Sai Sudharsan Century: भारत-ए और श्रीलंका-ए के बीच गाले में खेले जा रहे पहले अनऑफिशियल टेस्ट मैच में युवा बल्लेबाज साई सुदर्शन ने शानदार शतक जड़कर एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। ओपनिंग करने उतरे सुदर्शन ने 130 गेंदों में शतक पूरा किया और अपनी पारी के दौरान 14 चौके लगाए। इस शानदार प्रदर्शन के साथ उन्होंने भारतीय टेस्ट टीम में नंबर-3 बल्लेबाज की दौड़ में अपना दावा और मजबूत कर दिया है।
Sai Sudharsan Century: गंभीर के भरोसे को किया साबित-
अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मैच से पहले भारतीय टीम मैनेजमेंट और मुख्य कोच गौतम गंभीर ने संकेत दिए थे कि नंबर-3 की रेस में साई सुदर्शन फिलहाल देवदत्त पडिक्कल से आगे हैं। गंभीर का मानना था कि किसी खिलाड़ी का सही मूल्यांकन तभी हो सकता है जब उसे लगातार मौके मिलें। सुदर्शन ने मैदान पर इस भरोसे को सही साबित किया। अफगानिस्तान के खिलाफ 81 रन की प्रभावशाली पारी खेलने के बाद उन्होंने श्रीलंका-ए के खिलाफ शतक ठोककर दिखा दिया कि वह लंबी रेस के खिलाड़ी हैं और टेस्ट क्रिकेट में भी खुद को स्थापित करने की क्षमता रखते हैं।
Sai Sudharsan Century: IPL 2026 में भी दिखाया था दम-
साई सुदर्शन के लिए साल 2026 अब तक बेहद शानदार रहा है। आईपीएल 2026 में गुजरात टाइटंस की ओर से खेलते हुए उन्होंने 17 मैचों में 722 रन बनाए थे। पूरे सीजन में उनकी बल्लेबाजी चर्चा का विषय रही और वह टूर्नामेंट के शीर्ष रन स्कोररों में शामिल रहे।
व्हाइट-बॉल क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के बाद अब उन्होंने रेड-बॉल क्रिकेट में भी उसी लय को बरकरार रखते हुए बड़ा शतक जड़ दिया है। इससे उनकी तकनीक और निरंतरता दोनों का प्रमाण मिलता है।
मैच का हाल-
भारत-ए की शुरुआत साई सुदर्शन और आयुष पांडे ने की। आयुष पांडे 25 रन बनाकर आउट हुए, जबकि नंबर-3 पर उतरे देवदत्त पडिक्कल 12 रन ही बना सके। ऋतुराज गायकवाड़ ने 22 रन का योगदान दिया।इसके बाद कप्तान ध्रुव जुरेल ने सुदर्शन का साथ संभाला। खबर लिखे जाने तक भारत-ए ने 3 विकेट के नुकसान पर 188 रन बना लिए थे। साई सुदर्शन 116 रन और ध्रुव जुरेल 5 रन बनाकर क्रीज पर मौजूद थे।
दोनों टीमों की प्लेइंग इलेवन-
भारत-ए-
साई सुदर्शन, आयुष पांडे, देवदत्त पडिक्कल, ऋतुराज गायकवाड़, ध्रुव जुरेल (कप्तान/विकेटकीपर), शेख रशीद, हर्ष दुबे, सारांश जैन, अंशुल कंबोज, यश ठाकुर और आकिब नबी डार।
श्रीलंका-ए-
पवनथा वीरासिंघे, निरोशन डिकवेला (विकेटकीपर), नुवानिदु फर्नांडो, आसेन बंडारा, सहान अराचिगे (कप्तान), रविंदु फर्नांडो, अंजलि बंडारा, कविंदु पाथिरत्ने, दुलाज समुदिता, चमिका गुणसेकरा और दिलुम सुदीरा।
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