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ईरान पर हमला हुआ तो समुद्र के नीचे बिछी इंटरनेट केबल को काट देंगे, सांसद महमूद नबावियन की धमकी

Tehran: ईरान पर हमला हुआ तो समुद्र के नीचे बिछी इंटरनेट केबल को काट देंगे, सांसद महमूद नबावियन की धमकी
Tehran:  ईरान और अमेरिका के बीच अस्थायी संघर्षविराम जारी है। लंबे समय से समुद्र के नीचे से गुजरने वाले केबल्स के भविष्य को लेकर दुनिया के कई देश सशंकित है। इसकी एक वजह आईआरजीसी की वो धमकी भी है जो उसने अप्रैल में दी थी। गुरुवार को एक ईरानी सांसद महमूद नबावियन ने भी ऐसा ही कुछ दावा किया। उन्होंने कहा कि अगर ईरान के खिलाफ होर्मुज में कुछ किया गया तो हम समुद्र के नीचे से गुजरने वाली केबल काट देंगे।

अभी तक सुरक्षित है केबल

ईरान ने अभी तक समुद्र के नीचे बिछी इंटरनेट केबल्स को नुकसान नहीं पहुंचाया है, लेकिन उसने ऐसी कार्रवाई की चेतावनी जरूर दी थी। यह चेतावनी खास तौर पर फारस की खाड़ी और होर्मुज से गुजरने वाली फाइबर-ऑप्टिक केबल्स को लेकर दी गई। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (आईआरजीसी) ने अमेरिका और पश्चिमी देशों के बढ़ते दबाव और पाबंदियों के जवाब में एक बयान जारी किया था।

स्पष्ट कहा था कि अगर उस पर दबाव बढ़ाया गया या नौसैनिक नाकेबंदी जैसी स्थिति बनी, तो वह रणनीतिक जवाब दे सकता है। होर्मुज से गुजरने वाली कई महत्वपूर्ण सबमरीन केबल्स जैसे फैल्कन और एएई-1 खाड़ी देशों की इंटरनेट और डिजिटल सेवाओं के लिए बेहद अहम हैं। कतर, बहरीन और कुवैत जैसे देश इन पर काफी हद तक निर्भर हैं।

Tehran: सांसद की चेतावनी

गुरुवार को नबावियन ने एक्स पर चेतावनी जारी की। उन्होंने कहा, “ईरान समुद्र के नीचे बिछी इंटरनेट केबलों को काट सकता है, जिससे वैश्विक इंटरनेट सेवाएं, डिजिटल अर्थव्यवस्था और बैंकिंग प्रणाली कई वर्षों तक प्रभावित हो सकती है।”

नबावियन के अनुसार, अमेरिका-इजरायल होर्मुज में अगर ईरान की संप्रभुता के खिलाफ कोई भी शत्रुतापूर्ण कार्रवाई करेंगे तो उससे वैश्विक संकट आना तय है।उन्होंने कहा, “ईरान की संप्रभुता पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।”

Tehran: केबल कटने का नुकसान

बता दें, अगर इन केबल्स को नुकसान पहुंचता है, तो मध्य-पूर्व के कई हिस्सों में इंटरनेट सेवाएं, डिजिटल नेटवर्क और बैंकिंग सिस्टम प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि इसका वैश्विक असर सीमित रहेगा और दुनिया भर के इंटरनेट ट्रैफिक पर प्रभाव बहुत कम पड़ेगा।
हालांकि पहले ही कई तकनीकी जानकार कह चुके हैं कि समुद्र की गहराई में मौजूद इन केबल्स को काटना आसान नहीं है। ऐसा कदम ईरान के लिए भी आर्थिक और रणनीतिक नुकसान का कारण बन सकता है।

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