Sawan First Monday: सावन माह के पहले सोमवार पर रामनगरी अयोध्या पूरी तरह शिवभक्ति और आस्था के रंग में रंगी नजर आई। कांवड़ यात्रा और सावन झूला मेले के चलते लाखों श्रद्धालुओं का अयोध्या पहुंचना लगातार जारी है। श्रद्धालु सरयू नदी में आस्था की डुबकी लगाने के बाद नागेश्वरनाथ मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक कर रहे हैं। शहर के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने पूरे मेला क्षेत्र में विशेष व्यवस्थाएं लागू की हैं। मेले की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जहां से लगातार निगरानी और सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जा रहा है।
रामनगरी के प्रमुख मंदिरों में कड़ी सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन
सावन मेले और कांवड़ यात्रा को लेकर नागेश्वरनाथ मंदिर, कनक भवन, हनुमानगढ़ी और श्रीराम जन्मभूमि मंदिर सहित सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए यातायात संचालन के लिए विशेष योजना लागू की गई है, ताकि दर्शन और आवागमन दोनों सुचारु रूप से चलते रहें। प्रशासन का प्रयास है कि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा का सामना न करना पड़े और पूरे मेले का संचालन शांतिपूर्ण वातावरण में हो।
Sawan First Monday: घाटों पर कार्रवाई से पुरोहितों में नाराजगी
नयाघाट सहित कई प्रमुख घाटों पर प्रशासन ने पुरोहितों के छप्पर और तख्त हटवा दिए हैं। इस कार्रवाई के बाद पुरोहित समाज ने नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि तेज धूप और बारिश के बीच बिना छाया के घाटों पर बैठकर पूजा-पाठ कराना बेहद कठिन होगा। साथ ही उनका यह भी कहना है कि इस कदम से उनकी आजीविका प्रभावित हो सकती है। प्रशासन और पुरोहितों के बीच इस मुद्दे को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है।
Sawan First Monday: करीब 20 लाख श्रद्धालुओं के आगमन का अनुमान
श्रावण मास के दौरान आयोजित होने वाले कांवड़ यात्रा और सावन झूला मेले में इस बार लगभग 20 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान लगाया गया है। विशेष आकर्षण मणिपर्वत का झूलनोत्सव रहेगा, जहां अयोध्या के प्रमुख मंदिरों के विग्रहों को पारंपरिक झूलों पर विराजमान कर भजन, कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच झुलाया जाएगा। केवल मणिपर्वत मेले में ही करीब पांच लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए वहां बैरिकेडिंग, साफ-सफाई, अस्थायी शौचालयों और महिलाओं के लिए अतिरिक्त चेंजिंग रूम की व्यवस्था की गई है।
पांच जोन और 21 सेक्टर में बंटी सुरक्षा व्यवस्था
श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अयोध्याधाम और कैट क्षेत्र को पांच जोन और 21 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। घाट जोन, नागेश्वरनाथ मंदिर जोन, हनुमानगढ़ी मंदिर जोन, कनक भवन मंदिर जोन और यातायात जोन में अलग-अलग पुलिस अधिकारियों और जवानों की दो पालियों में ड्यूटी लगाई गई है। सुरक्षा व्यवस्था की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तत्काल निपटा जा सके।
Sawan First Monday: बाहरी जिलों का पुलिस बल भी तैनात, हर स्तर पर निगरानी
एसपी सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए क्यूआरटी, यातायात प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण की व्यापक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बाहरी जिलों से भी अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया है। पूरे मेला क्षेत्र में 13 निरीक्षक, 150 उपनिरीक्षक, 20 महिला उपनिरीक्षक, 650 हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल, 85 महिला कांस्टेबल, दो यातायात निरीक्षक, 34 यातायात उपनिरीक्षक, 210 यातायात पुलिसकर्मी, पीएसी की नौ कंपनियां, एसडीआरएफ की दो टीमें तथा एक क्विक रिस्पांस टीम तैनात की गई है। प्रशासन का उद्देश्य है कि पूरा श्रावण मेला सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो तथा श्रद्धालु बिना किसी बाधा के अपनी आस्था का निर्वहन कर सकें।
श्रावण मास में होंगे कई प्रमुख धार्मिक आयोजन
श्रावण मास के दौरान अयोध्या में धार्मिक आयोजनों की श्रृंखला जारी रहेगी। 10 अगस्त को दूसरा सावन सोमवार, 11 अगस्त को श्रावण शिवरात्रि, 15 अगस्त को मणिपर्वत झूलनोत्सव, 17 अगस्त को तीसरा सावन सोमवार और नागपंचमी, 19 अगस्त को गोस्वामी तुलसीदास जयंती, 23 अगस्त को सर्व पुत्रदा एकादशी, 24 अगस्त को चौथा सावन सोमवार, 26 अगस्त को त्रयोदशी एवं शिवरात्रि प्रदोष तथा 28 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा और रक्षाबंधन के साथ सावन झूला मेले का समापन होगा। इन सभी आयोजनों को लेकर प्रशासन ने पहले से ही व्यापक तैयारियां कर ली हैं।
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