Rahul Gandhi: मणिपुर में एक बार फिर हिंसा की घटनाओं ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। ताजा हिंसा में करीब 20 घरों के जलाए जाने की खबरों के बाद लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रपति शासन लागू होने के बावजूद राज्य में शांति स्थापित नहीं हो सकी है और हालात लगातार चिंताजनक बने हुए हैं। राहुल गांधी ने कहा कि मणिपुर लंबे समय से हिंसा की आग में झुलस रहा है और सरकार राज्य में सामान्य स्थिति बहाल करने में विफल रही है।
राहुल गांधी ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
राहुल गांधी ने सामाजिक माध्यम ‘एक्स’ पर एक समाचार रिपोर्ट साझा करते हुए कहा कि मणिपुर में दो सरकारों और राष्ट्रपति शासन के बावजूद हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। उन्होंने कहा कि एक बार फिर नफरत और हिंसा की घटनाओं में करीब 20 घर जलकर राख हो गए हैं। उनके अनुसार, राज्य में हजारों लोगों की जान जा चुकी है और अनेक परिवार उजड़ चुके हैं। उन्होंने कहा कि मणिपुर जिस पीड़ा से गुजर रहा है, उसकी कल्पना करना भी कठिन है।
Rahul Gandhi: विभाजनकारी राजनीति पर साधा निशाना
कांग्रेस नेता ने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि धर्म, जाति, भाषा, क्षेत्र और पहचान के आधार पर समाज को बांटने वाली राजनीति देश के लिए घातक साबित हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यही सोच मणिपुर जैसे संवेदनशील राज्य में हालात बिगाड़ने के लिए जिम्मेदार है। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि अब देश के लोगों ने प्रधानमंत्री से संवेदना और सहानुभूति की उम्मीद भी छोड़ दी है। उन्होंने मणिपुर में स्थायी शांति के लिए पूरे देश से एकजुट होकर प्रयास करने की अपील की।
महिला विक्रेताओं का प्रदर्शन और रिहाई की मांग
इससे पहले तेईस जून को मणिपुर में हजारों महिला विक्रेताओं ने धरना-प्रदर्शन कर केंद्रीय जांच और सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई का विरोध किया था। प्रदर्शनकारियों ने गांवों के स्वयंसेवकों की गिरफ्तारी को अनुचित बताते हुए उनकी बिना शर्त रिहाई की मांग की। प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रीय जांच एजेंसी, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल और मणिपुर पुलिस की कार्रवाई पर भी नाराजगी जताई गई। साथ ही अराम्बई तेंगगोल संगठन के तीन सदस्यों को भी तत्काल रिहा करने की मांग उठाई गई।
Rahul Gandhi: जातीय हिंसा के मामलों में जांच जारी
विरोध प्रदर्शनों से कुछ दिन पहले राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने मणिपुर में जातीय हिंसा से जुड़े छह अलग-अलग मामलों में दस आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी दी थी। एजेंसी के अनुसार यह कार्रवाई मणिपुर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के साथ संयुक्त अभियान के तहत की गई। अभियान इंफाल पूर्व, इंफाल पश्चिम, बिष्णुपुर, चूड़ाचांदपुर, उखरुल, चंदेल और फेरजावल सहित कई जिलों में चलाया गया। जांच एजेंसी का कहना है कि सभी मामलों की जांच जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे भी आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।








