Anupama Raag Resignation: उत्तर प्रदेश में PCS अधिकारी अनुपमा राग के इस्तीफे ने प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है। राज्य कर विभाग में डिप्टी कमिश्नर (GST) के पद पर तैनात रहीं अनुपमा राग की पहचान सिर्फ एक प्रशासनिक अधिकारी के तौर पर रही। वह बॉलीवुड फिल्मों में गाने गा चुकी हैं और संगीत की दुनिया में भी अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं। अब सरकारी सेवा छोड़ने के फैसले के बाद उनके राजनीति में आने की अटकलें लगाई जा रही हैं। ऐसे में सवाल है कि आखिर अनुपमा राग कौन हैं, उनका संगीत से क्या नाता है और उनके इस्तीफे के बाद सियासी चर्चाएं क्यों तेज हो गई हैं?
कौन हैं अनुपमा राग?
अनुपमा राग उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से ताल्लुक रखती हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) के जरिए प्रांतीय सिविल सेवा यानी PCS में जगह बनाई और प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभालीं। वह राज्य कर विभाग में डिप्टी कमिश्नर (GST) के पद पर तैनात थीं। हालांकि, उनकी पहचान केवल सरकारी अधिकारी तक सीमित नहीं रही। प्रशासनिक सेवा में रहते हुए भी उन्होंने संगीत के प्रति अपने लगाव को बनाए रखा। अनुपमा राग गायिका होने के साथ गीतकार और संगीतकार भी हैं। उनके परिवार का भी राजनीति और प्रशासन से जुड़ाव रहा है। उनके पति अनुराग भदौरिया समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता हैं। उनकी मां सुशीला सरोज मोहनलालगंज लोकसभा सीट से सांसद रह चुकी हैं, जबकि उनके पिता राम प्रकाश सरोज IPS अधिकारी रहे हैं। यही वजह है कि उनके इस्तीफे के बाद राजनीतिक गलियारों में भी उनकी चर्चा शुरू हो गई है।
Anupama Raag Resignation: PCS की नौकरी से इस्तीफा क्यों चर्चा में है?
अनुपमा राग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो साझा कर सरकारी सेवा छोड़ने की जानकारी दी। उन्होंने अपने संदेश में नए संकल्प के साथ जीवन का अगला सफर शुरू करने की बात कही। उनके इस फैसले के बाद यह सवाल उठने लगा कि क्या वह अब पूरी तरह राजनीति में सक्रिय होने जा रही हैं? दरअसल, उनके पति अनुराग भदौरिया समाजवादी पार्टी से जुड़े हैं। ऐसे में उनके इस्तीफे को राजनीतिक संभावनाओं से जोड़कर देखा जा रहा है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि अनुपमा राग 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में सीतापुर जिले की सिधौली विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ सकती हैं। हालांकि, अभी तक न तो उनकी ओर से और न ही समाजवादी पार्टी की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा सामने आई है। इसलिए फिलहाल इसे राजनीतिक अटकल के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
बॉलीवुड फिल्मों में भी गा चुकी हैं गाने
अनुपमा राग की एक खास पहचान उनका संगीत का सफर है। उन्होंने प्रशासनिक सेवा में आने के बाद भी गायिकी से अपना रिश्ता नहीं तोड़ा। साल 2011 में फिल्म ‘बिन बुलाए बाराती’ के गाने ‘शालू के ठुमके’ से उन्होंने बॉलीवुड में प्लेबैक सिंगिंग की शुरुआत की थी। इसके बाद फिल्म ‘मिले ना मिले हम’ में उन्होंने मशहूर गायक राहत फतेह अली खान के साथ ‘नजर से नजर मिले’ गाना गाया। उनकी आवाज फिल्म ‘जिला गाजियाबाद’ और साल 2014 में रिलीज हुई फिल्म ‘गुलाब गैंग’ के गाने ‘रंगी सारी गुलाबी’ में भी सुनाई दी। संगीत के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें साल 2016 में उत्तर प्रदेश सरकार के प्रतिष्ठित यश भारती सम्मान से सम्मानित किया गया था।
Anupama Raag Resignation: शास्त्रीय संगीत की भी ली है विधिवत शिक्षा
अनुपमा राग की संगीत में रुचि बचपन से रही है। उन्होंने शास्त्रीय संगीत की विधिवत शिक्षा हासिल की। बताया जाता है कि उन्होंने लखनऊ घराने के उस्ताद गुलशन भारती और ग्वालियर घराने के योगेंद्र भट्ट से संगीत सीखा। गायिकी के साथ-साथ वह गीत लिखने और संगीत तैयार करने का काम भी करती रही हैं। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि प्रशासनिक जिम्मेदारियों के बीच भी वह संगीत के लिए समय निकालती थीं। उनके पति अनुराग भदौरिया ने भी उनके संगीत के सफर में सहयोग किया। इस तरह अनुपमा राग ने प्रशासनिक सेवा और कला, दोनों क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाई।
दिव्या मित्तल के इस्तीफे के बाद अनुपमा राग की चर्चा क्यों?
अनुपमा राग के इस्तीफे की चर्चा ऐसे समय में हो रही है, जब उत्तर प्रदेश की पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल भी सरकारी सेवा छोड़ने के बाद राजनीतिक गतिविधियों को लेकर सुर्खियों में रही हैं। दिव्या मित्तल मिर्जापुर की जिलाधिकारी रह चुकी हैं। उनके इस्तीफे के बाद उन्होंने राजनीति में आने की घोषणा की और जननीति भारत पार्टी के गठन के साथ 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू की।

अब अनुपमा राग के इस्तीफे के बाद भी उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, दोनों अधिकारियों के फैसलों और उनके आगे के राजनीतिक कदमों को एक जैसा मानना अभी जल्दबाजी होगी। दिव्या मित्तल ने राजनीति में आने का ऐलान किया है, जबकि अनुपमा राग के चुनाव लड़ने को लेकर फिलहाल मीडिया रिपोर्ट्स में ही अटकलें सामने आई हैं।
Anupama Raag Resignation: क्या राजनीति में आएंगी अनुपमा राग?
अनुपमा राग के इस्तीफे के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या वह प्रशासनिक सेवा छोड़कर सक्रिय राजनीति में कदम रखेंगी? उनके पारिवारिक राजनीतिक संबंध और सिधौली विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की चर्चाओं ने इस सवाल को और अहम बना दिया है। लेकिन जब तक अनुपमा राग या समाजवादी पार्टी की ओर से कोई औपचारिक बयान नहीं आता, तब तक उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना ठीक नहीं होगा।
फिलहाल इतना स्पष्ट है कि अनुपमा राग का परिचय प्रशासनिक अधिकारी, गायिका और संगीतकार के तौर पर रहा है। अब सरकारी सेवा से उनके अलग होने के बाद उनके अगले कदम पर सबकी नजर है। आने वाले समय में यह साफ होगा कि वह संगीत की दुनिया में सक्रिय होती हैं, कोई नई जिम्मेदारी संभालती हैं या राजनीति में अपनी नई पारी शुरू करती हैं।
Birthdays used to mean excitement for me… but this year, I truly felt the beauty of being loved, remembered and celebrated by so many wonderful people around me.
Feeling deeply overwhelmed with love, warmth and gratitude.
Every wish, every blessing, every flower, every gift, every call and message touched my heart more than words can express.Thank you for making my day so special, so emotional and so full of smiles.
Grateful beyond words. 🙏3llOfGratitude
— Anupama Raag (@anupamaraag1) May 6, 2026
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