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राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: 20 दिन बाद FIR, ट्रस्टी कृष्णमोहन की शिकायत पर आठ नामजद आरोपी

 Ram Mandir FIR:

Ram Mandir FIR: अयोध्या के राम मंदिर के दानपात्रों की धनराशि में कथित गबन के मामले में 20 दिन बाद आखिरकार एफआईआर दर्ज कर ली गई। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन की शिकायत पर गुरुवार शाम रामजन्मभूमि थाने में आठ नामजद और अन्य अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद यह कार्रवाई की गई।

Ram Mandir FIR: इन आठ लोगों पर दर्ज हुआ मुकदमा-

एफआईआर में रामशंकर यादव टिन्नू, अनुकल्प मिश्र, लवकुश मिश्र, मनीष यादव, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्र, अविनाश शुक्ल और सेवानिवृत्त बैंककर्मी सुभाष श्रीवास्तव को नामजद किया गया है। हालांकि ट्रस्ट के शीर्ष पदाधिकारी चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्र और गोपाल राव के नाम एफआईआर में शामिल नहीं हैं।

Ram Mandir FIR: शुरुआती जांच में मिले कई अहम सुराग-

मामला 5 जून को सामने आने के बाद ट्रस्ट ने आंतरिक जांच शुरू की थी। 7 जून को समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा सोशल मीडिया पर मुद्दा उठाने के बाद मामला सुर्खियों में आया। इसके बाद प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी रिपोर्ट तलब की और राज्य सरकार ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया।

एसआईटी जांच के बाद दर्ज हुई एफआईआर-

15 जून से एसआईटी ने मंदिर परिसर में जांच शुरू की और ट्रस्ट पदाधिकारियों समेत करीब 150 कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। बयानों में विरोधाभास मिलने के बाद कई कर्मचारियों से गहन पूछताछ की गई। 23 जून को एसआईटी ने गृह विभाग को 20 पन्नों की प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी, जिसके आधार पर 25 जून को एफआईआर दर्ज की गई।

आरोपियों से नकदी भी बरामद-

जांच के दौरान अनुकल्प मिश्र के घर से करीब 20 लाख रुपये, लवकुश मिश्र के घर से लगभग 10 लाख रुपये और अन्य आरोपियों के पास से भी नकदी बरामद होने का दावा किया गया है। जांच एजेंसियां आरोपियों के बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन की भी पड़ताल कर रही हैं।

किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला-

आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की चोरी, आपराधिक विश्वासघात, गबन, आपराधिक षड्यंत्र, संगठित अपराध और पूजा स्थल में रखी संपत्ति की चोरी से जुड़ी धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इसके अलावा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13 के तहत भी कार्रवाई की गई है।

आरोपियों की संख्या बढ़ने की संभावना-

सूत्रों के अनुसार जांच अभी जारी है और आगे कुछ नए तथ्य सामने आने के साथ आरोपियों की संख्या भी बढ़ सकती है। पुलिस और एसआईटी मामले के सभी पहलुओं की विस्तृत जांच कर रही हैं।

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