बीपी का मरीज़ और जिंदगी भर की दवा? जरूरी या मजबूरी, जानिए पूरा सच

बीपी के मरीज़ को सबसे पहले बीपी कैसे कंट्रोल में लाया जाए इस बात पर ध्यान देना चाहिए न कि दावा परमानेंट है या टेम्परेरी हैं। यह एक बड़ी गलतफहमी है , जब हम दावा लेते है तो बीपी की रीडिंग कम आने का मतलब होता है कि दावा असर कर रही है
कभी भी बिना डॉक्टर की सलाह के आप न दवा ले और न ही दवा छोड़े।