Nirjala Ekadashi: हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य को शुरू करने से पहले पंचांग देखने की परंपरा रही है। चाहे कोई धार्मिक अनुष्ठान हो, यात्रा करनी हो, निवेश करना हो या फिर कोई नया काम शुरू करना हो, शुभ समय जानने के लिए पंचांग की सहायता ली जाती है।पंचांग हिंदू धर्म की प्राचीन काल गणना प्रणाली है, जो सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति के आधार पर तैयार किया जाता है। इसके माध्यम से शुभ और अशुभ समय की जानकारी प्राप्त की जाती है।
25 जून 2026 का पंचांग
नई दिल्ली, 24 जून (आईएएनएस)। 25 जून 2026, गुरुवार को ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि रहेगी। इस दिन पड़ने वाली एकादशी को निर्जला एकादशी कहा जाता है। यह तिथि रात 8:09 बजे तक रहेगी।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, निर्जला एकादशी को वर्ष की सबसे प्रभावशाली और पुण्यदायी एकादशियों में से एक माना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करने से विशेष फल प्राप्त होने की मान्यता है।इस दिन सुबह 4:11 बजे से 4:59 बजे तक ब्रह्म मुहूर्त रहेगा, जबकि सुबह 6:46 बजे से 8:32 बजे तक अमृत काल रहेगा। इन समयों को पूजा-पाठ और आध्यात्मिक कार्यों के लिए शुभ माना जाता है।
Nirjala Ekadashi: सूर्योदय और चंद्रमा की स्थिति
25 जून 2026 को सूर्य का उदय सुबह 5:24 बजे होगा और सूर्यास्त शाम 7:21 बजे होगा। वहीं, चंद्रमा का उदय दोपहर 3:28 बजे और अस्त रात 2:31 बजे होगा।पंचांग के अनुसार, इस दिन सूर्य आर्द्रा नक्षत्र में स्थित रहेगा, जिसके स्वामी ग्रह राहु माने जाते हैं। वहीं, चंद्रमा स्वाति नक्षत्र में रहेगा और तुला राशि में गोचर करेगा।
शिव और सिद्ध योग का संयोग
ज्योतिषीय गणना के अनुसार, 25 जून 2026 को हर्षण योग नहीं रहेगा, बल्कि इस दिन शिव योग प्रभावी रहेगा।वैदिक पंचांग के अनुसार, इस दिन वज्र योग नहीं बन रहा है। इसके स्थान पर शिव योग और सिद्ध योग का शुभ संयोग बन रहा है। इन योगों को धार्मिक और शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है।
अभिजित मुहूर्त में करें शुभ कार्य
25 जून को कोई भी महत्वपूर्ण कार्य करने के लिए दोपहर 12:02 बजे से 12:56 बजे तक का अभिजित मुहूर्त बेहद शुभ रहेगा।अभिजित मुहूर्त को दिन का सबसे शक्तिशाली और शुभ समय माना जाता है। मान्यता है कि इस समय किए गए नए कार्य, पूजा-पाठ और महत्वपूर्ण निर्णय सफलता और सकारात्मक परिणाम देने वाले होते हैं।
राहुकाल और अशुभ समय
पंचांग के अनुसार, इस दिन:
- राहुकाल: दोपहर 2:10 बजे से 3:50 बजे तक रहेगा।
- गुलिक काल: सुबह 9:08 बजे से 10:48 बजे तक रहेगा।
- यमघण्ट काल: सुबह 5:46 बजे से 7:27 बजे तक रहेगा।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन समयों में नए और महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत करने से बचना चाहिए, क्योंकि इन्हें अशुभ समय माना जाता है।
ग्रहों की स्थिति और दिशाशूल
25 जून 2026 को सूर्य मिथुन राशि में और चंद्रमा तुला राशि में स्थित रहेंगे।इस दिन दक्षिण दिशा में दिशाशूल रहेगा। ज्योतिष और वास्तु मान्यताओं के अनुसार, इस दिशा में यात्रा करने से बचने की सलाह दी जाती है।यदि किसी आवश्यक कारण से दक्षिण दिशा की यात्रा करनी पड़े, तो यात्रा से पहले कुछ पारंपरिक ज्योतिषीय उपायों का पालन करना शुभ माना जाता है।
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