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देश में चर्चित ट्विशा शर्मा मौत केस में क्या बदला? कौन थीं ट्विशा, सास गिरिबाला सिंह पर लगा दहेज एक्ट अब क्यों हटा? विस्तार से पढ़िए

Twisha Sharma

Twisha Sharma: भोपाल की अभिनेत्री और मॉडल ट्विशा शर्मा की मौत का मामला एक बार फिर चर्चा में है। 30 सितंबर को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर बेंच में पूर्व जिला जज और ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान सामने आया कि CBI की जांच के बाद मामले में दहेज मृत्यु से जुड़ा आरोप अब नहीं है। इसके बाद कोर्ट ने गिरिबाला सिंह के वकील को बदली हुई धाराओं के आधार पर जमानत आवेदन में संशोधन करने के निर्देश दिए। हालांकि, इस सुनवाई में गिरिबाला सिंह को जमानत नहीं मिली और अगली सुनवाई 8 अक्टूबर को होगी।

कौन थीं ट्विशा शर्मा?

ट्विशा शर्मा भोपाल की मॉडल और अभिनेत्री थीं। 2025 में उनकी शादी समर्थ सिंह से हुई थी, जो पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह के बेटे हैं। 12 मई 2026 को ट्विशा अपने वैवाहिक घर में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत मिली थीं। उनकी मौत के बाद मामला पुलिस जांच से बढ़कर हाईकोर्ट और फिर CBI जांच तक पहुंचा। ट्विशा के मायके पक्ष ने ससुराल में प्रताड़ना और दहेज से जुड़े गंभीर आरोप लगाए थे। परिवार ने उनकी मौत को लेकर जांच पर भी सवाल उठाए थे।

Twisha Sharma: गिरिबाला सिंह कौन हैं और उन पर आरोप कैसे लगा?

गिरिबाला सिंह मध्य प्रदेश की पूर्व जिला जज हैं और ट्विशा की सास हैं। ट्विशा की मौत के बाद उनके खिलाफ दर्ज मामले में दहेज मृत्यु और दहेज प्रताड़ना से जुड़े प्रावधान शामिल किए गए थे। मायके पक्ष की ओर से आरोप लगाया गया था कि ट्विशा को दहेज के लिए परेशान किया जा रहा था और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। जांच आगे बढ़ने पर गिरिबाला सिंह की भूमिका को लेकर मामला अदालत तक पहुंचा और उनकी जमानत का भी विरोध हुआ।

मामला इतना चर्चित क्यों हुआ?

ट्विशा की मौत के बाद उनके परिवार ने जांच में गंभीर सवाल उठाए और मौत की परिस्थितियों को लेकर संदेह जताया। मामला हाईकोर्ट पहुंचा और जांच CBI को सौंप दी गई। इससे पहले पुलिस जांच और घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों को लेकर भी विवाद सामने आया था। हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद दोबारा पोस्टमार्टम जैसी कार्रवाई भी हुई। इसके बाद CBI ने केस की जांच अपने हाथ में लेकर डिजिटल, मेडिकल और फॉरेंसिक साक्ष्यों को भी जांच का हिस्सा बनाया।

Twisha Sharma: अब दहेज एक्ट क्यों हट गया?

मामले में सबसे बड़ा बदलाव CBI की जांच के बाद आया। हाईकोर्ट में पेश किए गए CBI के जवाब के अनुसार, दहेज मृत्यु से जुड़ा आरोप अब केस में नहीं रखा गया है। इसी वजह से गिरिबाला सिंह की पहले दाखिल जमानत याचिका में भी बदलाव जरूरी हो गया। कोर्ट ने उनके वकील को दहेज मृत्यु और दहेज प्रताड़ना से जुड़े हिस्से हटाकर मौजूदा धाराओं के आधार पर संशोधित जमानत आवेदन दाखिल करने को कहा है। इसका अर्थ यह है कि दहेज मृत्यु वाला आरोप हटना जमानत मिलने के बराबर नहीं है।

अब गिरिबाला सिंह पर कौन सा आरोप है?

CBI की जांच के बाद मामले का प्रमुख कानूनी आधार आत्महत्या के लिए उकसाने यानी Abetment of Suicide से जुड़ा है। रिपोर्ट के मुताबिक CBI ने BNS की धारा 108 के तहत यह आरोप रखा है। एजेंसी ने हाईकोर्ट में 1,154 पन्नों का जवाब भी दाखिल किया है, जिसमें 62 गवाहों के बयान, कॉल ट्रांसक्रिप्ट, बैंक रिकॉर्ड, मेडिकल दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्यों का उल्लेख है। CBI ने गिरिबाला सिंह पर ट्विशा को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और बेटे समर्थ का पक्ष लेने से जुड़े आरोप लगाए हैं। ये आरोप जांच एजेंसी के हैं, जिनका अंतिम न्यायिक निर्धारण अभी होना बाकी है।

Twisha Sharma: अब आगे क्या होगा?

30 सितंबर की सुनवाई में हाईकोर्ट ने गिरिबाला सिंह को जमानत नहीं दी। अब उनकी ओर से बदली हुई धाराओं और चार्जशीट में सामने आए तथ्यों के आधार पर संशोधित जमानत याचिका दाखिल की जाएगी। कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 8 अक्टूबर की तारीख तय की है। उस दिन जमानत आवेदन पर आगे दलीलें सुनी जाएंगी। यानी दहेज मृत्यु से जुड़ा आरोप हटना केस का अंत नहीं है। अब अदालत के सामने मुख्य सवाल यह होगा कि CBI की ओर से लगाए गए आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप और उससे जुड़े साक्ष्यों को कानूनी रूप से किस तरह देखा जाता है।

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