Politics: उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित रामलीला मैदान में 8 अगस्त को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद 10 अगस्त को हुए हवन व शुद्धिकरण अनुष्ठान के मुद्दे पर इन दिनों देशभर की सियासत गरमाई हुई है।कांग्रेस और भाजपा दोनों एक दूसरे के खिलाफ हमलावर हैं।राज्यों में आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए कांग्रेस इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाकर दलितों की सहानुभूति हासिल करने की रणनीति में है, तो भाजपा भी उस पर समाज में भेदभाव पैदा करने का आरोप लगा रही है।इस बीच उत्तराखंड में भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के लिए ‘बुद्धि शुद्धि’ यज्ञ का आयोजन भी कर दिया है।
क्यों गरमाई सियासत?
उत्तराखंड में अगले वर्ष के शुरू में ही विधानसभा चुनाव होना है, इसलिए राज्य की सियासत में हल्द्वानी शुद्धिकरण विवाद कुछ ज्यादा ही गर्म है। राज्य में कांग्रेस इस मुद्दे पर प्रदर्शन कर जहां भाजपा को घेरने की रणनीति में है, वहीं भाजपा भी इस मुद्दे पर आक्रामक हो गई है। भाजपा कांग्रेस को जिस तरीके से जवाब दे रही है, वह मीडिया की सुर्खियों में छा जा रहा है। देहरादून के दर्शन लाल चौक स्थित पंचायती मंदिर में भाजपा कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के लिए ‘बुद्धि शुद्धि’ यज्ञ-हवन का आयोजन किया, तो इसकी मीडिया और सोशल मीडिया में खूब चर्चा है।
Politics: आक्रामक हुई भाजपा
भाजपा और भाजपा एससी मोर्चा कार्यकर्ताओं ने कहा कि राहुल गांधी समाज में जातिगत विद्वेष फैलाकर राजनीति कर रहे हैं। भगवान उनकी बुद्धि शुद्ध करे।भाजपा राहुल गांधी की नीति और नीयत पर सवाल खड़े कर रही है कि वे अपनी राजनीति चमकाने के लिए हर मुद्दे को जातिगत और सांप्रदायिक रंग रंग दे देते हैं।हल्द्वानी में शुद्धिकरण करने वाले लोगों की भावना को जाने बिना ही उन्होंने जबरन इसे जातिगत रंग दे दिया है।
Politics: शुद्धिकरण से सुलगा विवाद
दरअसल, 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की एक रैली हुई थी।रैली के बाद 10 अगस्त को ‘श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास’ से जुड़े लोगों ने मैदान और मंच पर हवन व शुद्धिकरण अनुष्ठान किया था। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस शुद्धिकरण को दलित समुदाय और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का अपमान बताया। उन्होंने इसे भेदभाव और छुआछूत से जोड़कर मुद्दा बना दिया, जबकि ‘श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास’ से जुड़े लोगों का दावा है कि रैली स्थल पर गंदगी और शराब की बोतलें मिली थीं, इसीलिए अनुष्ठान व शुद्धिकरण की जरूरत पड़ी।








