Sahil Wakode Death: आईआईटी बॉम्बे बीटेक 2nd ईयर के छात्र साहिल रविंद्र वाकोडे की आत्महत्या के बाद कैंपस में विरोध प्रदर्शन जारी है। विरोध प्रदर्शन की गतिविधियों को देखकर आईआईटी बॉम्बे कॉलेज के संस्थान ने मिड सेमेस्टर परीक्षा को बीच में ही डालने का फैसला लिया है। जारी नोटिस के मुताबिक पहले यह परीक्षाएं 26 और 27 सितंबर को होने वाली थीं, लेकिन अब इन परीक्षाओं की तारीख आगे बढ़ाने का फैसला लिया है। आधिकारिक नोटिस के मुताबिक मिड सेमेस्टर परीक्षा 10 और 11 अक्टूबर को होगी। संस्थान ने यह फैसला छात्रों के प्रतिनिधियों से बातचीत करने के बाद लिया है।
Sahil Wakode Death: आईआईटी बॉम्बे ने किया नई कमेटी का गठन-
विरोध प्रदर्शन को देखते हुए आईआईटी बॉम्बे ने नई कमेटी बनाने का फैसला किया है, जिसमें छात्रों का भी बराबर प्रतिनिधित्व है। यह नई कमेटी परीक्षा के दौरान निगरानी करने वाले इनविजिलेटर के लिए नियम तय करेगी, जो कि छात्रों के हितों को ध्यान में रखकर बनाए जाएंगे।
Sahil Wakode Death: कौन है साहिल रविंद्र वाकोडे-
साहिल रविंद्र वाकोडे महाराष्ट्र के यवतमाल के रहने वाले थे। उनके पिता रविंद्र वाकोडे हैं और माता सोनाली वाकोडे पेशे से शिक्षिका हैं। पढ़ाई के साथ-साथ साहिल की बैडमिंटन और स्केटिंग में भी रुचि थी। सूत्रों के अनुसार साहिल आईआईटी के साथ-साथ सिविल सर्विसेज की भी तैयारी कर रहे थे। वह संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा आयोजित की जाने वाली परीक्षा सिविल सर्विस एग्जामिनेशन (CSE) की तैयारी करने की इच्छा रखते थे। साहिल का यह सपना था कि वह आईएएस ऑफिसर बने। परिवार के अनुसार साहिल एक बेहद होनहार छात्र थे। उनका ध्यान सिर्फ पढ़ाई पर ही केंद्रित था। उनका सपना सिविल सेवा परीक्षा पास करना था।
कैसे हुई साहिल वाकोडे की मौत-
आईआईटी बॉम्बे के साहिल वाकोडे 18 सितंबर 2026 को अपने हॉस्टल के कमरे में मृत पड़े मिले। पुलिस प्रशासन द्वारा जांच में यह पता चला कि साहिल की मौत आत्महत्या की वजह से हुई थी। इस घटना में पुलिस प्रशासन ने जांच सूची के अनुसार आईआईटी संस्थान से सवाल किया और जवाब में यह पता चला कि साहिल की आत्महत्या का कारण परीक्षा में हुआ विवाद है। आईआईटी बॉम्बे संस्थान के अनुसार मिड सेमेस्टर परीक्षा के दौरान साहिल के पास से मोबाइल फोन मिला था। संस्थान के अनुसार साहिल प्रश्न पत्र के उत्तर खोजने के लिए ChatGPT का प्रयोग कर रहे थे, जिसके बाद संस्थान ने तुरंत एक्शन लेते हुए उनकी परीक्षा रोक दी थी। आगे संस्थान ने यह भी बताया कि साहिल की इस हरकत पर संस्थान ने उनके ऊपर कोई दबाव नहीं डाला और ना ही कोई कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की। साहिल से बस सामान्य बातचीत की थी।
कौन हैं प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला-
प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला आईआईटी बॉम्बे के डिपार्टमेंट ऑफ एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग में प्रोफेसर हैं। उनका शोध क्षेत्र पावर सिस्टम, स्मार्ट ग्रिड और माइक्रोग्रिड जैसे विषयों से जुड़ा है। उन्होंने साल 2000 में नागार्जुन यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक, 2002 में आईआईटी बॉम्बे से एनर्जी सिस्टम्स इंजीनियरिंग में एमटेक और 2007 में आईआईटी दिल्ली से पावर सिस्टम में पीएचडी की है।
साहिल के परिवार ने लगाया आरोप-
साहिल की माता सोनाली वाकोडे और पिता रविंद्र वाकोडे ने संस्थान के एक प्रोफेसर पर आरोप लगाया है। साहिल के परिवार के अनुसार संस्थान के प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला ने साहिल के साथ जातिगत भेदभाव किया था और साहिल को मानसिक रूप से धमकाया था। इसके अलावा साहिल के पिता रविंद्र वाकोडे ने यह आरोप लगाया है कि प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला ने साहिल को झूठे आरोप में फँसाने की धमकी दी थी।
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