Breaking News
Home » ग्राउंड रिपोर्ट » स्वतंत्र की गिरफ्तारी के बाद खबर इंडिया से बातचीत में क्या बोले निशु आजाद के पिता संजय? पढ़ें ग्राउंड रिपोर्ट

स्वतंत्र की गिरफ्तारी के बाद खबर इंडिया से बातचीत में क्या बोले निशु आजाद के पिता संजय? पढ़ें ग्राउंड रिपोर्ट

निशु के पिता संजय ने विवाद पर तोड़ी चुप्पी

Nishu Azad Case: निशु आज़ाद से जुड़े विवाद और स्वतंत्र की गिरफ्तारी के बाद अब उनके पिता संजय आज़ाद का बयान सामने आया है। खबर इंडिया के पत्रकार से बातचीत में संजय ने पूरे मामले को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि अगर किसी व्यक्ति ने किसी धर्म या समुदाय के खिलाफ कोई आपत्तिजनक काम किया है तो उसके खिलाफ कानून के तहत शिकायत और कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन किसी व्यक्ति की वजह से उसके पूरे परिवार को गाली देना या धमकी देना सही नहीं है।

क्या है निशु आज़ाद और स्वतंत्र भारद्वाज का मामला?

यह पूरा विवाद 23 जून 2026 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शन के दौरान निशु आज़ाद के पिता संजय कुमार और स्वतंत्र भारद्वाज के बीच कथित तौर पर मारपीट हुई थी। शिकायत के मुताबिक, संजय प्रदर्शन की वीडियो रिकॉर्डिंग कर रहे थे, इसी दौरान विवाद बढ़ गया और उनके सिर पर चोट लगी। मामले में स्वतंत्र भारद्वाज और एक अन्य व्यक्ति का नाम सामने आया। बाद में स्वतंत्र से जुड़े एक वायरल पॉडकास्ट वीडियो के सामने आने के बाद यह मामला दोबारा चर्चा में आया, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने सितंबर में स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से गिरफ्तार किया। पुलिस ने मामले में एससी/एसटी एक्ट समेत अन्य धाराओं के तहत कार्रवाई की है। स्वतंत्र की ओर से घटना को आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई बताया गया है, जबकि दिल्ली पुलिस ने मामले में किसी राजनीतिक दबाव की बात से इनकार किया है।

Nishu Azad Case: ‘देश संविधान और कानून से चलता है’

बातचीत के दौरान जब संजय से निशु आज़ाद के वायरल वीडियो और हिंदू धर्म से जुड़ी आपत्तियों को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि देश संविधान और कानून के अनुसार चलता है। उनका कहना था कि अगर कोई व्यक्ति किसी धर्म को लेकर गलत टिप्पणी करता है या कोई आपत्तिजनक काम करता है तो उसके खिलाफ पुलिस में शिकायत की जानी चाहिए। जांच के बाद अगर वह दोषी पाया जाता है तो कानून के अनुसार उसे सजा मिलनी चाहिए।संजय ने कहा कि वह भी कानून का सम्मान करते हैं और उनका मानना है कि किसी भी विवाद का समाधान कानून के दायरे में रहकर ही होना चाहिए। हालांकि, उन्होंने सवाल उठाया कि अगर किसी व्यक्ति से कोई गलती हुई है तो उसके परिवार के सदस्यों को गाली देने और धमकी देने का अधिकार किसी को नहीं है।

‘मेरी ऐसी कोई वीडियो दिखाइए जिसमें धर्म पर टिप्पणी की हो’

