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पेपर लीक पर सख्त सरकार, अब 10 साल तक की जेल और ₹50 लाख तक जुर्माने का प्रस्ताव

पेपर लीक पर सख्त कानून का प्रस्ताव

Paper Leak Law: केंद्र सरकार परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम, 2024 में संशोधन का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य संगठित पेपर लीक गिरोहों और परीक्षा से जुड़े अपराधों पर और अधिक सख्ती से लगाम लगाना है।

मौजूदा कानून से कैसे अलग होगा नया प्रावधान?

फिलहाल सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम, 2024 के तहत पेपर लीक और परीक्षा में धोखाधड़ी के मामलों में 3 से 5 साल तक की जेल का प्रावधान है। अब सरकार इस कानून को और सख्त बनाने जा रही है। नए विधेयक के अनुसार, पेपर लीक या अनुचित साधनों का उपयोग करने में शामिल व्यक्तियों को 5 से 10 साल तक की जेल और ₹50 लाख तक जुर्माना हो सकता है। वहीं, संगठित अपराधों में शामिल गिरोहों के लिए कम से कम 7 साल की सजा और ₹10 करोड़ तक जुर्माने का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है।

NEET विवाद के बाद और सख्त हुआ सरकार का रुख

डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं, खासकर NEET परीक्षा से जुड़े विवादों के बाद सरकार ने कानून को और प्रभावी बनाने का निर्णय लिया है। प्रस्तावित बदलावों के तहत बार-बार अपराध करने वाले गिरोहों, तकनीक का दुरुपयोग कर परीक्षा में धांधली करने वालों और संगठित नेटवर्क पर विशेष कार्रवाई की जाएगी। इससे परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।

युवाओं का भरोसा कायम रखना सरकार की प्राथमिकता

सरकार का कहना है कि देश के करोड़ों अभ्यर्थियों का भविष्य निष्पक्ष परीक्षाओं पर निर्भर करता है। इसलिए कानून को और सख्त बनाकर पारदर्शिता, जवाबदेही और सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। प्रस्तावित संशोधन को मंजूरी मिलने के बाद पेपर लीक और परीक्षा में धोखाधड़ी के मामलों में दोषियों के खिलाफ पहले से अधिक कठोर कानूनी कार्रवाई संभव होगी।

Written by- Mahi modi

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