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राहुल की ज्ञानेश कुमार के खिलाफ याचिका में 14 खामियां; क्या सुनवाई से पहले ही अटक गया पूरा मामला?

Rahul Gandhi

Rahul Gandhi: चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ राहुल गांधी की मुहिम अब सुप्रीम कोर्ट में कानूनी प्रक्रिया को लेकर चर्चा में है। विपक्ष के मार्च और ज्ञापन देने की कोशिश के बीच याचिका में 14 खामियां सामने आईं, जिसके कारण सुनवाई के लिए मामला सूचीबद्ध नहीं हो सका। ऐसे में सवाल है कि ये खामियां क्या हैं और क्या याचिका खारिज हुई है?

चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष का मार्च

चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर राहुल गांधी और विपक्षी दलों ने 12 अक्टूबर 2026 को दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च किया। विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग उठाई। इसी मुद्दे को लेकर राहुल गांधी समेत विपक्ष के 11 नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट में संयुक्त याचिका दाखिल की। याचिका में मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया और चुनाव आयोग के फैसलों पर सवाल उठाए गए हैं।

Rahul Gandhi: मुख्य न्यायाधीश को ज्ञापन देने की कोशिश पर सवाल

राहुल गांधी और विपक्षी नेताओं की ओर से मुख्य न्यायाधीश को ज्ञापन सौंपने की कोशिश भी घटनाक्रम का हिस्सा रही। विपक्ष की मांग थी कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और SIR से जुड़े मुद्दों पर ध्यान दिया जाए। हालांकि, मुख्य न्यायाधीश से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपना और अदालत में विधिवत याचिका दाखिल करना अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं। न्यायिक मामलों में शिकायतों और मांगों पर विचार निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत किया जाता है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट तक मार्च, ज्ञापन देने की योजना और याचिका दाखिल करने की कार्रवाई को अलग-अलग समझना जरूरी है।

याचिका में मिलीं 14 प्रक्रियागत खामियां

याचिका दाखिल होने के बाद सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने उसमें 14 कमियां दर्ज कीं। इनमें नौ याचिकाकर्ताओं के वकालतनामे नहीं होना, पहचान पत्र की अस्पष्ट प्रति और कोर्ट फीस में 220 रुपये की कमी जैसी आपत्तियां शामिल थीं। कुछ दस्तावेजों और उनके संलग्नकों को लेकर भी सवाल उठाए गए। वकालतनामा वह दस्तावेज है, जिसके जरिए कोई पक्षकार अपने वकील को अदालत में प्रतिनिधित्व करने का अधिकार देता है। इन प्रक्रियागत और दस्तावेजी कमियों के कारण याचिका सुनवाई के लिए सूचीबद्ध नहीं हो सकी।

Rahul Gandhi: ज्ञानेश कुमार के खिलाफ याचिका में क्या मांगें?

राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं ने याचिका में SIR प्रक्रिया और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की है। इसमें मतदाता सूची से हटाए गए नामों का स्वतंत्र ऑडिट कराने, नाम हटाने की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और संबंधित रिकॉर्ड की जांच जैसे मुद्दे उठाए गए हैं। याचिकाकर्ताओं ने यह भी मांग की है कि पात्र मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा की जाए और मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया की जवाबदेही तय हो। ये याचिका में की गई मांगें हैं, जिन पर अदालत का फैसला आना बाकी है।

क्या याचिका खारिज हो गई?

याचिका में 14 कमियां सामने आने के बाद 13 अक्टूबर को मामला सुनवाई के लिए सूचीबद्ध नहीं हो सका। हालांकि, सुनवाई के लिए सूचीबद्ध न होना और याचिका खारिज होना दो अलग-अलग स्थितियां हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, याचिका खारिज किए जाने का कोई आदेश सामने नहीं आया। फिलहाल मामला दाखिल करने से जुड़ी प्रक्रियागत आपत्तियों के कारण आगे की सुनवाई का इंतजार कर रहा है। याचिकाकर्ताओं को पहले दर्ज कमियों को दूर करना होगा, जिसके बाद सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है।

Rahul Gandhi: अब आगे क्या होगा?

इस पूरे घटनाक्रम में अब दो अहम पहलू हैं। पहला, विपक्ष की ओर से उठाए गए चुनाव आयोग और मतदाता सूची से जुड़े सवालों पर अदालत में सुनवाई कब होती है। दूसरा, याचिका में दर्ज 14 कमियों को दूर करने के बाद मामला किस तारीख को सूचीबद्ध होता है। सुप्रीम कोर्ट में मार्च और ज्ञापन देने की कोशिश राजनीतिक घटनाक्रम का हिस्सा हैं, जबकि याचिका पर सुनवाई अदालत की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार होगी। इसलिए फिलहाल यह कहना सही नहीं होगा कि अदालत ने राहुल गांधी की याचिका खारिज कर दी है।

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