Nursing Student Death: वाराणसी में 19 वर्षीय नर्सिंग छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में पुलिस जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार छात्रा तीन माह की गर्भवती थी और उसके सहपाठी व कथित बॉयफ्रेंड ने दबाव बनाकर उसे गर्भपात की दवा खिलाई थी। दवा लेने के बाद अत्यधिक रक्तस्राव होने से उसकी हालत बिगड़ गई और समय पर उपचार न मिलने के कारण उसकी मौत हो गई।
बुधवार सुबह छात्रा का शव हॉस्टल की सीढ़ियों पर खून से लथपथ हालत में मिला था। सबसे पहले एक इलेक्ट्रीशियन की नजर उस पर पड़ी, जिसके बाद छात्रा को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
जांच में सामने आया प्रेम संबंध का मामला
पुलिस ने कॉल डिटेल, हॉस्टल रिकॉर्ड और आसपास के लोगों से पूछताछ के आधार पर जौनपुर निवासी मोहम्मद समीर को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि दोनों के बीच पिछले दो वर्षों से संबंध थे और छात्रा के गर्भवती होने के बाद उन्होंने गर्भपात कराने की योजना बनाई थी। आरोपी ने बताया कि कई डॉक्टरों से संपर्क किया गया, लेकिन अभिभावकों की जानकारी के बिना कोई भी गर्भपात करने को तैयार नहीं हुआ। इसके बाद दोनों ने इंटरनेट और यूट्यूब के जरिए जानकारी जुटाकर दवा खरीदने का फैसला किया।
Nursing Student Death: दवा खाने के बाद बिगड़ी हालत
पुलिस के अनुसार घटना वाले दिन छात्रा हॉस्टल पहुंची थी। आरोपी का दावा है कि छात्रा गर्भपात नहीं कराना चाहती थी और उसने शादी करने की बात भी कही थी, लेकिन उसने दबाव बनाकर दवा खिला दी। कुछ ही देर बाद छात्रा को तेज दर्द, उल्टियां और अत्यधिक ब्लीडिंग शुरू हो गई। स्थिति बिगड़ने पर छात्रा अस्पताल ले जाने की बात कहती रही, लेकिन आरोपी घबरा गया। इसी दौरान छात्रा सीढ़ियों से नीचे उतरते समय बेहोश होकर गिर पड़ी। आरोपी उसे वहीं छोड़कर जौनपुर भाग गया।
पहले भी कराया गया था गर्भपात
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि लगभग सात महीने पहले भी छात्रा का गर्भपात कराया गया था। आरोपी के मोबाइल फोन से चैट, फोटो और वीडियो भी बरामद किए गए हैं, जिन्हें जांच का हिस्सा बनाया गया है।
Nursing Student Death: चिकित्सकों ने दी चेतावनी
स्त्री रोग विशेषज्ञों का कहना है कि तीन माह के गर्भ में बिना चिकित्सकीय निगरानी गर्भपात की दवा लेना बेहद खतरनाक हो सकता है। इससे अत्यधिक रक्तस्राव, संक्रमण और जान का खतरा पैदा हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार समय पर अस्पताल पहुंचा दिया जाता तो छात्रा की जान बचाई जा सकती थी।
पुलिस कर रही विस्तृत जांच
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। शव का पोस्टमार्टम चिकित्सकों के पैनल से कराया गया है और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी की गई है। मामले में विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है तथा जांच जारी है।
यह घटना युवाओं में जागरूकता, सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच और बिना चिकित्सकीय सलाह दवाओं के इस्तेमाल के गंभीर खतरों को एक बार फिर उजागर करती है।
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