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केरल में शिगेला का बढ़ता कहर: 7 वर्षीय मासूम समेत 5 की मौत, 147 पहुंचा संक्रमितों का आंकड़ा

केरल में शिगेला का बढ़ता कहर

Shigella Infection Kerala: केरल में शिगेला संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और इसके कारण होने वाली मौतों की संख्या भी चिंता बढ़ा रही है। राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार को शिगेला संक्रमण से दो और लोगों की मौत की पुष्टि की है। इसके साथ ही इस साल संक्रमण से जान गंवाने वालों की कुल संख्या पांच हो गई है। स्वास्थ्य विभाग प्रभावित मरीजों की निगरानी और उपचार पर विशेष ध्यान दे रहा है।

7 वर्षीय बच्चे की इलाज के दौरान मौत

अधिकारियों के मुताबिक, मलप्पुरम जिले के पूक्कोट्टूर निवासी सात वर्षीय अर्जव की सोमवार को कोझिकोड सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। बच्चे को तेज बुखार और दस्त की शिकायत के बाद 12 जून को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जांच के दौरान उसमें शिगेला संक्रमण की पुष्टि हुई थी। उपचार के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।

स्वास्थ्य विभाग ने यह भी बताया कि त्रिशूर जिले के कोडकारा के रहने वाले 43 वर्षीय व्यक्ति की 13 जून को हुई मौत भी शिगेला संक्रमण के कारण हुई थी। दोनों मौतों की पुष्टि के बाद स्वास्थ्य विभाग ने स्थिति पर नजर और कड़ी कर दी है।

Shigella Infection Kerala: केरल में शिगेला का बढ़ता कहर
केरल में शिगेला का बढ़ता कहर

Shigella Infection Kerala: जून में तेजी से बढ़े संक्रमण के मामले

स्वास्थ्य सेवा निदेशालय के आंकड़ों के अनुसार, सोमवार को तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, त्रिशूर, मलप्पुरम, कन्नूर और कोझिकोड जिलों से शिगेला संक्रमण के आठ नए मामले सामने आए। इसके साथ ही वर्ष 2026 में राज्य में दर्ज कुल मामलों की संख्या 147 तक पहुंच गई है। इनमें से 71 मामले केवल जून महीने में सामने आए हैं, जिससे संक्रमण के तेजी से फैलने की आशंका बढ़ गई है।

क्या होता है शिगेला संक्रमण?

शिगेला एक प्रकार का बैक्टीरिया है, जो शिगेलोसिस नामक आंतों के संक्रमण का कारण बनता है। इस बीमारी में आमतौर पर दस्त, बुखार, पेट दर्द और पेट में ऐंठन जैसी समस्याएं देखने को मिलती हैं। यह संक्रमण दूषित भोजन, असुरक्षित पानी और संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से फैल सकता है।

हालांकि अधिकांश मामलों में यह बीमारी हल्की होती है, लेकिन छोटे बच्चों, बुजुर्गों और पहले से किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों के लिए यह खतरनाक साबित हो सकती है। समय पर इलाज न मिलने पर स्थिति गंभीर हो सकती है।

स्वास्थ्य विभाग ने जारी की चेतावनी

हाल की मौतों को देखते हुए स्वास्थ्य अधिकारियों ने मलप्पुरम सहित कई जिलों में निगरानी बढ़ा दी है। लोगों को साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने, केवल सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल का उपयोग करने तथा भोजन से पहले और शौचालय के बाद हाथ धोने की सलाह दी गई है।

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि बुखार, लगातार दस्त, उल्टी या मल में खून आने जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। समय पर जांच और इलाज से संक्रमण के गंभीर प्रभावों से बचा जा सकता है।

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