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भारत–कनाडा संबंधों को नई दिशा, व्यापार और निवेश पर बढ़ेगा सहयोग: पीयूष गोयल

Piyush Canada Meeting: केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत के प्रीमियर डेविड एबी से मुलाकात कर भारत–कनाडा संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा की। बैठक में दोनों देशों के बीच नए अवसरों को खोलने, व्यापार बढ़ाने और निवेश सहयोग को गहरा करने पर जोर दिया गया।पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इस मुलाकात को सकारात्मक और उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि बातचीत का मुख्य उद्देश्य आर्थिक साझेदारी को नई गति देना और ऐसे क्षेत्रों की पहचान करना है, जहां दोनों देश मिलकर काम कर सकते हैं।

इन क्षेत्रों में बढ़ेगा सहयोग

केंद्रीय मंत्री के अनुसार, भारत और कनाडा के बीच महत्वपूर्ण खनिज, मैन्युफैक्चरिंग, स्वच्छ ऊर्जा, टेक्नोलॉजी, शिक्षा, रक्षा और इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में सहयोग की व्यापक संभावनाएं हैं। दोनों पक्षों ने माना कि निरंतर संवाद और साझेदारी से न केवल नए मौके मिलेंगे, बल्कि द्विपक्षीय रिश्ते भी और मजबूत होंगे।

Piyush Canada Meeting: कनाडा दौरे की तैयारी

पीयूष गोयल ने बताया कि वे जल्द ही एक बड़े व्यापार और निवेश प्रतिनिधिमंडल के साथ कनाडा का दौरा करेंगे। इस यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के कारोबारी संबंधों को आगे बढ़ाना और निवेश के नए रास्ते खोलना है। इसके साथ ही भारत और कनाडा के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) पर बातचीत शुरू करने का लक्ष्य भी रखा गया है।

ब्रिटिश कोलंबिया की अहम भूमिका

ब्रिटिश कोलंबिया भारत का कनाडा में सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। वर्ष 2024 में दोनों के बीच व्यापार 2.1 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो कनाडा से भारत को होने वाले कुल निर्यात का लगभग 25 प्रतिशत है। इस प्रांत में करीब 12,000 टेक्नोलॉजी कंपनियां हैं और लाइफ साइंस सेक्टर तेजी से विस्तार कर रहा है।

Piyush Canada Meeting: वैश्विक व्यापार रणनीति

भारत इस समय दुनिया के 14 देशों और समूहों के साथ व्यापार समझौतों पर बातचीत कर रहा है, जिनमें अमेरिका, यूरोपीय संघ, खाड़ी देश, न्यूजीलैंड, इजरायल, कनाडा और मर्कोसुर जैसे बड़े समूह शामिल हैं। इन प्रयासों का लक्ष्य भारत के वैश्विक व्यापार नेटवर्क को और मजबूत करना है। कुल मिलाकर, यह मुलाकात भारत–कनाडा संबंधों में नई ऊर्जा भरने और भविष्य की साझेदारियों की मजबूत नींव रखने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।

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