संजय से जब यह पूछा गया कि निशु आज़ाद या उनके परिवार की ओर से हिंदू धर्म की आस्थाओं को ठेस पहुंचाने वाली बातें कही गई हैं, तो उन्होंने इसका विरोध किया। उन्होंने कहा कि उन पर इस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं, लेकिन अगर उन्होंने वास्तव में हिंदू धर्म के खिलाफ कोई टिप्पणी की है तो ऐसी वीडियो उन्हें दिखाई जाए।उन्होंने कहा कि किसी वीडियो के आधार पर सवाल उठाने से पहले उसकी पूरी जानकारी सामने रखी जानी चाहिए। संजय का कहना था कि सोशल मीडिया पर वीडियो के कुछ हिस्सों को काटकर या अलग संदर्भ में चलाए जाने से गलत धारणा बन सकती है।

Nishu Azad Case: ‘वीडियो काटकर चलाया गया’

बातचीत में उस वीडियो का भी जिक्र हुआ जिसमें प्रधानमंत्री को लेकर कथित टिप्पणी किए जाने की बात सामने आई थी। इस पर संजय ने कहा कि जिस वीडियो को लेकर विवाद हुआ, उसे रिकॉर्ड किया जा रहा था और बाद में उनकी बेटी ने उनसे सवाल किया था। उनका दावा है कि उस वीडियो को काटकर चलाया गया और पूरी बात लोगों के सामने नहीं रखी गई।संजय ने कहा कि अगर वह किसी मुद्दे पर सवाल उठाते हैं तो उसका जवाब तर्क और तथ्यों के आधार पर दिया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सवाल पूछने या अपनी बात रखने के बदले किसी व्यक्ति को गाली देना और दोषी ठहराना उचित नहीं है।

‘स्वतंत्र ने जो किया, उसकी कार्रवाई हो रही है’

स्वतंत्र को लेकर पूछे गए सवाल पर संजय ने कहा कि उसने जो अपराध किया है, उसके खिलाफ दिल्ली पुलिस कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि कानून अपना काम कर रहा है और आगे भी जिसने जैसा किया है, उसे वैसा ही परिणाम भुगतना पड़ेगा।उन्होंने इस बात पर भी प्रतिक्रिया दी कि कुछ लोग सवाल उठा रहे हैं कि वह करीब दो महीने तक मामले को लेकर सामने क्यों नहीं आए। संजय ने कहा कि वह लगातार जंतर-मंतर और संबंधित जगहों पर जाते रहे हैं। उन्होंने अपने सिर पर लगी चोट का भी जिक्र किया।संजय ने कहा कि उनके सिर पर लगे टांकों और मेडिकल से जुड़े दस्तावेज उनके पास सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि जब अदालत के सामने उनके बयान होंगे, तब वह अपने सिर पर लगे टांकों से जुड़ी बात भी सामने रखेंगे।

‘अगर पोस्ट गलत हैं तो पुलिस से शिकायत करें’

सोशल मीडिया पर उनके और उनके परिवार के खिलाफ कथित पोस्ट को लेकर भी संजय ने पुलिस और सरकार से कार्रवाई की मांग की। उनका कहना था कि अगर किसी व्यक्ति को लगता है कि कोई पोस्ट गलत है या किसी धर्म के खिलाफ आपत्तिजनक सामग्री है तो उसे थाने में जाकर शिकायत करनी चाहिए।उन्होंने कहा कि मामले की जांच होनी चाहिए और अगर पोस्ट या वीडियो गलत पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। वहीं, अगर कोई गलती करता है तो उसे माफी भी मांगनी चाहिए।

Nishu Azad Case: ‘मेरी बेटी को लेकर गंदी बातें और धमकियां दी गईं’

संजय ने स्वतंत्र पर आरोप लगाते हुए कहा कि उसके साथ विवाद के दौरान उनके सिर पर चोट लगी और उनकी बेटी को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने दावा किया कि उन्हें और उनके परिवार को धमकियां भी दी गईं।उन्होंने सवाल किया कि अगर धर्म और सम्मान की बात की जाती है तो किसी की बेटी या परिवार के लिए इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना कहां तक उचित है। संजय ने कहा कि वह खुद किसी दूसरे व्यक्ति या उसकी बेटी के लिए गलत शब्दों का इस्तेमाल नहीं करते और ऐसी भाषा को सही नहीं मानते।

