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नेपाल की विनाशकारी बाढ़ में 165 मौतें, 1000 से ज्यादा लापता; 133 भारतीयों की तलाश, बिहार-यूपी में भी बढ़ा खतरा

नेपाल बाढ़ में 133 भारतीय समेत 1000 लापता

Nepal Flood: नेपाल-तिब्बत सीमा पर बुधवार सुबह अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन ने बड़े स्तर पर तबाही मचा दी। नेपाल में 162 और तिब्बत में 3 लोगों की मौत की खबर है। 1000 से ज्यादा लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। इस आपदा में पुल, सड़कें, जलविद्युत परियोजनाएं, घर, वाहन और कई सरकारी ढांचे बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।बाढ़ का पानी कई जगह करीब 30 फीट तक ऊपर पहुंच गया। तेज बहाव अपने साथ घरों, गाड़ियों और मलबे को बहाकर ले गया। शुरुआत में आशंका थी कि बाढ़ से पहले भूकंप आया था, लेकिन अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार चीन की तरफ ल्हेंदे नदी क्षेत्र में पहाड़ का बड़ा हिस्सा खिसककर नदी में गिरा था।

लैंडस्लाइड से आया भूकंप जैसा झटका

बुधवार सुबह करीब 8:37 बजे नेपाल-चीन सीमा के पास और काठमांडू के उत्तर में तेज झटके महसूस किए गए। शुरुआती जानकारी में USGS ने इसे 4.4 तीव्रता का भूकंप बताया था।इसी दौरान पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा बर्फ और चट्टानों के साथ टूटकर नीचे गिरा और ल्हेंदे खोला नदी में जा मिला। यह नदी भोटेकोशी नदी की सहायक नदी है। भोटेकोशी चीन से निकलकर गहरी घाटियों से गुजरते हुए नेपाल में प्रवेश करती है।वैज्ञानिकों का अनुमान है कि पहाड़ से ग्लेशियर का एक बड़ा हिस्सा भी टूटकर नीचे गिरा हो सकता है। हालांकि, इस घटना के वास्तविक कारण का पता लगाने में कई सप्ताह लग सकते हैं।बाद में USGS ने स्पष्ट किया कि यह भूकंप नहीं था। पहाड़ से हुआ लैंडस्लाइड इतना शक्तिशाली था कि उससे करीब 5.2 तीव्रता के भूकंप जैसा झटका पैदा हुआ। यानी पहले भूकंप नहीं आया था, बल्कि भूस्खलन की ताकत से धरती में वैसा कंपन महसूस हुआ।

Nepal Flood: नेपाल बाढ़ में 133 भारतीय समेत 1000 लापता
नेपाल बाढ़ में 133 भारतीय समेत 1000 लापता
Nepal Flood: ल्हेंदे से नदियों में पहुंचा मलबे का सैलाब

लैंडस्लाइड के बाद ल्हेंदे नदी से पानी और मलबे का भारी प्रवाह भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में पहुंच गया। इसके बाद अचानक बाढ़ की स्थिति बनी।बहाव इतना तेज था कि लोगों और मलबे को करीब 150 किलोमीटर दूर चितवन तक बहाकर ले गया। वहां अब तक 33 शव बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है।राहत और बचाव दल खराब मौसम, टूटे रास्तों और भारी मलबे के बीच फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं। कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जा रहे कई श्रद्धालु भी इस आपदा की चपेट में आए हैं।नेपाल में लापता लोगों में 466 विदेशी और 113 नेपाली बताए गए हैं। इनमें 133 भारतीय और 37 एनआरआई भी शामिल हैं।

