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एसआईआर पर सुप्रीम कोर्ट फैसले से बढ़ी सियासत, मंत्री गिरिराज सिंह बोले विपक्ष बेनकाब हुआ

SIR Judgement:
SIR Judgement: Supreme Court decision on SIR increases politics

SIR Judgement: सुप्रीम कोर्ट द्वारा मतदाता सूची की विशेष गहन समीक्षा प्रक्रिया को वैध ठहराए जाने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी ने इस फैसले को विपक्ष के लिए बड़ा झटका बताते हुए कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल पर जनता को भ्रमित करने का आरोप लगाया है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने विपक्ष की राजनीति को बेनकाब कर दिया है।

गिरिराज सिंह ने विपक्ष पर साधा निशाना

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि बिहार और पश्चिम बंगाल में विशेष गहन समीक्षा को लेकर विपक्ष ने गलत माहौल बनाने की कोशिश की। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी, ममता बनर्जी, तेजस्वी यादव और अन्य विपक्षी नेता जनता के बीच भ्रम फैला रहे थे। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने संवैधानिक प्रक्रिया के तहत काम किया और अब सुप्रीम कोर्ट ने भी स्पष्ट कर दिया है कि यह पूरी तरह वैध प्रक्रिया है। गिरिराज सिंह ने कहा कि अदालत के फैसले से “दूध का दूध और पानी का पानी” हो गया है।

SIR Judgement: भाजपा नेताओं ने फैसले का किया स्वागत

केंद्रीय राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि देश के नागरिक विशेष गहन समीक्षा प्रक्रिया का समर्थन करते हैं। उनके अनुसार, इसका उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन करना है ताकि मृत व्यक्तियों और स्थान बदल चुके लोगों के नाम हटाए जा सकें। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया से अवैध घुसपैठियों को मतदाता सूची में शामिल होने से रोका जा सकेगा। भाजपा नेताओं का दावा है कि यह अभियान चुनावी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

विपक्ष पर भ्रम फैलाने का आरोप

जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय प्रवक्ता नीरज कुमार ने भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि अदालत ने चुनाव आयोग की कार्रवाई को सही ठहराया है और विपक्ष द्वारा फैलाए गए भ्रम को खारिज कर दिया है। भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि विपक्ष ने बिहार और पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान मतदाता सूची को लेकर लोगों में डर और भ्रम फैलाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया है कि मतदाता सूची में सुधार करना चुनाव आयोग का अधिकार है। भाजपा नेताओं ने विपक्ष से इस मुद्दे पर जनता से माफी मांगने की भी मांग की है।

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