Breaking News
Home » मध्य प्रदेश » राजा रघुवंशी हत्याकांड, सोनम की जमानत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची मेघालय सरकार

राजा रघुवंशी हत्याकांड, सोनम की जमानत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची मेघालय सरकार

Sonam raghuwanshi: चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में नया मोड़ आ गया है। मेघालय सरकार ने हत्या की आरोपी सोनम रघुवंशी को मिली जमानत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इस कदम का राजा रघुवंशी के परिवार ने स्वागत किया है। परिवार का कहना है कि अगर सोनम लंबे समय तक जमानत पर बाहर रही तो वह सबूतों से छेड़छाड़ कर सकती है, गवाहों को प्रभावित कर सकती है या फिर फरार भी हो सकती है।

राजा के बड़े भाई ने जताई चिंता

राजा रघुवंशी के बड़े भाई विपिन रघुवंशी ने कहा कि वे मेघालय सरकार के फैसले का स्वागत करते हैं। उन्होंने कहा कि परिवार को न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और उम्मीद है कि आखिरकार सच की जीत होगी। विपिन ने कहा कि जमानत पर बाहर रहने के दौरान सोनम सबूत नष्ट करने या गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश कर सकती है। उन्होंने यह आशंका भी जताई कि वह शिलांग से फरार होने का प्रयास कर सकती है।

Sonam raghuwanshi: शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई

सोनम की जमानत को चुनौती देने वाली मेघालय सरकार की याचिका पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है। इस मामले पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

Sonam raghuwanshi: हाईकोर्ट ने क्यों बरकरार रखी थी जमानत?

मेघालय हाईकोर्ट ने 29 जून को राज्य सरकार की वह याचिका खारिज कर दी थी, जिसमें निचली अदालत द्वारा 27 अप्रैल को दी गई जमानत को रद्द करने की मांग की गई थी। हाईकोर्ट ने कहा था कि गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया में गंभीर चूक की थी। इसी आधार पर निचली अदालत का जमानत आदेश बरकरार रखा गया।

क्या है पूरा मामला?

Sonam raghuwanshi: राजा रघुवंशी और उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी 2025 में हनीमून मनाने मेघालय गए थे। इसी दौरान दोनों लापता हो गए। बाद में ईस्ट खासी हिल्स जिले के सोहरा (चेरापूंजी) इलाके में एक गहरी खाई से राजा का शव बरामद हुआ। पुलिस का आरोप है कि सोनम ने अपने कथित प्रेमी राज कुशवाह और तीन भाड़े के हत्यारों के साथ मिलकर राजा की हत्या की साजिश रची थी। घटना के बाद सोनम को 9 जून 2025 को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से गिरफ्तार किया गया था। जमानत मिलने से पहले वह करीब 10 महीने तक शिलांग की जिला जेल में न्यायिक हिरासत में रही।

 

 

ये भी पढ़ें: 12 हजार करोड़ का दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे दो महीने में ही उखड़ा! सड़क पर बने बड़े गड्ढे