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Tamil Nadu: तमिलनाडु एश्योर्ड पेंशन स्कीम लागू, डीएमके सहयोगी दलों का समर्थन, 20 साल की मांग को मिला हल

डीएमके सहयोगियों का ऐतिहासिक स्वागत

Tamil Nadu Pension: तमिलनाडु में सत्ताधारी डीएमके सरकार के सहयोगी दलों ने एश्योर्ड पेंशन स्कीम को लागू करने के सरकार के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने इसे एक ऐतिहासिक सुधार बताया और कहा कि सरकारी कर्मचारी और शिक्षक लंबे समय से इसके लिए मांग कर रहे थे। इस योजना से सेवानिवृत्त होने के बाद कर्मचारियों को सम्मान और वित्तीय सुरक्षा मिलेगी।

20 साल पुराने संघर्ष का परिणाम: सहयोगी दल

डीएमके से जुड़ी पार्टियों के नेताओं का कहना है कि मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की यह घोषणा लगभग दो दशकों से चल रहे संघर्ष का नतीजा है। उन्होंने बताया कि योजना पर काफी खर्च आएगा, लेकिन यह सरकार की चुनावी वादों की पूर्ति और सामाजिक सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के. सेल्वपेरुंथगाई ने कहा कि इस योजना के लागू होने से कर्मचारियों और शिक्षकों के 20 साल पुराने अभियान का अंत हो गया है। उन्होंने यह भी माना कि इससे राज्य पर वित्तीय बोझ बढ़ेगा।

Tamil Nadu Pension: डीएमके सहयोगियों का ऐतिहासिक स्वागत
डीएमके सहयोगियों का ऐतिहासिक स्वागत

Tamil Nadu Pension: कर्मचारी और शिक्षकों को मिलेगा सम्मान

उन्होंने कहा कि सरकार के इस फैसले से कर्मचारियों से किए गए वादों में राजनीतिक इच्छाशक्ति और विश्वसनीयता दिखती है। कर्मचारी और शिक्षक संगठनों ने इस कदम का विशाल स्वागत किया है। विदुथलाई चिरुथाइगल काची के अध्यक्ष थोल थिरुमावलवन ने कहा कि यह योजना सरकारी कर्मचारियों को जरूरी राहत देती है, जो सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन सुरक्षा चाहते थे। उन्होंने मुख्यमंत्री को पुरानी और भावनात्मक मांग पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देने के लिए धन्यवाद दिया।

लगभग नौ लाख परिवारों को लाभ

कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) के राज्य सचिव पी. शनमुगम ने कहा कि इस योजना ने पुरानी पेंशन योजना की मुख्य विशेषताओं को बहाल किया है, जिसे कर्मचारियों ने सालों की मेहनत और संघर्ष से हासिल किया था।

Tamil Nadu Pension: डीएमके सहयोगियों का ऐतिहासिक स्वागत
डीएमके सहयोगियों का ऐतिहासिक स्वागत

सेल्वपेरुंथगाई ने राज्य सरकार से सरकारी आदेश जल्द जारी करने और कर्मचारियों व शिक्षकों की अन्य लंबित मांगों को चरणबद्ध तरीके से पूरा करने का आग्रह किया। सहयोगियों के अनुसार, इस योजना से लगभग नौ लाख कर्मचारियों, शिक्षक और उनके परिवार लाभान्वित होंगे। इससे सेवानिवृत्ति के बाद वित्तीय सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित होगा। साथ ही, यह कदम राज्य की कल्याण केंद्रित नीतियों के प्रति प्रतिबद्धता को भी मजबूत करता है।