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बौद्ध धर्म अपनाने के बाद SC/ST आरक्षण का लाभ कैसे? संजय आजाद के बयान से सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

Nishu Azad father Sanjay Azad
Nishu Azad father Sanjay Azad

Nishu Azad: इन दिनों सोशल मीडिया पर एक नाम काफी चर्चा में बना हुआ है जो है निशु आजाद। दरअसल, एक पॉडकास्ट के दौरान स्वतंत्र भारद्वाज ये बात कहते है कि उन्होंने निशु आजाद के पिता संजय आजाद का सिर्फ फोड़ दिया था। लेकिन उनके खिलाफ पुलिस कोई कार्यवाही नहीं कर सकी क्योंकि उनके पास इतनी पावर है। यह पॉडकास्ट की क्लिप जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुई तो सड़क से लेकर राजनीतिक गलियारे तक हंगामा मच गया और स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ FIR लिखे जाने के बाद आज वह पुलिस कस्टडी में भेज दिए गए है।

लेकिन अब सोशल मीडिया पर नई तरह की बहस छिड़ गई है अब कोई स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी को गलत बता रहा है तो कोई निशु आजाद के समर्थन में डाटा हुआ है। लेकिन जब खबर इंडिया की टीम निशु आजाद की सोसाइटी में पहुंची तो वहां हमने निशु आजाद के पिता संजय आजाद से बात की और मामले की सच्चाई जानने का प्रयास किया।

तो चलिए अब आपको बताते हैं खबर इंडिया के रिपोर्टर रोहित अत्री और निशु के पिता संजय आजाद के बीच क्या सवाल और जवाब हुए…

रिपोर्टर रोहित अत्री: आपने हिंदू भावनाओं को आहत किया है। क्या आप माफी मांगेंगे?

संजय आजाद: मैंने कुछ गलत नहीं किया। मैं अब हिंदू नहीं हूं, मैंने बौद्ध धर्म अपना लिया है।

लेकिन अब रिपोर्टर रोहित अत्री और संजय आजाद के बीच हुई बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर काफी तेजी से वायरल हो रहा है। कुछ लोग सावल उठाते हुए लिख रहे है कि क्या एक धर्म परिवर्तित इंसान SCST एक्ट लगा सकता है? निशु आजाद का बाप कैमरा पर बोल रहा है कि उसने बौद्ध धर्म अपना लिया है। स्वतंत्र भारद्वाज पर scst act में केस भी दर्ज करवा दिया कितना अजीब है। जबकि कुछ का कहना ये भी है कि जब ये आदमी (संजय आजाद) खुद बोल रहा है कि इसने हिंदू धर्म छोड़कर बौद्ध धर्म अपना लिया है, तो स्वतंत्र भारद्वाज पर SC/ST एक्ट कैसे लगा सकता है? 

सवाल तो ये भी उठता है कि चंद्रशेखर रावण उन्हें दलित क्यों बता रहा है? जबकि संजय आजाद ने खुद खबर इंडिया के कैमरे पर ये बात कबूली है कि उन्होंने अब बौद्ध धर्म अपना लिया है। ऐसे में सवाल उठता है कि धर्म परिवर्तन के बाद दलित आरक्षण और SC/ST एक्ट से जुड़े लाभों की पात्रता को लेकर कानून क्या कहता है? क्या धर्म परिवर्तन के बाद भी इन संवैधानिक प्रावधानों का लाभ लिया जा सकता है? और एक बड़ा सवाल- क्या इसी तरह की टिप्पणी या बयान किसी दूसरे धर्म की भावनाओं को आहत करने के मामले में भी उतनी ही बेबाकी से सामने रखे जाते? 

लेकिन इस बीच सोशल मीडिया पर निशु और उनके पिता संजय आजाद का वीडियो काफी चर्चा में बना हुआ है। वीडियो में वह दावा करते नजर आ रहे हैं कि अगर दिल्ली पुलिस कुछ देर और मौके पर नहीं पहुंचती, तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। उन्होंने स्वतंत्र भारद्वाज की पिटाई से जुड़ी एक तस्वीर भी साझा की है। वीडियो में निशु आजाद भी नजर आ रही हैं और वह स्वतंत्र भारद्वाज पर तंज कसती दिखाई देती हैं। आखिर संजय कुमार और निशु आजाद ने इस पूरे मामले पर क्या कहा, आइए जानते हैं।

बहुत बड़ा तीर मार लिया?

वीडियो में संजय कुमार ने कहा कि कुछ लोग कह रहे हैं कि अनजाने में मेरे सिर पर चोट मारकर उसने कोई बहुत बड़ा तीर मार दिया। मैं कहना चाहता हूं कि अगर उस वक्त दो मिनट के लिए पुलिस नहीं आती, तो तस्वीर में साफ देखा जा सकता है कि उसकी हालत क्या होती। उन्होंने आगे दावा किया कि मौके पर पहुंची पुलिस को लगा कि वह स्वतंत्र के साथ मारपीट कर रहे हैं और इसी वजह से पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। संजय कुमार ने आगे चुनौती देते हुए कहा कि वन बाय वन कर लो, जहां मिलना है वहां मिल लो।

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