Trump Iran Threat: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में ईरान को लेकर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि अमेरिका के सामने ईरान के साथ समझौता करने या उसके खिलाफ और कड़ी कार्रवाई करने का विकल्प है। ट्रंप ने UN सदस्य देशों से ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने की अपील भी की।
Trump Iran Threat: ट्रंप बोले- ईरान के सामने दो रास्ते-
UN में अपने भाषण के दौरान ट्रंप ने कहा कि उनके सामने ईरान को लेकर एक बड़ा फैसला है। उन्होंने समझौते और सैन्य कार्रवाई को दो विकल्पों के तौर पर पेश किया। ट्रंप ने ईरान पर परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय गतिविधियों को लेकर भी आरोप लगाए।
Trump Iran Threat: UN देशों से ईरान पर आर्थिक दबाव की अपील-
ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों से ईरान को आर्थिक रूप से अलग-थलग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि ईरान पर दबाव बढ़ाने से तेल की कीमतों में गिरावट आ सकती है। उन्होंने ईरानी वाणिज्यिक जहाजों से जुड़े हमलों की भी आलोचना की।
ट्रंप ने ICC पर भी साधा निशाना-
भाषण के दौरान ट्रंप ने इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (ICC) की भी आलोचना की और उसके सदस्यों से इस्तीफा देने की अपील की। उन्होंने ICC को ऐसी संस्था बताया, जो उनके अनुसार नियंत्रण से बाहर हो गई है।
AI को बताया ‘सुपर इंटेलिजेंस’-
ट्रंप ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर भी अपनी नीति स्पष्ट की। उन्होंने AI को बढ़ावा देने और इस क्षेत्र में ज्यादा प्रतिबंध नहीं लगाने की बात कही। उन्होंने अमेरिका को AI के क्षेत्र में आगे रखने पर जोर दिया।
ग्रीनलैंड में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी का मुद्दा-
ट्रंप ने ग्रीनलैंड को लेकर डेनमार्क और अमेरिका के बीच हुए समझौते का भी जिक्र किया। रिपोर्टों के मुताबिक, समझौते में ग्रीनलैंड की सुरक्षा को लेकर अमेरिकी भूमिका और सैन्य मौजूदगी बढ़ाने से जुड़े प्रावधान हैं। दो नए सैन्य ठिकानों की योजना की भी रिपोर्ट सामने आई है।
वेनेजुएला और रूस-यूक्रेन युद्ध का भी जिक्र-
ट्रंप ने वेनेजुएला में अमेरिकी कार्रवाई का बचाव किया और रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म कराने के अपने प्रयासों का भी उल्लेख किया। UN भाषण में उन्होंने अमेरिकी सैन्य और आर्थिक ताकत को भी गिनाया।
CNN को लेकर भी विवाद-
UN में ट्रंप के भाषण के दौरान मीडिया कवरेज को लेकर भी विवाद सामने आया। CNN समेत कुछ अमेरिकी मीडिया संस्थानों और ट्रंप प्रशासन के बीच व्हाइट हाउस की प्रेस एक्सेस को लेकर विवाद चल रहा है। CNN और अन्य संस्थानों ने प्रशासन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की है।
लूला ने दूसरे देशों के दखल पर जताई आपत्ति-
ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने अपने भाषण में लोकतंत्र और दूसरे देशों के चुनावों में हस्तक्षेप का मुद्दा उठाया। उन्होंने देशों के लोगों को अपना भविष्य खुद तय करने के अधिकार पर जोर दिया।









