Sudhanshu Trivedi on Rahul Gandhi: तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर चल रहे विवाद ने अब सियासी रंग ले लिया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने चुनाव आयोग के फैसले पर सवाल उठाते हुए भाजपा और आयोग पर विपक्षी दलों को कमजोर करने का आरोप लगाया। राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में शिवसेना और NCP का भी जिक्र किया। इसके बाद भाजपा ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर पलटवार किया है।
भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी की पोस्ट को लेकर उन पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें अपनी पार्टी के इतिहास और दूसरे दलों के साथ कांग्रेस के राजनीतिक संबंधों की जानकारी लेनी चाहिए।
राहुल गांधी ने TMC को लेकर क्या पोस्ट किया?
राहुल गांधी ने शुक्रवार को TMC के नाम और चुनाव चिह्न से जुड़े चुनाव आयोग के फैसले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले शिवसेना, फिर NCP और अब TMC के मामले में एक जैसा पैटर्न देखने को मिल रहा है। राहुल गांधी ने भाजपा और चुनाव आयोग पर मिलकर विपक्षी दलों को तोड़ने और उनके चुनाव चिह्न छीनने का आरोप लगाया। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया और कहा कि यह केवल ममता बनर्जी की लड़ाई नहीं है।
Sudhanshu Trivedi on Rahul Gandhi: सुधांशु त्रिवेदी ने क्यों कहा- ‘पढ़ते-लिखते नहीं हैं’?
राहुल गांधी के बयान पर भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने पलटवार करते हुए कहा कि राहुल गांधी को अपनी पार्टी के बारे में ही पूरी जानकारी नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी को कांग्रेस और दूसरे दलों के इतिहास का अध्ययन करना चाहिए।
त्रिवेदी ने TMC और NCP का जिक्र करते हुए कांग्रेस से अलग होकर इन दलों के बनने की राजनीतिक पृष्ठभूमि का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी अगर अपनी पार्टी का इतिहास पढ़ेंगे तो उन्हें कई ऐसे उदाहरण मिलेंगे, जिनमें कांग्रेस पर सहयोगियों और दूसरे राजनीतिक दलों के साथ व्यवहार को लेकर सवाल उठे हैं।
कांग्रेस पर ‘धोखा देने’ का आरोप
भाजपा नेता ने कांग्रेस पर राजनीतिक सहयोगियों को कथित तौर पर धोखा देने का आरोप लगाते हुए कई पुराने राजनीतिक घटनाक्रम गिनाए। उन्होंने चौधरी चरण सिंह, चंद्रशेखर, एचडी देवगौड़ा और आईके गुजराल की सरकारों का जिक्र किया। त्रिवेदी ने दावा किया कि अलग-अलग दौर में कांग्रेस के समर्थन वापस लेने या राजनीतिक फैसलों की वजह से इन सरकारों पर असर पड़ा। हालांकि, इन घटनाओं की राजनीतिक व्याख्या अलग-अलग दल अपने-अपने नजरिए से करते रहे हैं।
Sudhanshu Trivedi on Rahul Gandhi: ममता बनर्जी और TMC का उदाहरण क्यों आया?
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि ममता बनर्जी ने कांग्रेस से अलग होकर तृणमूल कांग्रेस बनाई थी। इसी तरह उन्होंने NCP के गठन का भी जिक्र किया और राहुल गांधी के उस तर्क पर सवाल उठाया जिसमें उन्होंने भाजपा पर विपक्षी दलों को तोड़ने का आरोप लगाया है। भाजपा नेता ने कहा कि राहुल गांधी को पहले कांग्रेस के इतिहास और उसके पुराने राजनीतिक घटनाक्रमों को देखना चाहिए।

इंदिरा गांधी से लेकर राजस्थान तक का जिक्र
भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस के भीतर पुराने मतभेदों का उदाहरण देते हुए इंदिरा गांधी और 1969 के राष्ट्रपति चुनाव का जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि उस समय कांग्रेस के भीतर भी बड़ा राजनीतिक विभाजन देखने को मिला था। इसके अलावा उन्होंने राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेताओं का भी उल्लेख किया। त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस में लंबे समय से आंतरिक खींचतान और नेताओं के अलग होने का सिलसिला रहा है।
Sudhanshu Trivedi on Rahul Gandhi: ‘कांग्रेस भस्मासुर है’, भाजपा का हमला
सुधांशु त्रिवेदी ने अपने बयान के अंत में कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए उसे ‘भस्मासुर’ बताया। उन्होंने दावा किया कि भाजपा से अलग होने वाले नेताओं को भी पार्टी में मिले सम्मान का एहसास रहा है। दूसरी तरफ राहुल गांधी लगातार यह आरोप लगा रहे हैं कि चुनाव आयोग और भाजपा विपक्षी दलों को कमजोर करने के लिए एक साथ काम कर रहे हैं। TMC के नाम और चुनाव चिह्न पर चुनाव आयोग की अंतरिम कार्रवाई को लेकर विपक्षी दलों ने भी सवाल उठाए हैं।
TMC विवाद ने फिर बढ़ाई सियासी गर्मी
TMC के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर चुनाव आयोग की कार्रवाई ने एक बार फिर भाजपा और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव बढ़ा दिया है। राहुल गांधी इसे विपक्षी दलों के खिलाफ कार्रवाई के पैटर्न के रूप में देख रहे हैं, जबकि भाजपा इसे कांग्रेस के पुराने राजनीतिक इतिहास से जोड़कर जवाब दे रही है। अब इस पूरे विवाद में आगे चुनाव आयोग के फैसले और संबंधित पक्षों की कानूनी एवं राजनीतिक प्रतिक्रियाएं महत्वपूर्ण होंगी।









