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पाकिस्तान का अफगानिस्तान पर हवाई हमला: 3 मौतें, 15 घायल, तालिबान का कड़ा जवाब देने का ऐलान

अफगानिस्तान में पाकिस्तान की बमबारी

Pakistan Airstrike: अफगानिस्तान में एक बार फिर पाकिस्तान की ओर से हवाई हमले किए जाने का दावा किया गया है। तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद के अनुसार पाकिस्तानी विमानों ने काबुल, कंधार, पक्तिया और पक्तिका सहित कई क्षेत्रों में बमबारी की। उनका कहना है कि इन हमलों में आम लोगों के घरों को निशाना बनाया गया, जिससे महिलाओं और बच्चों समेत कई नागरिक प्रभावित हुए। टोलो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक इस हमले में 3 लोगों की मौत हुई है और करीब 15 लोग घायल हुए हैं।

Pakistan Airstrike: अफगानिस्तान में पाकिस्तान की बमबारी
अफगानिस्तान में पाकिस्तान की बमबारी

लगातार बमबारी से कई घर तबाह

तालिबान सरकार का कहना है कि पाकिस्तानी विमानों ने अलग-अलग जगहों पर लगातार बम गिराए। मुजाहिद ने बताया कि कुछ हमले ऐसे इलाकों में हुए जहां बड़ी संख्या में लोग रहते हैं। इन हमलों के कारण कई मकान पूरी तरह से नष्ट हो गए। हालांकि कुछ बम खाली क्षेत्रों में भी गिराए गए।

Pakistan Airstrike: रमजान में हमले से नाराज तालिबान

तालिबान प्रशासन ने इन हमलों की कड़ी आलोचना की है। उनका कहना है कि रमजान के आखिरी दिनों में और ईद से ठीक पहले इस तरह की कार्रवाई करना इंसानियत और नैतिक मूल्यों के खिलाफ है। जबीहुल्लाह मुजाहिद ने इसे बड़ी नाइंसाफी बताया और कहा कि अफगानिस्तान इस घटना को नजरअंदाज नहीं करेगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि इस कार्रवाई का जवाब दिया जाएगा, हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि अफगानिस्तान किस तरह से प्रतिक्रिया देगा।

कंधार में तेल डिपो को बनाया निशाना

आरोप है कि पाकिस्तानी विमानों ने कंधार अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के पास स्थित निजी एयरलाइन काम एयर के ईंधन भंडार पर भी हमला किया। हमले के बाद वहां आग लग गई। बताया जा रहा है कि यह ईंधन भंडार नागरिक विमानों के साथ-साथ संयुक्त राष्ट्र के विमानों को भी ईंधन उपलब्ध कराता है।

इसके अलावा कंधार में ही एक अन्य निजी कारोबारी हाजी खान जादा के ईंधन डिपो को भी निशाना बनाए जाने की बात कही गई है। तालिबान का दावा है कि इन हमलों से काफी नुकसान हुआ है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण दुनिया भर में तेल और गैस की कमी की स्थिति बनी हुई है। ऐसे समय में अफगानिस्तान के तेल भंडार पर हमला किया जाना स्थिति को और गंभीर बना सकता है।

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