भारत के बिहार और यूपी में भी अलर्ट

नेपाल में आई बाढ़ का असर भारत में भी दिखाई देने की आशंका है। इसका सबसे ज्यादा प्रभाव बिहार की गंडक नदी और उससे जुड़ी छोटी-बड़ी नदियों पर पड़ सकता है।नेपाल से करीब 3 मीटर ऊंची फ्लड वेव आने का अलर्ट जारी किया गया है। पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। सीतामढ़ी और शिवहर पर भी नजर रखी जा रही है।नेपाल से आया पानी त्रिशूली नदी के रास्ते गंडक तक पहुंच सकता है। इसके बाद बिहार के निचले इलाकों में पानी का स्तर बढ़ने की आशंका है। उत्तर प्रदेश के महाराजगंज और कुशीनगर में भी अलर्ट जारी किया गया है।

नेपाल बाढ़ में 133 भारतीय समेत 1000 लापता
नेपाल बाढ़ में 133 भारतीय समेत 1000 लापता
1000 तक वाहन फंसे, 300 बसें शामिल

चीन की तरफ से भोटेकोशी नदी में अचानक आए पानी और भूस्खलन के कारण नेपाल की कई सड़कें और राजमार्ग बंद हो गए हैं। अनुमान है कि करीब 800 से 1000 वाहन फंस गए या पानी में डूब गए। इनमें लगभग 300 यात्री बसें शामिल हैं।गोसाईंकुंड जा रहे यात्रियों को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। नेपाली मीडिया के अनुसार, काठमांडू से गोसाईंकुंड गई 18 से 20 बसों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। इन बसों में सवार यात्रियों की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है।

Nepal Flood: 30 हेलिकॉप्टर राहत अभियान में लगाए गए

बाढ़ और भूस्खलन प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों तक राहत पहुंचाने और उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए नेपाल सरकार ने 30 हेलिकॉप्टर तैनात किए हैं।त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रेस्क्यू कोऑर्डिनेशन सेंटर (RCC) ने सुबह 6:30 बजे से बचाव अभियान की तैयारी शुरू कर दी थी। अतिरिक्त सहायता के लिए 20 हेलिकॉप्टर स्टैंडबाय पर रखे गए हैं, जबकि 10 हेलिकॉप्टर प्रभावित और आसपास के इलाकों में भेजे जा चुके हैं।जहां सड़क मार्ग से पहुंचना संभव नहीं है, वहां हेलिकॉप्टर के जरिए राहत और बचाव कार्य किया जा रहा है। हालांकि, खराब मौसम और मुश्किल भौगोलिक परिस्थितियां अभियान में लगातार बाधा बन रही हैं।

चितवन में 64 शव मिलने की जानकारी

चितवन में तिब्बत से आए बाढ़ के पानी के बाद त्रिशूली और नारायणी नदियों से 64 शव मिलने की जानकारी सामने आई है। इनमें पूरे शवों के साथ शरीर के कुछ अंग भी शामिल हैं।जिला पुलिस के अनुसार, बरामद सभी शवों को भरतपुर अस्पताल के शवगृह में रखा गया है।

तबाही वाली जगह पहुंचा चीनी हेलिकॉप्टर

चीन का एक हेलिकॉप्टर उस इलाके तक पहुंचा जहां ग्लेशियर टूटने के बाद बड़ी मात्रा में पानी नीचे आया था। इसी पानी के कारण नेपाल में भारी तबाही हुई।इस घटना को GLOF यानी ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड से भी जोड़ा जा रहा है। इससे संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।GLOF की स्थिति तब बनती है जब ग्लेशियर के पीछे बनी झील का पानी अचानक बाहर निकल जाता है। पानी का दबाव बढ़ने या ग्लेशियर में दरार पड़ने से झील का रास्ता खुल सकता है। इसके बाद पानी और मलबा बहुत तेज गति से पहाड़ों से नीचे आता है और अचानक भारी बाढ़ पैदा कर सकता है।

