Energy crisis: वैश्विक तनाव और जारी युद्ध के असर के बीच केंद्र सरकार ने देश में पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता को लेकर बड़ा बयान दिया है। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि युद्ध शुरू हुए 81 दिन से ज्यादा हो चुके हैं, जिसका असर भारत के आयात पर जरूर पड़ा है, लेकिन आम लोगों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने साफ कहा कि सरकार लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की पर्याप्त सप्लाई मौजूद है।
पूरी क्षमता से काम कर रहीं रिफाइनरियां
सुजाता शर्मा ने बताया कि देश की सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं ताकि घरेलू जरूरतों को पूरा किया जा सके। क्रूड ऑयल और प्राकृतिक गैस की उपलब्धता फिलहाल सामान्य बनी हुई है। सरकार की कोशिश है कि आम जनता को किसी तरह की परेशानी न हो और ईंधन की सप्लाई बिना रुकावट जारी रहे।
Energy crisis: LPG उत्पादन बढ़ाने पर फोकस
उन्होंने कहा कि एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। फिलहाल देश में रोजाना करीब 45 से 46 हजार टन एलपीजी का उत्पादन हो रहा है। सरकार का मानना है कि आने वाले समय में मांग बढ़ने की स्थिति में भी सप्लाई को संतुलित रखा जाएगा।
Energy crisis: पेट्रोल पंपों पर बढ़ी भीड़, ये है वजह
संयुक्त सचिव ने बताया कि कई इलाकों में पेट्रोल पंपों पर ईंधन की खरीदारी बढ़ी हुई देखी गई है। हालांकि इसे लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। इसके पीछे मुख्य वजह कृषि सीजन में डीजल की बढ़ती मांग और थोक बाजार से खुदरा बाजार की ओर शिफ्ट होना बताया गया है। उन्होंने कहा कि सरकारी तेल कंपनियां निजी कंपनियों की तुलना में कम कीमत पर ईंधन बेच रही हैं। इसी कारण बड़ी संख्या में लोग सरकारी पेट्रोल पंपों का रुख कर रहे हैं।
सरकार का दावा- देश में पर्याप्त स्टॉक मौजूद
Energy crisis: सरकार के मुताबिक देश में फिलहाल पेट्रोलियम उत्पादों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और सप्लाई चेन सामान्य तरीके से काम कर रही है। केंद्र ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और जरूरत से ज्यादा ईंधन खरीदने से बचने की अपील की है।
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