Parminder Singh Jhota Murder: पंजाब के मानसा से एक बड़ी खबर सामने आ रही है. मानसा में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परमिंदर सिंह झोट्टा की गोली मारकर हत्या कर दी गई. परमिंदर सिंह को घायल हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. वहीं उनके साथी को भी गोली लगने से गंभीर चोटें आईं जिसका इलाज चल रहा है.
बताया जा रहा है कि गोलीबारी एक मेडिकल स्टोर पर हुई. मेडिकल स्टोर के मालिक अश्विनी कुमार पर गोली चलाने का आरोप है. जानकारी के मुताबिक झोट्टा का घायल साथी दवा लेने के लिए उनके साथ मेडिकल स्टोर पर गया था.
मेडिकल स्टोर पर क्या हुआ?
प्रारंभिक मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, झोट्टा अपने साथियों के साथ एक मेडिकल स्टोर पर पहुंचे थे। वहां कथित तौर पर नशीली दवाओं की बिक्री को लेकर दुकान संचालक से उनकी बहस हुई। इसी दौरान गोलीबारी हुई, जिसमें झोट्टा को गंभीर चोटें आईं। मेडिकल स्टोर संचालक अश्विनी कुमार पर गोली चलाने का आरोप लगाया गया है।
Parminder Singh Jhota Murder: फेसबुक लाइव में कैद हुई गोलीबारी
इस घटना की चर्चा इसलिए भी हो रही है क्योंकि झोट्टा के फेसबुक पेज पर चल रहे लाइव वीडियो में गोली चलने की घटना रिकॉर्ड होने की खबर है। द ट्रिब्यून के मुताबिक, लाइव वीडियो करीब 5 मिनट 48 सेकंड का था। रिपोर्ट में झोट्टा और उनके साथियों को मेडिकल स्टोर संचालक से बहस करते हुए दिखाए जाने की बात कही गई है।
झोट्टा को पेट और जांघ में गोली लगने की जानकारी भी सामने आई है। मानसा सिविल अस्पताल के एक वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी के हवाले से द ट्रिब्यून ने बताया कि एक गोली उनके लिवर को नुकसान पहुंचा गई थी। घटना में घायल अन्य लोगों का भी इलाज किया गया।
नशे के खिलाफ अभियान चलाते थे झोट्टा
परमिंदर सिंह झोट्टा पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने और लोगों को जागरूक करने के लिए जाने जाते थे। उनकी गतिविधियों में उन मेडिकल स्टोरों के खिलाफ सवाल उठाना भी शामिल था, जहां कथित तौर पर नशीली गोलियों की बिक्री होती थी। इसी अभियान के सिलसिले में वह मंगलवार सुबह मेडिकल स्टोर पहुंचे थे, ऐसा मीडिया रिपोर्टों में बताया गया है।

Parminder Singh Jhota Murder: राजा वड़िंग ने कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल
कांग्रेस नेता अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने झोट्टा की हत्या पर दुख जताते हुए पंजाब की कानून-व्यवस्था और आम आदमी पार्टी सरकार की नशा विरोधी नीति पर सवाल उठाए। उन्होंने घटना को सरकार की नाकामी से जोड़ते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान से जवाब मांगा। ये आरोप वड़िंग की राजनीतिक प्रतिक्रिया का हिस्सा हैं; घटना की जांच और सरकार की नीति का मूल्यांकन अलग-अलग विषय हैं।
बिक्रम मजीठिया ने भी जताई चिंता
शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने भी झोट्टा की हत्या को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों की सुरक्षा और नशे की समस्या से निपटने के सरकारी प्रयासों पर चिंता जताई। मानसा में हुई इस हत्या की जांच से यह स्पष्ट होना बाकी है कि गोलीबारी किन परिस्थितियों में हुई और इसके पीछे क्या वजह थी। फिलहाल, मेडिकल स्टोर संचालक पर लगे आरोपों को जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही अंतिम रूप से देखा जाना चाहिए।
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