तमिलनाडु के 37 और बंगाल के 32 पर्यटक लापता

नेपाल की बाढ़ के बाद 133 से ज्यादा भारतीयों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। इनमें कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए कई तीर्थयात्री भी शामिल हैं। बाढ़ के कारण नेपाल के कई इलाकों से संपर्क टूट गया है, इसलिए प्रभावित भारतीयों की सही संख्या और स्थिति का पता लगाने में परेशानी हो रही है।तमिलनाडु के 37 पर्यटकों का भी अब तक पता नहीं चल पाया है। बताया जा रहा है कि ये लोग एक मंदिर की ओर जा रहे थे और इसी दौरान बाढ़ की चपेट में आ गए।कोयंबटूर स्थित ईशा फाउंडेशन ने भी बताया कि इमिग्रेशन सेंटर में मौजूद उसके 77 लोगों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। नेपाल सरकार के अनुसार, इमिग्रेशन सेंटर का पूरा स्टाफ भी संपर्क से बाहर है।

कोलकाता से कैलाश मानसरोवर गया 32 लोगों का समूह लापता

कोलकाता से कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गया 32 लोगों का एक समूह भी लापता बताया गया है। इसमें 30 पर्यटक और 2 टूर मैनेजर शामिल हैं।यह समूह 21 अगस्त को कोलकाता से रवाना हुआ था और अगले दिन नेपाल पहुंचा। बुधवार सुबह यह समूह तिब्बत जाने के लिए रसुवागढ़ी पहुंचा था।करीब 8:30 बजे समूह के लोग इमिग्रेशन ऑफिस में मौजूद थे। इसी दौरान नेपाल-तिब्बत सीमा पर अचानक बाढ़ आ गई। इसके बाद से समूह के किसी भी सदस्य से संपर्क नहीं हो पाया है।

Nepal Flood: नेपाल बाढ़ में 133 भारतीय समेत 1000 लापता
नेपाल बाढ़ में 133 भारतीय समेत 1000 लापता
Nepal Flood: गंडक बैराज के 36 गेट खोले गए

बिहार की गंडक नदी में भी पानी बढ़ना शुरू हो गया है। रात 12 बजे तक नेपाल की तरफ से करीब डेढ़ लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने की जानकारी है। इसके बाद बगहा स्थित गंडक बैराज के सभी 36 गेट खोल दिए गए।गंडक बराज पर नेपाल में हुई तबाही का मलबा भी दिखाई दे रहा है। पानी के साथ भैंस, फ्रिज और घरों का सामान तक बहकर आने की जानकारी सामने आई है।

ग्यिरोंग पोर्ट तक पहुंचना मुश्किल

चीन के बचावकर्मियों को ग्यिरोंग पोर्ट तक पहुंचने में काफी परेशानी हो रही है। यह बंदरगाह चीन के तिब्बत और नेपाल को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण बॉर्डर पॉइंट है।बाढ़ आने के 20 घंटे से ज्यादा समय बाद भी पोर्ट तक जाने वाली सड़कों पर बड़ी मात्रा में कीचड़ और मलबा जमा है। इससे रास्ता बंद है और राहत अभियान प्रभावित हो रहा है।तिब्बत के ग्यिरोंग काउंटी में मौजूद चीनी सरकारी मीडिया के एक रिपोर्टर ने गुरुवार सुबह बताया कि कीचड़ और मलबे के कारण बंदरगाह तक पहुंचना अब भी बेहद मुश्किल है।CCTV की रिपोर्ट के मुताबिक, भूस्खलन का किनारा ग्यिरोंग बंदरगाह से करीब 2.5 किलोमीटर दूर है। वहां कीचड़ की मोटाई लगभग 1.5 मीटर तक है। ऐसे में बचाव अभियान चलाना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है।रात में हुई बारिश ने स्थिति को और खराब कर दिया। बचाव दलों के सामने आगे और भूस्खलन होने तथा सड़कें धंसने का खतरा भी बना हुआ है।

133 से ज्यादा जलविद्युत कर्मचारी लापता

रसुवा में आई बाढ़ के बाद अलग-अलग जलविद्युत परियोजनाओं में काम करने वाले 133 से ज्यादा कर्मचारी और श्रमिक लापता हैं। नेपाल विद्युत प्राधिकरण के अनुसार, लापता लोगों में विदेशी कर्मचारी भी शामिल हैं।लापता लोगों की तलाश के लिए नेपाल विद्युत प्राधिकरण की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में पहुंच चुकी हैं। स्थानीय प्रशासन, सुरक्षा एजेंसियों और स्वास्थ्य संस्थानों की मदद से सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

