Saifai Syndicate: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में आयोजित शिक्षक-स्नातक सम्मेलन में समाजवादी पार्टी (सपा) पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने सपा सरकार के कार्यकाल में सरकारी भर्तियों को लेकर गंभीर आरोप लगाए। सीएम योगी ने दावा किया कि उस समय भर्ती प्रक्रिया में परिवार के लोगों का दबदबा था और सैफई सिंडिकेट के बाहर किसी को नौकरी नहीं मिलती थी। इसके साथ ही उन्होंने सपा के पीडीए फॉर्मूले और राज्यसभा उम्मीदवारों के चयन पर भी सवाल उठाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीजेपी सरकार ने पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश के साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र दिए हैं।
Saifai Syndicate: सपा के पीडीए फॉर्मूले पर CM योगी ने उठाए सवाल-
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में समाजवादी पार्टी के पीडीए फॉर्मूले पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सपा पीडीए की बात करती है, लेकिन राज्यसभा के टिकट बांटते समय यह फॉर्मूला कहां चला गया? सीएम योगी ने पीडीए का अर्थ ‘परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी’ बताते हुए सपा पर परिवारवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने अपने उम्मीदवारों के चयन में पीडीए के सिद्धांतों का पालन नहीं किया।
Saifai Syndicate: राज्यसभा टिकट को लेकर सपा पर साधा निशाना-
सीएम योगी ने सपा के राज्यसभा उम्मीदवारों के चयन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पार्टी ने एक टिकट अपने चाचा को दिया, जबकि दूसरी सीट पर मुंबई के एक धन्नासेठ को उम्मीदवार बनाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा किसी स्थानीय यादव नेता, दलित या अन्य वर्ग के व्यक्ति को भी उम्मीदवार बना सकती थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इन फैसलों से पार्टी के परिवारवाद की राजनीति उजागर होती है।
सपा सरकार में भर्ती प्रक्रिया पर लगाए गंभीर आरोप-
शिक्षक-स्नातक सम्मेलन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा सरकार के दौरान सरकारी भर्तियों को लेकर भी आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उस समय भर्ती आयोगों में अयोग्य लोगों को जिम्मेदारियां दी गई थीं। सीएम योगी ने अनिल यादव का जिक्र करते हुए उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि उस समय युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ होता था और भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताएं होती थीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा सरकार के दौरान प्रदेश में अराजकता, गुंडागर्दी, दंगे और माफिया का प्रभाव था। हालांकि, इन आरोपों पर समाजवादी पार्टी की प्रतिक्रिया इस खबर में शामिल नहीं है।
‘सैफई सिंडिकेट के बाहर किसी को नौकरी नहीं मिलती थी’-
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान भर्ती प्रक्रिया पर एक खास परिवार का प्रभाव था। उन्होंने कहा कि भर्ती से जुड़े फैसलों में परिवार के लोगों की भूमिका रहती थी और चाचा-भतीजे की जोड़ी पर वसूली के आरोप लगाए। सीएम योगी ने दावा किया कि उस समय सैफई सिंडिकेट के बाहर के युवाओं को सरकारी नौकरी मिलना मुश्किल था। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी के कारण युवाओं को नुकसान उठाना पड़ा।
अगले छह महीने में एक लाख युवाओं को मिलेंगे नियुक्ति पत्र-
सीएम योगी ने अपनी सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि बीजेपी की डबल इंजन सरकार ने पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश के साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र दिए हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि अगले छह महीने में एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र बांटे जाएंगे। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार युवाओं को रोजगार देने और भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए काम कर रही है। योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में सपा सरकार के कार्यकाल और मौजूदा बीजेपी सरकार की नीतियों की तुलना करते हुए भर्ती प्रक्रिया, परिवारवाद और युवाओं के रोजगार को प्रमुख मुद्दा बनाया।
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