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छात्रों का बदल रहा है मूड! विदेश में पढ़ाई के लिए संस्थानों से ज्यादा नौकरी को दे रहे प्राथमिकता

Study Abroad Jobs:

Study Abroad Jobs: विदेश में पढ़ाई करने को लेकर भारतीय छात्रों की सोच में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। अब छात्र सिर्फ प्रतिष्ठित विदेशी विश्वविद्यालयों में दाखिला लेने के लिए विदेश जाने की योजना नहीं बना रहे हैं, बल्कि पढ़ाई के बाद मिलने वाले रोजगार और करियर के अवसरों को ज्यादा महत्व दे रहे हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 49 प्रतिशत भारतीय छात्रों ने विदेश में पढ़ाई करने की मुख्य वजह बेहतर नौकरी के अवसरों को बताया है।

Study Abroad Jobs: नौकरी और करियर पर सबसे ज्यादा फोकस-

कौशल विकास और कार्यबल विकास कंपनी अपग्रेड की अंतरराष्ट्रीय शिक्षा रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय छात्र विदेश में पढ़ाई के फैसले में शिक्षा की गुणवत्ता के साथ-साथ रोजगार की संभावनाओं, करियर ग्रोथ और पढ़ाई पर होने वाले खर्च के मुकाबले मिलने वाले लाभ को भी ध्यान में रख रहे हैं। इसके अलावा, स्थायी रूप से विदेश में बसने की इच्छा और बेहतर जीवनशैली भी छात्रों के फैसले को प्रभावित कर रही है।

Study Abroad Jobs: 53,800 छात्रों से मिली जानकारी-

यह रिपोर्ट जनवरी 2025 से जून 2026 के बीच सलाह लेने वाले 53,800 छात्रों से मिली जानकारी पर आधारित है। इनमें 65.8 प्रतिशत छात्र नए स्नातक थे। वहीं, करीब 60 प्रतिशत छात्र छोटे और मझोले शहरों से थे। रिपोर्ट में शामिल ज्यादातर विद्यार्थी अपने करियर की शुरुआत में हैं और हाल ही में स्नातक की पढ़ाई पूरी कर चुके हैं।

यूरोप की ओर बढ़ रहा छात्रों का रुझान-

अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे पारंपरिक शिक्षा केंद्रों का महत्व अभी भी बना हुआ है। हालांकि, यूरोपीय देशों के प्रति भारतीय छात्रों की रुचि तेजी से बढ़ रही है। कड़े इमिग्रेशन नियमों और बढ़ती लागत के बीच जर्मनी, फिनलैंड, स्पेन और फ्रांस जैसे देश छात्रों के पसंदीदा विकल्प बन रहे हैं।

30 लाख से कम बजट में पढ़ाई की योजना-

रिपोर्ट में बताया गया है कि छात्र अब कम खर्च में बेहतर अवसर देने वाले देशों और संस्थानों की तलाश कर रहे हैं। करीब 10 में से सात विद्यार्थी 30 लाख रुपये से कम के कुल बजट में विदेश में पढ़ाई करने की योजना बना रहे हैं। इससे साफ है कि छात्र अब विदेश जाने से पहले खर्च और भविष्य के फायदे का हिसाब भी लगा रहे हैं।

बदल रही है विदेश में पढ़ाई की सोच-

अपग्रेड स्टडी अब्रॉड के विश्वविद्यालय साझेदारी मामलों के उपाध्यक्ष प्रनीत सिंह के मुताबिक, विदेश में पढ़ाई के क्षेत्र में बड़ा बदलाव हो रहा है। भारतीय छात्र अब रोजगार मिलने की संभावना, करियर में आगे बढ़ने के अवसर और कम खर्च को प्राथमिकता दे रहे हैं। यूरोप की बढ़ती लोकप्रियता भी छात्रों की इसी बदलती सोच को दर्शाती है

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