TCS Nashik Case: टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज ने नासिक यूनिट से जुड़े धर्म परिवर्तन और यौन उत्पीड़न के आरोपों पर अपनी ओर से प्रतिक्रिया दी है। शुक्रवार को कंपनी ने साफ कहा कि इस तरह की किसी भी घटना को लेकर उसे अपने आधिकारिक आंतरिक माध्यमों के जरिए कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। आइए इसे आसान भाषा में समझते हैं।
कंपनी का पक्ष क्या है?
टीसीएस के मुताबिक, नासिक यूनिट के सिस्टम और रिकॉर्ड की शुरुआती जांच में भी ऐसे किसी आरोप की पुष्टि नहीं हुई है। कंपनी का कहना है कि न तो उसके एथिक्स चैनल पर और न ही POSH (यौन उत्पीड़न रोकथाम) प्लेटफॉर्म पर इस तरह की कोई शिकायत दर्ज की गई है।

जांच के लिए बनाई गई कमेटी
मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए कंपनी ने एक ओवरसाइट कमेटी बनाने का फैसला किया है। इस कमेटी में बाहरी विशेषज्ञों को भी शामिल किया जा सकता है ताकि जांच पूरी तरह पारदर्शी रहे। इस कमेटी की जिम्मेदारी कंपनी के स्वतंत्र निदेशक केकी मिस्त्री को दी गई है।
TCS Nashik Case: पुलिस की कार्रवाई
अब तक पुलिस इस मामले में 7 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें एक महिला एचआर हेड भी शामिल है। वहीं, एक कर्मचारी निदा खान अभी फरार बताई जा रही है।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस जांच के अनुसार, यह मामला एक महिला की शिकायत के बाद सामने आया। महिला ने आरोप लगाया कि उसके सहकर्मी दानिश शेख ने 2022 में शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए, जबकि वह पहले से शादीशुदा था।
इसके अलावा, दानिश की बहन निदा खान पर भी गंभीर आरोप लगे हैं। कहा जा रहा है कि उसने शिकायतकर्ता के धर्म को लेकर आपत्तिजनक बातें कही और उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया। यह भी आरोप है कि निदा खान ने यह बात छिपाई कि दानिश पहले से विवाहित था।

TCS Nashik Case: अन्य महिलाओं के आरोप
पुलिस जांच के दौरान 7 और महिलाएं सामने आई हैं। इन महिलाओं ने अपने सीनियर कर्मचारियों पर मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं।इस पूरे मामले में जांच अभी जारी है और कंपनी के साथ-साथ पुलिस भी हर पहलू की गहराई से जांच कर रही है।
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