अमेरिका देगा 5 लाख डॉलर की सहायता

अमेरिका ने रसुवा में बाढ़ से प्रभावित लोगों और समुदायों की मदद के लिए 5 लाख डॉलर की सहायता देने की घोषणा की है।अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, राहत और बचाव अभियान में मदद के लिए प्रभावित इलाके में एक आपदा सलाहकार भी भेजा जाएगा।इस सहायता राशि का इस्तेमाल प्रभावित लोगों के लिए अस्थायी आश्रय, जरूरी राहत सामग्री, साफ पानी, स्वच्छता और सफाई से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराने में किया जाएगा।काठमांडू स्थित अमेरिकी दूतावास ने कहा है कि वह प्रभावित क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी नागरिकों की स्थिति का पता लगाने और उन्हें आवश्यक सहायता देने के लिए स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है।

Nepal Flood: बाढ़ से कितना हुआ नुकसान?

नेपाल में इस आपदा से हुए नुकसान को लेकर अलग-अलग अपडेट सामने आए हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक नुकसान का स्तर काफी बड़ा है।

160 से ज्यादा मौतें: नेपाल में बाढ़ से अब तक 157 लोगों की मौत की पुष्टि होने की जानकारी दी गई है, जबकि तिब्बत में 3 लोगों की मौत हुई है। 1000 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं, जिनमें बड़ी संख्या विदेशी नागरिकों की है।

13 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट प्रभावित: रसुवा और आसपास के क्षेत्रों में 13 जलविद्युत परियोजनाओं को नुकसान पहुंचा है। इनमें 8 चालू और 5 निर्माणाधीन परियोजनाएं शामिल हैं। इन परियोजनाओं की कुल क्षमता करीब 748 मेगावाट बताई गई है।

42 किलोमीटर सड़क तबाह: बेट्रावती से रसुवागढ़ी सीमा चौकी तक जाने वाली सड़क का करीब 42 किलोमीटर हिस्सा बाढ़ में क्षतिग्रस्त या बह गया है। इससे नेपाल और चीन सीमा के बीच सड़क संपर्क बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

32 पुल ध्वस्त: बाढ़ में कम से कम 32 बड़े पुलों के ध्वस्त होने की जानकारी है। कई स्थानीय झूला पुल भी क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे प्रभावित इलाकों का संपर्क टूट गया है।

वहीं, शुरुआती रिपोर्ट में 19 पुलों और करीब 40 किलोमीटर सड़कों के तबाह होने की जानकारी भी सामने आई थी।

नेपाल बाढ़ में 133 भारतीय समेत 1000 लापता
नेपाल बाढ़ में 133 भारतीय समेत 1000 लापता
पत्नी को बाढ़ में खोने वाले शख्स ने बताई आपबीती

बाढ़ की भयावहता का अंदाजा उन लोगों की आपबीती से भी लगाया जा सकता है, जिन्होंने इस आपदा में अपने परिवार के सदस्यों को खो दिया।केशव प्रसाद बराल ने बताया कि बाढ़ आने के समय उन्हें ऐसा लगा जैसे कीचड़ का एक बहुत बड़ा सैलाब सीधे उनकी तरफ बढ़ रहा हो।एक छोटे अस्पताल में इलाज करा रहे बराल ने रॉयटर्स को बताया कि अचानक आई बाढ़ के दौरान उन्होंने अपनी पत्नी का हाथ पकड़ने की कोशिश की, लेकिन तेज बहाव उन्हें बहाकर ले गया।बराल के मुताबिक, करीब चार-पांच घंटे बाद एक हेलिकॉप्टर उन्हें बचाने पहुंचा। उनकी पत्नी अब भी मलबे के नीचे हैं और उनके बचने की कोई उम्मीद नहीं है।

