने की मांग पर सरकार सकारात्मक रूप से विचार कर सकती है। हालांकि इस संबंध में अभी कोई औपचारिक निर्णय नहीं लिया गया है।
NEET Paper Leak: संसद में चर्चा को तैयार सरकार
अधिकारी ने कहा कि सरकार नीट पेपर लीक मामले पर संसद में विस्तृत चर्चा के लिए भी तैयार है। उनके अनुसार, सरकार इस दौरान अब तक की गई कार्रवाई, जांच, सुधारात्मक कदम और दोबारा परीक्षा के सफल आयोजन की पूरी जानकारी सदन के सामने रखने को तैयार है। उन्होंने कहा, “जरूरत पड़ी तो दो-तीन दिन या उससे अधिक समय तक भी चर्चा हो सकती है, लेकिन विपक्ष की अव्यावहारिक मांगों को स्वीकार नहीं किया जा सकता।”
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