ONGC Gas Discovery: भारत के लिए ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। सरकारी तेल और गैस कंपनी ओएनजीसी ने महानदी बेसिन के गहरे समुद्री क्षेत्र में गैस की खोज की है। यह खोज ऐसे समय हुई है, जब भारत सहित कई देश तेल और गैस की आपूर्ति से जुड़ी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। ऐसे में समुद्र के भीतर गैस का नया भंडार मिलना देश के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ONGC Gas Discovery: डीपवॉटर अभियान का पहला कुआं
ओएनजीसी के मौजूदा डीपवॉटर अभियान के तहत यह पहला कुआं है, जहां कंपनी को सफलता मिली है। कंपनी के अनुसार, इस खोज से महानदी बेसिन में गहरे समुद्र के संसाधनों के विकास की संभावनाएं बढ़ी हैं। ओएनजीसी ने बताया कि एमडीब्ल्यू-28 कुएं से फिलहाल अच्छी दर से गैस का प्रवाह हो रहा है और रिजर्वायर का दबाव भी मजबूत बना हुआ है।अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण होर्मूज स्ट्रेट में बढ़े तनाव और सऊदी अरब पर हुए हमलों के बीच गैस की आपूर्ति को लेकर चुनौतियां बढ़ी हैं। ऐसे समय में भारत के समुद्री क्षेत्र में गैस का भंडार मिलना अहम माना जा रहा है।
महानदी बेसिन में कहां मिली गैस?
ओएनजीसी के मुताबिक, एमडीब्ल्यू-28 यानी एमएन-डीडब्ल्यू18-1-एच-डी कुएं की ड्रिलिंग महानदी बेसिन के डीप ऑफशोर क्षेत्र में की गई है। इसी कुएं की ड्रिलिंग के साथ कंपनी ने अपने मौजूदा डीपवॉटर अभियान की शुरुआत की थी। इस अभियान को 25 जुलाई 2026 को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने लॉन्च किया था।यह अभियान सरकार की ‘समुद्र मंथन’ पहल के अनुरूप चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य भारत के समुद्री और गहरे समुद्री क्षेत्रों में तेल एवं गैस संसाधनों की खोज को बढ़ावा देना है।
ONGC Gas Discovery: 18 सितंबर से शुरू हुआ गैस का प्रवाह
ओएनजीसी के अनुसार, सब-सर्फेस डेटा के मूल्यांकन के बाद 18 सितंबर 2026 को एमडीब्ल्यू-28 कुएं की ड्रिलिंग पूरी की गई। इसके बाद कुएं से गैस का प्रवाह शुरू हुआ। कंपनी ने बताया कि अभी कुएं से अच्छी गैस दर मिल रही है और रिजर्वायर का दबाव भी स्वस्थ स्तर पर बना हुआ है।शुरुआती परिणामों को महानदी बेसिन के इस डीपवॉटर क्षेत्र में हाइड्रोकार्बन संसाधनों की संभावनाओं के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ओएनजीसी के अधिकारियों ने किया दौरा
ऑपरेशन के दौरान ओएनजीसी के चेयरमैन अरुण कुमार सिंह, डायरेक्टर (टेक्नोलॉजी एंड फील्ड सर्विसेज) विक्रम सिंह और डायरेक्टर (एक्सप्लोरेशन) ओपी सिन्हा ने ड्रिलशिप का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने वहां मौजूद क्रू से मुलाकात की और ऑपरेशन में काम कर रही टीम का उत्साह बढ़ाया।
ONGC Gas Discovery: दूसरी खोजों के साथ विकास की संभावना
ओएनजीसी के मुताबिक, एमडीब्ल्यू-28 से हुई यह खोज इस क्षेत्र में पहले हुई दूसरी खोजों के साथ मिलकर विकास के लिए संभावित उम्मीदवार बन सकती है। कंपनी ने बताया कि पीएनजी रूल्स, 2025 के तहत साझा सुविधाओं का इस्तेमाल करके इन डीपवॉटर संसाधनों को उत्पादन में लाने की संभावना है।इस व्यवस्था से अलग-अलग खोजों के लिए जरूरी बुनियादी ढांचे को साझा किया जा सकेगा। इससे संसाधनों को उत्पादन तक पहुंचाने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिल सकती है।
भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए क्यों अहम?
भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है। ऐसे में देश के समुद्री और डीपवॉटर क्षेत्रों में घरेलू तेल एवं गैस संसाधनों की खोज को ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है।ओएनजीसी ने कहा है कि वह डीपवॉटर और अल्ट्रा-डीपवॉटर क्षेत्रों में हाइड्रोकार्बन की खोज जारी रखेगी। कंपनी का लक्ष्य देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में घरेलू उत्पादन की भूमिका को बढ़ाना है। ओएनजीसी ने इस खोज को भारत के एनर्जी फ्रंटियर में एक नए अध्याय की शुरुआत की उम्मीद के तौर पर पेश किया है।