Nepal Flood: 25 देशों के नागरिक लापता

न्यूज एजेंसी AP ने एक नेपाली अधिकारी के हवाले से बताया कि लापता लोगों में 341 विदेशी नागरिक शामिल हैं। अब तक कम से कम 25 देशों के नागरिकों के लापता होने की पुष्टि हुई है।

इनमें कम से कम 133 भारतीय नागरिक शामिल हैं।

  • अमेरिका: कम से कम 47 अमेरिकी नागरिक लापता बताए गए हैं।
  • रूस: नेपाल स्थित रूसी दूतावास के अनुसार, 4 रूसी नागरिकों से संपर्क नहीं हो पा रहा है।
  • पुर्तगाल: नेपाली अधिकारियों के मुताबिक, 2 पुर्तगाली नागरिकों के लापता होने की सूचना है।
  • दक्षिण कोरिया: दक्षिण कोरियाई विदेश मंत्रालय के अनुसार, कम से कम 9 नागरिक लापता हैं।
  • इटली: इतालवी विदेश मंत्रालय के मुताबिक, कम से कम 90 लोगों का पता नहीं चल पाया है।
  • यूक्रेन: यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने नेपाली अधिकारियों के हवाले से बताया कि कम से कम 53 यूक्रेनी नागरिक लापता हैं।
  • बेल्जियम: बेल्जियम के विदेश मंत्रालय के अनुसार, कम से कम 3 बेल्जियन यात्रियों से संपर्क नहीं हो पा रहा है।
  • ऑस्ट्रेलिया: प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने बताया कि नेपाल में कम से कम 34 ऑस्ट्रेलियाई नागरिक लापता हैं।
ईशा फाउंडेशन के 77 तीर्थयात्रियों से संपर्क टूटा

कैलाश मानसरोवर यात्रा पूरी करने के बाद काठमांडू लौट रहे ईशा फाउंडेशन के 77 तीर्थयात्रियों से संपर्क टूट गया है।फाउंडेशन के अनुसार, समूह ने तिब्बती इमिग्रेशन की प्रक्रिया पूरी कर ली थी। सुबह 9:05 बजे समूह के लीडर प्रवीण से आखिरी बार बातचीत हुई थी। करीब 10 मिनट बाद दोबारा संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन बात नहीं हो सकी।

Nepal Flood: भारत ने भेजी 10 टन राहत सामग्री

नेपाल में राहत और बचाव अभियान के बीच भारत ने 10 टन मानवीय सहायता और जरूरी दवाइयां भेजी हैं।विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बताया कि भारतीय वायुसेना का C-130J विमान राहत सामग्री लेकर काठमांडू पहुंच चुका है।भारत की ओर से भेजी गई सामग्री में अस्थायी टेंट, कंबल, हाइजीन किट, सोलर लैंप और जरूरी दवाइयां शामिल हैं। जयशंकर ने कहा कि राहत अभियान के लिए भारत की ओर से आगे भी अतिरिक्त सहायता जुटाई जा रही है।नेपाल-तिब्बत सीमा पर हुई यह आपदा लगातार राहत और बचाव एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। खराब मौसम, टूटे सड़क मार्ग, भारी मलबे और आगे भूस्खलन के खतरे के बीच लापता लोगों की तलाश जारी है।नेपाल में रसुवा बाढ़ के बाद राहत और बचाव कार्यों में सहयोग के लिए भारत ने 10 टन मानवीय सहायता और जरूरी दवाइयां भेजी हैं।

नेपाल बाढ़ में 133 भारतीय समेत 1000 लापता
नेपाल बाढ़ में 133 भारतीय समेत 1000 लापता
जयशंकर ने दी जानकारी

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने फेसबुक पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बाढ़ से प्रभावित इलाकों में नेपाल के राहत कार्यों में मदद के लिए यह सहायता भेजी गई है।भारत ने इस आपदा में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और प्रभावित लोगों के साथ एकजुटता जताई। जयशंकर ने कहा कि इस मुश्किल समय में भारत नेपाल और नेपाली लोगों के साथ खड़ा है।

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