Home » Knowledge » आज हर बड़े सेक्टर में तेजी से क्यों बढ़ रही है CA की मांग ? कैंपस प्लेसमेंट में 101 कंपनियों ने ऑफर की 9,000 से ज्यादा जॉब

आज हर बड़े सेक्टर में तेजी से क्यों बढ़ रही है CA की मांग ? कैंपस प्लेसमेंट में 101 कंपनियों ने ऑफर की 9,000 से ज्यादा जॉब

New Delhi: आज हर बड़े सेक्टर में तेजी से क्यों बढ़ रही है CA की मांग ? कैंपस प्लेसमेंट में 101 कंपनियों ने ऑफर की 9,000 से ज्यादा जॉब
New Delhi:  चार्टर्ड एकाउंटेंट (CA ) के 64वें कैंपस प्लेसमेंट में 101 से अधिक कंपनियां शामिल हुई हैं और अभी तक 9,000 से ज्यादा जॉब ऑफर की गई हैं। कैंपस प्लेसमेंट की यह प्रक्रिया अभी जारी है, जिसमें सैकड़ों जॉब ऑफर दिए जाने बाकी हैं।
इसके अलावा कई बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियां, टेक्नोलॉजी फर्म्स, कंसल्टिंग कंपनियां और प्रोफेशनल सर्विस नेटवर्क्स ऑफ-कैंपस भी जॉब ऑफर कर रहे हैं, जिससे यह संख्या और भी बढ़ गई हैं। प्लेसमेंट पर इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंटस ऑफ इंडिया का कहना है कि आज के समय में सीए की मांग लगभग हर बड़े सेक्टर में तेजी से बढ़ रही है। बैंकिंग, स्टार्टअप, मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी, कंसल्टिंग, फिनटेक, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स और मल्टीनेशनल कंपनियां बड़ी संख्या में कुशल सीए प्रोफेशनल्स को नियुक्त कर रही हैं।

 बैलेंस शीट या टैक्स फाइलिंग तक सीमित नहीं 

अब सीए सिर्फ बैलेंस शीट तैयार करने या टैक्स फाइलिंग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे फॉरेंसिक अकाउंटिंग, बिजनेस वैल्यूएशन, इनसॉल्वेंसी और रीस्ट्रक्चरिंग, ईएसजी और सस्टेनेबिलिटी रिपोर्टिंग, रिस्क मैनेजमेंट, इंटरनेशनल टैक्सेशन और कॉर्पोरेट गवर्नेंस जैसे महत्वपूर्ण और रणनीतिक क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। टेक्नोलॉजी के बढ़ते प्रभाव ने भी इस पेशे को नई दिशा दी है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स और ऑटोमेशन के कारण अब सीए केवल फाइनेंस एक्सपर्ट नहीं रहे, बल्कि टेक-एनेबल्ड प्रोफेशनल बनते जा रहे हैं।

New Delhi:  करियर की सबसे बड़ी खासियत

आने वाले समय में ऐसे सीए संगठनों को जटिल नियमों को समझने, पारदर्शिता बनाए रखने और बेहतर रणनीतिक फैसले लेने में मदद कर सकते हैं। संस्थान का कहना है कि इस करियर की सबसे बड़ी खासियत इसकी कम लागत है। जहां कई प्रोफेशनल कोर्स लाखों रुपए में पूरे होते हैं, वहीं सीए कोर्स लगभग 80,000 रुपए में पूरा किया जा सकता है। खास बात यह है कि दो साल की अनिवार्य आर्टिकलशिप के दौरान मिलने वाला स्टाइपेंड इस खर्च का बड़ा हिस्सा कवर कर देता है। इसके साथ ही स्कॉलरशिप, फीस में छूट और आर्थिक सहायता योजनाएं इसे और भी सुलभ बनाती हैं, जिससे अलग-अलग आर्थिक पृष्ठभूमि के छात्र आसानी से इस कोर्स को कर सकते हैं।

New Delhi:  कॉमर्स छात्रों तक सीमित नहीं करियर 

अब यह करियर केवल कॉमर्स छात्रों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि साइंस और आर्ट्स के छात्र भी इसे अपना रहे हैं। संस्थान के अनुसार सैलरी और करियर ग्रोथ के मामले में भी सीए काफी आकर्षक विकल्प है। एक नए सीए को औसतन 12 लाख रुपए तक प्रति वर्ष की शुरुआती सैलरी मिलती है। 2024 में कैंपस प्लेसमेंट के दौरान घरेलू स्तर पर 36 लाख रुपए प्रति वर्ष से अधिक के ऑफर दिए गए, जबकि 2023 में अंतरराष्ट्रीय पैकेज 50 लाख रुपए प्रति वर्ष से भी ज्यादा रहे। वर्ष 2025 में करीब 10,244 सीए को कैंपस प्लेसमेंट के माध्यम से नौकरी मिली, जिसमें सबसे अधिक घरेलू पैकेज 32.33 लाख रुपए प्रति वर्ष दर्ज किया गया।

New Delhi:  सीए की भूमिका महत्वपूर्ण

इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट ऑफ इंडिया के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर भले ही कई सेक्टरों में अनिश्चितता और छंटनी देखने को मिल रही हो, लेकिन सीए प्रोफेशन की मांग पर इसका खास असर नहीं पड़ा है। जैसे-जैसे भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और विभिन्न कंपनियां वैश्विक स्तर पर और अधिक जुड़ेंगी, वैसे-वैसे सीए की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती जाएगी।
गौरतलब है कि भारत तेजी से 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। संस्थान का कहना है कि इस विकास यात्रा में चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) की भूमिका लगातार मजबूत होती जा रही है। पहले जहां इस पेशे को केवल अकाउंटिंग, ऑडिट और टैक्स तक सीमित माना जाता था, वहीं आज यह एक आधुनिक, बहुआयामी और भविष्य के अनुरूप करियर बन चुका है, जो देश की वित्तीय और व्यावसायिक व्यवस्था की रीढ़ माना जा रहा है।
0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments