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SIT: एसआईटी जांच में कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई के कथित पाकिस्तान कनेक्शन पर गंभीर खुलासे

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New Delhi: Congress MP Gaurav Gogoi addresses students from the Northeast in a protest demanding justice for Anjel Chakma at Jantar Mantar, in New Delhi, Wednesday, December 31, 2025. (Photo: IANS/Wasim Sarvar)

SIT: असम में गठित विशेष जांच टीम (एसआईटी) की जांच में कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई और उनकी पत्नी एलिजाबेथ गोगोई के कथित पाकिस्तानी संपर्कों को लेकर कई अहम और चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। एसआईटी ने पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख को इस पूरे नेटवर्क की मुख्य कड़ी के रूप में चिन्हित किया है, जो पाकिस्तान के योजना आयोग का सलाहकार बताया जा रहा है।

अली तौकीर शेख को बताया गया मुख्य हैंडलर

एसआईटी की जांच में सामने आया है कि अली तौकीर शेख एलिजाबेथ गोगोई का करीबी सहयोगी रहा है और उसी ने ‘लीड पाकिस्तान’ नामक एनजीओ की स्थापना की थी। इसी संगठन में एलिजाबेथ गोगोई ने काम किया था। जांच रिपोर्ट के अनुसार, शेख सोशल मीडिया पर भारत की संसद, आंतरिक राजनीति और नीतिगत मामलों पर लगातार टिप्पणियां करता रहा है, जिससे भारत विरोधी मंशा की आशंका जताई गई है।

SIT: अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के जरिए संपर्क बढ़ाने का आरोप

एसआईटी के मुताबिक, अली तौकीर शेख ने जलवायु परिवर्तन से जुड़े अंतरराष्ट्रीय मंचों और थिंक टैंक नेटवर्क के माध्यम से भारत में अपने संपर्कों का दायरा बढ़ाया। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि शेख और एलिजाबेथ गोगोई भारत-पाकिस्तान से जुड़े सीडीकेएन क्लाइमेट नेटवर्क का हिस्सा रहे हैं। अधिकारियों का आरोप है कि इन नेटवर्क्स का इस्तेमाल भारत में नीतिगत चर्चाओं को प्रभावित करने और समान विचारधारा वाले लोगों को तैयार करने के लिए किया गया।

राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला: सीएम सरमा

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि अली तौकीर शेख की गतिविधियां पारंपरिक जासूसी से अलग, देश विरोधी गतिविधियों का नया तरीका दर्शाती हैं, जिसमें एनजीओ और अंतरराष्ट्रीय नीति नेटवर्क का इस्तेमाल किया जाता है। उन्होंने कहा कि एक मौजूदा सांसद का नाम सामने आने से यह मामला अब सामान्य जांच का नहीं रह गया है और इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा विषय मानते हुए केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय को सौंपने का अनुरोध किया जाएगा।

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