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राजस्थान यूनिवर्सिटी का AI कांड! सवालों की जगह छपे जवाब, प्रशासन बोला- चुप रहो

राजस्थान यूनिवर्सिटी का AI कांड! सवालों की जगह छपे जवाब, प्रशासन बोला- चुप रहो

Rajasthan News: राजस्थान यूनिवर्सिटी एक बार फिर विवादों में घिर गई है। इस बार मामला विश्वविद्यालय की परीक्षा प्रणाली से जुड़ा है, जहां समाजशास्त्र विषय के प्रश्नपत्र में ऐसी गंभीर त्रुटि सामने आई कि परीक्षा शुरू होने के कुछ ही मिनटों में उसे रद्द करना पड़ा। छात्रों का आरोप है कि प्रश्नपत्र आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से तैयार किया गया था और उसमें सवालों की जगह सीधे जवाब तथा थ्योरी छाप दी गई थी।मंगलवार को ‘पीजी स्कूल ऑफ ह्यूमैनिटीज’ में समाजशास्त्र द्वितीय सेमेस्टर के ‘इंडियन सोसाइटी’ विषय की परीक्षा दोपहर 3 बजे शुरू होनी थी। छात्र तय समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचे और प्रश्नपत्र मिलने का इंतजार करने लगे। लेकिन जैसे ही प्रश्नपत्र उनके हाथों में पहुंचा, परीक्षा कक्ष में हलचल मच गई।छात्रों ने देखा कि प्रश्नपत्र में न तो कोई स्पष्ट प्रश्न था और न ही बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ)। इसके बजाय पूरे पेपर में केवल विस्तृत थ्योरी, व्याख्याएं और ऐसे पैराग्राफ लिखे हुए थे जो किसी एआई टूल से सीधे कॉपी-पेस्ट किए गए उत्तरों जैसे प्रतीत हो रहे थे।

पांच मिनट में मची अफरा-तफरी, परीक्षा करनी पड़ी रद्द

प्रश्नपत्र में गड़बड़ी सामने आने के बाद छात्रों ने तुरंत परीक्षा अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। बताया जा रहा है कि परीक्षा शुरू होने के महज पांच मिनट बाद ही प्रशासन हरकत में आया और सभी प्रश्नपत्र वापस ले लिए गए।स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने तत्काल परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया। छात्रों को सूचित किया गया कि अब यह परीक्षा 27 जून को दोबारा आयोजित की जाएगी।कुछ छात्रों ने आरोप लगाया है कि प्रश्नपत्र वापस लेने के दौरान अधिकारियों ने उनसे इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी बाहर साझा नहीं करने की बात कही। हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।इस घटनाक्रम से नाराज छात्रों का एक समूह प्रशासनिक कार्यालय पहुंचा और मामले की निष्पक्ष जांच तथा जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

Rajasthan News: छात्र संगठन ने उठाए गंभीर सवाल

एनएसयूआई के पदाधिकारी मनीष मेघवंशी ने कहा कि समाजशास्त्र विभाग के सेकंड सेमेस्टर की परीक्षा में हुई यह चूक बेहद चिंताजनक है। उनका कहना है कि छात्र परीक्षा लिखना शुरू करते उससे पहले ही प्रश्नपत्र की गंभीर खामियां सामने आ गई थीं।उन्होंने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय की गोपनीय परीक्षाओं के प्रश्नपत्र यदि एआई के जरिए तैयार किए जा रहे हैं तो उनकी मानवीय जांच और सत्यापन भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए। ऐसी लापरवाही न केवल परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करती है, बल्कि छात्रों के भविष्य को भी प्रभावित कर सकती है।

Rajasthan News: जांच के आदेश, लेकिन उठ रहे कई सवाल

मामले के तूल पकड़ने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि प्रश्नपत्र वास्तव में एआई की मदद से तैयार किया गया था या नहीं, लेकिन सामने आई त्रुटियों ने विश्वविद्यालय की परीक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं।फिलहाल पूरे जयपुर में इस ‘एआई वाले प्रश्नपत्र’ की चर्चा जोरों पर है। शिक्षा जगत के विशेषज्ञ भी इस घटना को परीक्षा प्रबंधन में तकनीक के उपयोग और मानवीय निगरानी की आवश्यकता से जोड़कर देख रहे हैं। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे इस पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकेगी।

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