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नेपाल बाढ़ पर मोदी सरकार एक्टिव, राहत सामग्री लेकर रवाना IAF विमान

Nepal News

Nepal News: नेपाल में अचानक आई भीषण बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है और बड़ी संख्या में लोग लापता बताए जा रहे हैं। इस मुश्किल घड़ी में भारत ने नेपाल की मदद के लिए तत्काल कदम उठाया है। भारतीय वायुसेना का विमान 10 टन HADR राहत सामग्री और जरूरी दवाइयां लेकर नेपाल रवाना हुआ है। साथ ही संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए NDRF की टीमों को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है।

भारत ने नेपाल के लिए भेजी राहत सामग्री

बाढ़ से प्रभावित नेपाल को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए भारत ने राहत सामग्री और आवश्यक दवाइयां भेजी हैं। भारतीय वायुसेना के विमान के जरिए 10 टन HADR सहायता नेपाल पहुंचाई जा रही है। इससे आपदा प्रभावित लोगों को जरूरी राहत उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। भारत सरकार लगातार नेपाल की स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जरूरत के अनुसार अतिरिक्त सहायता देने की तैयारी में है।

Nepal News: गंडक नदी को लेकर बिहार-UP में अलर्ट

नेपाल में जलस्तर बढ़ने के बाद गंडक नदी में भी संभावित बाढ़ की आशंका जताई गई है। इसे देखते हुए बिहार और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में प्रशासन को सतर्क किया गया है। बिहार में NDRF की टीमें तैनात की गई हैं, जबकि उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में भी अतिरिक्त NDRF टीम भेजी गई है। संबंधित एजेंसियां जलस्तर और हालात पर लगातार नजर रख रही हैं।

करीब 400 लोग लापता, 105 भारतीय

नेपाल पर्यटन बोर्ड से जुड़े आंकड़ों के मुताबिक, बाढ़ के बाद करीब 400 लोग लापता बताए जा रहे हैं। इनमें लगभग 105 भारतीय नागरिक और 37 एनआरआई शामिल हैं। राहत और बचाव अभियान में नेपाल सेना, पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल जुटे हैं। लापता लोगों की तलाश के लिए हेलीकॉप्टर, ड्रोन और खोजी कुत्तों की मदद ली जा रही है।

Nepal News: बाढ़ की वजह की जांच जारी

नेपाल में अचानक आई बाढ़ के कारणों की जांच जारी है। अधिकारियों के मुताबिक, स्थानीय बारिश को इस-का स्पष्ट कारण नहीं माना गया है। संभावित ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (goof), भूस्खलन या सीमा के तिब्बती क्षेत्र में हुई किसी घटना की भी जांच की जा रही है। रासुवा जिले में सबसे ज्यादा नुकसान की सूचना है। कई सड़कें, पुल, वाहन और नदी किनारे की बस्तियां बाढ़ की चपेट में आई हैं। भारत की ओर से भी संभावित असर को देखते हुए सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है।

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