संजय के समर्थन में बोले रमाकांत पांडे

इंटरव्यू के दौरान संजय के साथ मौजूद रमाकांत पांडे ने भी पूरे विवाद पर अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि संजय के साथ उनकी दोस्ती वर्ष 2013 से है। पांडे ने कहा कि अगर किसी व्यक्ति ने हिंदू धर्म के खिलाफ गलत किया है तो उसके खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज कराई जानी चाहिए।उन्होंने कहा कि पुलिस और साइबर सेल को मामले की जांच करनी चाहिए। अगर जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्ति को गिरफ्तार किया जा सकता है, लेकिन सोशल मीडिया या व्यक्तिगत स्तर पर खुद ही फैसला करना उचित नहीं है।पांडे ने यह भी कहा कि संजय को लगातार गालियां और आपत्तिजनक संदेश मिल रहे हैं। उनके मुताबिक, ईमेल और मैसेज के जरिए भी कथित तौर पर उन्हें परेशान किया जा रहा है।

‘राजनीतिक फायदा उठाने की बात मुझे नहीं पता’

जब संजय से पूछा गया कि क्या कुछ नेता उनकी बेटी का इस्तेमाल करके राजनीतिक फायदा उठाना चाहते हैं और क्या इसके पीछे कोई राजनीतिक ताकत काम कर रही है, तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।संजय ने कहा कि उन्हें राजनीति से ज्यादा अपने काम से मतलब है। उन्होंने कहा कि उन्हें यह तक नहीं पता कि उनकी सोसायटी के गेट पर मौजूद चौकीदार का नाम क्या है। उनका कहना था कि वह अपने काम पर ध्यान देते हैं और राजनीतिक गतिविधियों से उनका कोई लेना-देना नहीं है।

Nishu Azad Case: ‘रात में घर पर पत्थर फेंके गए’

संजय ने अपने घर पर कथित तौर पर पत्थर फेंके जाने की घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि रात करीब 11 बजे उनके घर की ओर दो बार पत्थर फेंके गए। इसके बाद उन्होंने 112 पर कॉल किया और थाने में शिकायत भी दी।संजय ने कहा कि इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। कुछ लोगों ने दावा किया कि बड़ी संख्या में गाड़ियां और लोग वहां पहुंचे थे। इस पर उन्होंने कहा कि अगर वास्तव में इतनी बड़ी संख्या में लोग वहां पहुंचे थे तो सोसायटी में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग सामने लाई जानी चाहिए।

Nishu Azad Case: ‘दो लोग नशे में मिले थे’

संजय ने पुलिस से हुई बातचीत की एक रिकॉर्डिंग का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, पुलिस को सूचना देने के बाद दो लोगों को पकड़ा गया था और दोनों के नशे में होने की बात सामने आई थी।संजय ने कहा कि वह यह स्पष्ट करना चाहते थे कि उनके घर पर पत्थर किसने फेंके। उन्होंने पुलिस से कहा कि अगर आज पत्थर फेंके जा रहे हैं तो भविष्य में इससे बड़ी घटना भी हो सकती है। उन्होंने सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि मामले की ठीक से जांच होनी चाहिए।

पूरे मामले में संजय आज़ाद ने एक बार फिर कानून के तहत कार्रवाई पर जोर दिया। उनका कहना है कि अगर किसी के खिलाफ आरोप हैं तो पुलिस और जांच एजेंसियों को मामले की जांच करनी चाहिए और दोष साबित होने पर कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं, उनके मुताबिक, किसी व्यक्ति या उसके परिवार को सोशल मीडिया पर गाली देना, धमकी देना या खुद फैसला सुनाना उचित नहीं है।

यह भी पढ़े- नेपाल में बाढ़ की तबाही के 14 दिन बाद भी जारी जिंदगी की तलाश, 4894 लापता और 7 हाइड्रोपावर सुरंगों में रेस्क्यू ऑपरेशन