NEET-UG Re Exam 2026: देशभर में आयोजित NEET-UG री-एग्जाम के दौरान बिहार के लखीसराय जिले से नकल और इम्पर्सनेशन (दूसरे अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देने) के कुछ मामले सामने आए। हालांकि, राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) की सख्त सुरक्षा व्यवस्था और सतर्क निगरानी के चलते इन प्रयासों को समय रहते विफल कर दिया गया। परीक्षा केंद्रों पर तैनात अधिकारियों ने संदिग्ध गतिविधियों को तुरंत चिन्हित करते हुए आवश्यक कार्रवाई की, जिससे परीक्षा की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनी रही।
अभिषेक सिंह का संदेश: धोखाधड़ी करने वालों के लिए कोई जगह नहीं
NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने स्पष्ट किया कि परीक्षा में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, नकल या प्रतिरूपण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह सुरक्षित और निष्पक्ष बनाने के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा तंत्र लागू किया गया है। उनके अनुसार, जो भी व्यक्ति अनुचित साधनों का सहारा लेकर परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश करेगा, उसे किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।अभिषेक सिंह ने भरोसा दिलाया कि एजेंसी की निगरानी व्यवस्था इतनी मजबूत है कि किसी भी तरह की धोखाधड़ी को आसानी से चिन्हित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि परीक्षा की शुचिता बनाए रखना NTA की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए हर स्तर पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
NEET-UG Re Exam 2026: सुरक्षा के अभेद्य घेरे में हुई परीक्षा
री-एग्जाम के दौरान परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की गहन जांच की गई। पहचान पत्रों का सत्यापन, आधार आधारित बायोमेट्रिक और फेस ऑथेंटिकेशन, सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी तथा दो-स्तरीय फ्रिस्किंग जैसी व्यवस्थाएं लागू की गईं। इसके साथ ही परीक्षा केंद्रों पर सिग्नल जैमर भी लगाए गए ताकि किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के इस्तेमाल की संभावना को पूरी तरह खत्म किया जा सके।NTA ने शिक्षा मंत्रालय, राज्य प्रशासन और जिला स्तर पर स्थापित कमांड एंड कंट्रोल सेंटरों के माध्यम से परीक्षा की रियल-टाइम मॉनिटरिंग भी की। इस व्यवस्था ने परीक्षा के दौरान होने वाली हर गतिविधि पर लगातार नजर बनाए रखी।
NEET-UG Re Exam 2026: 22 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा
21 जून को आयोजित NEET-UG री-एग्जाम में देशभर से 22.79 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया। इनमें 13 लाख से ज्यादा छात्राएं और 9 लाख से अधिक छात्र शामिल रहे। परीक्षा का आयोजन देश के 551 केंद्रों और विदेशों में बनाए गए 14 परीक्षा केंद्रों पर किया गया। परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक चली।राष्ट्रीय स्तर की इस महत्वपूर्ण परीक्षा का आयोजन 13 भाषाओं में किया गया, जिससे विभिन्न राज्यों और भाषाई पृष्ठभूमि के छात्रों को समान अवसर मिल सके।
पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था पर NTA का फोकस
हाल के वर्षों में प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता को लेकर उठे सवालों के बीच NTA इस बार किसी भी तरह की लापरवाही से बचने के लिए पूरी तरह सतर्क नजर आई। एजेंसी ने तकनीक और मानव संसाधनों का समन्वय कर ऐसी व्यवस्था तैयार की, जिससे नकल और फर्जीवाड़े की संभावनाओं को न्यूनतम किया जा सके।NTA का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने के लिए आगे भी इसी तरह की सख्त निगरानी जारी रहेगी। एजेंसी ने साफ संदेश दिया है कि मेहनत करने वाले छात्रों के हितों की रक्षा के लिए किसी भी प्रकार की परीक्षा संबंधी धोखाधड़ी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ा जाएगा।
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