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Shiv Sena: कोल्हापुर में ठाकरे गुट को बड़ा झटका, जिला प्रमुख रविकिरण इंगवले ने दिया इस्तीफा

Shiv Sena : शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) को महाराष्ट्र के कोल्हापुर में बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पार्टी के जिला प्रमुख रविकिरण इंगवले ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि, उन्होंने पार्टी छोड़ने से इनकार किया है, लेकिन इस्तीफे के बाद दिए गए उनके बयान ने संगठन के भीतर चल रहे मतभेदों और असंतोष को फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है। इससे पहले भी लोकसभा चुनाव के बाद पार्टी के कई सांसदों के पाला बदलने से ठाकरे गुट दबाव में रहा है। ऐसे में कोल्हापुर में यह घटनाक्रम पार्टी संगठन के लिए नई चुनौती माना जा रहा है। रविकिरण इंगवले को कोल्हापुर में ठाकरे गुट का मजबूत और सक्रिय नेता माना जाता है।

वह दो बार शहर प्रमुख की जिम्मेदारी निभा चुके हैं। पिछले वर्ष उन्हें जिला प्रमुख बनाया गया था। हालांकि उनकी नियुक्ति के बाद से ही स्थानीय स्तर पर कुछ नेताओं के बीच असंतोष और खींचतान की खबरें सामने आने लगी थीं। इसके बावजूद वह संगठन को मजबूत करने के प्रयासों में लगातार सक्रिय रहे।

Shiv Sena: बढ़ी राजनीतिक चर्चा

पद छोड़ने के बाद रविकिरण इंगवले ने कहा, “आखिर कब तक अकेले मोर्चा संभालता रहूं? मैं कब तक अकेला आगे बढ़कर खेलता रहूं। अब मेरी इच्छा पीछे रहकर जिम्मेदारी निभाने की है। इसलिए फिलहाल आराम करने के लिए मैंने यह फैसला लिया है।” उनके इस बयान को पार्टी के भीतर सहयोग की कमी और बढ़ते मतभेदों से जोड़कर देखा जा रहा है, जिससे कोल्हापुर की राजनीति में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।

अंदरूनी विवाद पहले भी आ चुके हैं सामने

पार्टी के उपनेता संजय पवार, हर्षल सुर्वे और अन्य नेताओं के बीच मतभेद पहले भी सार्वजनिक हो चुके हैं। हाल के दिनों में संगठन में समन्वय की कमी और कार्यशैली को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं। इसी बीच रविकिरण इंगवले और शहर प्रमुख मंजीत माने के बीच कथित टेलीफोन वार्ता का एक ध्वनि रिकॉर्ड सामाजिक माध्यमों पर वायरल होने के बाद विवाद और गहरा गया। माना जा रहा है कि इन घटनाओं का असर संगठन की एकजुटता पर भी पड़ा है।

नई जिम्मेदारी किसे मिलेगी?

रविकिरण इंगवले ने स्पष्ट किया है कि उन्होंने केवल जिला प्रमुख पद से इस्तीफा दिया है, पार्टी नहीं छोड़ी है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें किसी व्यक्ति से निजी शिकायत नहीं है, लेकिन उनके बारे में बयान देने वालों को सावधान रहने की जरूरत है क्योंकि उनके पास सभी की पूरी जानकारी है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि पार्टी नेतृत्व कोल्हापुर की कमान किसे सौंपेगा और क्या रविकिरण इंगवले भविष्य में भी ठाकरे गुट के साथ सक्रिय भूमिका निभाते रहेंगे। फिलहाल, स्थानीय कार्यकर्ताओं के बीच स्थिति को लेकर असमंजस बना हुआ है।

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Written By : Rashmi Sharma