Breaking News
Home » देश-विदेश » भारत में भी माली जैसे बड़े हमले कर सकता है अल-कायदा, इंटेलिजेंस एजेंसियों ने दी चेतावनी

भारत में भी माली जैसे बड़े हमले कर सकता है अल-कायदा, इंटेलिजेंस एजेंसियों ने दी चेतावनी

New Delhi: भारत में भी माली जैसे बड़े हमले कर सकता है अल-कायदा, इंटेलिजेंस एजेंसियों ने दी चेतावनी
New Delhi: पश्चिम अफ्रीकी देश माली में हाल ही में हुए भीषण जिहादी हमले में 70 से अधिक लोगों की मौत हुई। इस हमले की जिम्मेदारी जमात नुसरत अल-इस्लाम वाल मुस्लिमीन (JNIM) ने ली है, जो आतंकी संगठन अलकायदा से जुड़ा हुआ माना जाता है।

अल-कायदा ने बदली रणनीति

जानकारों का मानना है कि अल-कायदा से जुड़े संगठन पिछले कुछ वर्षों में अफ्रीका में अपने नेटवर्क का विस्तार कर रहे हैं। ओसामा बिन लादेन के मरने के बाद अल-कायदा ने अपनी रणनीति बदलते हुए अलग-अलग सहयोगी संगठनों के जरिए अपनी गतिविधियां बढ़ाई हैं। इनमें अफगानिस्तान में लॉन्च अलकायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट (एक्यूआईएस) भी शामिल है, जिसका शुरुआती फोकस भारत पर था।

New Delhi: चुपचाप बढ़ा रहा नेटवर्क

खुफिया अधिकारियों के अनुसार, हाल के माली हमलों जैसे घटनाक्रम इस बात का संकेत हैं कि यह नेटवर्क फिर से सक्रिय होने की कोशिश कर रहा है। हालांकि यह संगठन लंबे समय से अपेक्षाकृत शांत रहा है, लेकिन इसके ऑनलाइन प्रचार और भर्ती गतिविधियों में हाल के समय में तेजी देखी गई है।
दरअसल ओसामा बिन लादेन और संगठन के दूसरे बड़े नेताओं की मौत के बाद लोगों ने मान लिया था कि अल-कायदा खत्म हो गया है। अलकायदा को इससे फायदा यह हुआ कि दुनिया ने इस संगठन से अपनी नजरें हटा लीं। किसी को भी इसके फिर से उभरने की उम्मीद नहीं थी और यह वैश्विक निगरानी से काफी बाहर था।

New Delhi: माली में हुए हमलों से दिखी ताकत

इस बीच संगठन ने अपना विंग भी लॉन्च किया, जिसका नाम ऑल-कायदा इन द सब-कॉन्टिनेंट (एक्यूआईएस) रखा गया। संगठन उम्मीद के मुताबिक आगे नहीं बढ़ा, लेकिन यह अभी भी एक बड़ा खतरा बना हुआ है।
अधिकारियों का कहना है कि संगठन के मामले में एक उभरता हुआ पैटर्न देखा जा रहा है। अलकायदा ने पिछले कुछ सालों में अफ्रीका में अपना जाल फैलाया है। माली में हुए हमले इस बात का सबूत हैं कि यह संगठन कितना ताकतवर है।

New Delhi: हल्के में नहीं ले सकते

एक्यूआईएस की बात करें, तो यह कई साल से काफी शांत रहा है। इसने अपने संसाधनों को ऑनलाइन प्रोपेगैंडा और प्रचार पर केंद्रित किया। हालांकि, उसने जानबूझकर खुद को इस्लामिक स्टेट की तरह ज्यादा मुखर बनने से दूर रखा।
इंटेलिजेंस ब्यूरो के एक अधिकारी का कहना है कि माली में हमने जो हमला देखा, उसे देखते हुए एक्यूआईएस खुद को बड़े पैमाने पर फिर से लॉन्च करने के लिए ध्यान देगा। लॉ एनफोर्समेंट एजेंसियां ​​एक्यूआईएस को हल्के में नहीं ले सकतीं, क्योंकि यह बहुत बड़े पैमाने पर वापसी कर सकता है।
इसके अलावा, एक्यूआईएस इस्लामिक स्टेट की तुलना में भारत में ज्यादा असर डाल सकता है। कई लोग, खासकर दक्षिणी राज्यों में अब भी ओसामा बिन लादेन को हीरो मानते हैं।

New Delhi: युवाओं को  जोड़ने की कोशिश

एक अन्य अधिकारी ने इस मामले में कहा कि अल-कायदा ने धोखा देने की कला सीख ली है। माली में हुए हमलों का ही मामला लें। अल-कायदा अपने जुड़े हुए संगठनों के जरिए काम करता रहेगा। इस आतंकी समूह के लिए हमलों का क्रेडिट लेने के बजाय काम पूरा करना जरूरी है।एक अधिकारी ने कहा कि माली हमला एक्यूआईएस के लिए प्रेरणा का काम करता है। यह अपने प्रोपेगैंडा कैंपेन के दौरान ऐसे हमलों का जिक्र करता है और युवाओं को अपने साथ जोड़ने की कोशिश करता है।

अधिकारी ने कहा कि भारत में, एक्यूआईएस से जुड़ा हुआ बेस मूवमेंट है। यह ग्रुप जो कई सालों से शांत था, उसने अपना ऑनलाइन प्रोपेगैंडा बढ़ाना शुरू कर दिया है। माली हमले बेस मूवमेंट के लिए भारत में ऑपरेशन बढ़ाने में एक बूस्टर का काम करेंगे।
दुनिया के हालात का फायदा उठा रहा

New Delhi: खुद को जानबूझकर रखा लो प्रोफाइल 

अधिकारियों का यह भी कहना है कि एक्यूआईएस और बेस मूवमेंट के देश भर में कई ऑपरेटिव हैं। उन्होंने इतने साल तक जानबूझकर खुद को लो प्रोफाइल रखा था। इंटेलिजेंस एजेंसियों को हाल ही में जो ऑनलाइन गतिविधि दिख रही है, उससे लगता है कि ये ऑपरेटिव बाहर आकर भारत में हमले की तैयारी कर सकते हैं।
अधिकारी ने आगे कहा कि दुनिया अभी ईरान की घटनाओं में व्यस्त है। कई देश जो अलकायदा पर नजर रखते थे, वे अभी कहीं और फोकस कर रहे हैं और इसी का अलकायदा फायदा उठा रहा है।

New Delhi: भारत को सतर्क रहने की जरूरत

एक्यूआईएस के मामले में भी ऐसा ही ट्रेंड देखा जा रहा है। वह इस बात का फायदा उठाना चाहता है कि दुनिया का ध्यान कहीं और है। इंटेलिजेंस एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि दुनियाभर के हालात और माली में एक बड़े हमले का फायदा उठाकर एक्यूआईएस इसका इस्तेमाल अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने और भारत में बड़े हमले करने के लिए करेगा।

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments