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प्रकृति बचाने का PM मोदी का संदेश, संस्कृत सुभाषित शेयर कर कही बड़ी बात

PM MODI SANDESH: विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर संस्कृत सुभाषित साझा करते हुए प्रकृति के संरक्षण और सम्मान को मानवता के कल्याण का मूल आधार बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा भी प्रकृति के प्रति सम्मान और संरक्षण का संदेश देती है।

संस्कृत श्लोक के माध्यम से दिया संदेश

प्रधानमंत्री ने पोस्ट में लिखा, “प्रकृति के संरक्षण और सम्मान में ही मानवता का कल्याण निहित है। हमारी परंपरा भी हमें इसी धर्मसम्मत आचरण की प्रेरणा देती है।” इसके साथ उन्होंने एक संस्कृत श्लोक साझा किया, जिसमें दिशाओं के रक्षक देवताओं, ऋतुओं, मासों, दिन-रात्रि और धर्म से मानव जीवन के मंगल एवं संरक्षण की कामना की गई है।

PM MODI SANDESH: प्रकृति और धर्म के सामंजस्य पर जोर

श्लोक का भावार्थ साझा करते हुए प्रधानमंत्री ने संकेत दिया कि प्रकृति और धर्म के साथ सामंजस्यपूर्ण जीवन ही सुख, सुरक्षा और समृद्धि का आधार है। उन्होंने कहा कि वेद, स्मृतियां और धर्म मनुष्य के जीवन की रक्षा और कल्याण का मार्ग प्रशस्त करते हैं।

लगातार साझा कर रहे हैं प्रेरक सुभाषित

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पिछले कुछ दिनों से लगातार ‘एक्स’ पर संस्कृत सुभाषित साझा कर रहे हैं। सोमवार को उन्होंने उत्तम चरित्र और सदाचार पर आधारित श्लोक पोस्ट किया था, जिसमें अच्छे आचरण को सफलता और नेतृत्व का आधार बताया गया था।

PM MODI SANDESH: 24 जुलाई को भी दिया था सकारात्मक चिंतन का संदेश

इससे पहले 24 जुलाई को प्रधानमंत्री ने कर्म, विचार और वाणी की शक्ति पर आधारित एक सुभाषित साझा किया था। उसमें उन्होंने संदेश दिया था कि मनुष्य जिस विचार और कर्म का निरंतर अभ्यास करता है, अंततः उसका व्यक्तित्व उसी दिशा में ढल जाता है। इसलिए सदैव कल्याणकारी चिंतन और संवाद को अपनाना चाहिए।

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