UP Election 2027: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन की तस्वीर अभी पूरी तरह साफ नहीं हुई है। इसी बीच समाजवादी पार्टी और आम आदमी पार्टी के बीच बढ़ती नजदीकी ने नए सियासी समीकरणों की चर्चा तेज कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, सपा यूपी चुनाव में AAP को 15 से 20 सीटें देने पर विचार कर सकती है।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और AAP के राज्यसभा सांसद संजय सिंह की मुलाकात के बाद इन अटकलों को और बल मिला है। 23 अगस्त को दोनों नेताओं की एक बार फिर मुलाकात हुई। सूत्रों का दावा है कि AAP आगामी विधानसभा चुनाव में यूपी में 15 से 20 सीटों की मांग कर रही है।
AAP की एंट्री से कांग्रेस के सामने क्या चुनौती?
अगर सपा और AAP के बीच सीट बंटवारे को लेकर सहमति बनती है तो इसका असर सपा-कांग्रेस गठबंधन पर भी पड़ सकता है। कांग्रेस पहले से यूपी में सपा के साथ चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। ऐसे में गठबंधन में किसी तीसरे दल की एंट्री सीट शेयरिंग के गणित को बदल सकती है। खास बात यह है कि 2027 में यूपी के साथ पंजाब और गोवा में भी विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में कांग्रेस और AAP के बीच दूसरे राज्यों में सियासी मुकाबला भी रहेगा। यही वजह है कि यूपी में दोनों दलों को एक साथ लाने का फैसला कांग्रेस के लिए आसान नहीं माना जा रहा।
UP Election 2027: 2022 में AAP ने 349 सीटों पर लड़ा था चुनाव
2022 के यूपी विधानसभा चुनाव में AAP ने 349 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे। पार्टी को कुल 3,47,187 वोट मिले थे। हालांकि ज्यादातर सीटों पर उसका प्रदर्शन कमजोर रहा, लेकिन कुछ विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी को अपेक्षाकृत ज्यादा वोट मिले थे। रुधौली में AAP उम्मीदवार को 24,367 और खलीलाबाद में 25,123 वोट मिले थे। इसके अलावा लोनी, साहिबाबाद, नोएडा और मोहनलालगंज जैसी सीटों पर भी पार्टी को 5 हजार से ज्यादा वोट मिले थे। ऐसे में माना जा रहा है कि AAP इन क्षेत्रों में सीटों पर अपना दावा पेश कर सकती है।
2024 में AAP ने सपा को दिया था समर्थन
2024 के लोकसभा चुनाव में AAP ने यूपी में अपने उम्मीदवार नहीं उतारे थे और सपा को समर्थन दिया था। चुनाव के दौरान अरविंद केजरीवाल और अखिलेश यादव ने लखनऊ में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की थी। वहीं, दिल्ली विधानसभा चुनाव में सपा ने कांग्रेस के बजाय AAP का समर्थन किया था। ऐसे में दोनों दलों के बीच राजनीतिक नजदीकी पहले से ही दिखाई देती रही है।
क्या कांग्रेस को मनाना होगा अखिलेश के लिए आसान?
फिलहाल सपा और कांग्रेस दोनों ही यूपी में गठबंधन के साथ चुनाव लड़ने की बात कह रहे हैं। लेकिन अगर AAP को भी गठबंधन में जगह मिलती है तो सीटों के बंटवारे को लेकर नई बातचीत शुरू हो सकती है। हालांकि AAP को कितनी सीटें मिलेंगी या सपा-कांग्रेस गठबंधन में उसकी औपचारिक एंट्री होगी या नहीं, इस पर अभी कोई अंतिम फैसला सामने नहीं आया है। ऐसे में फिलहाल इसे सियासी अटकल और सूत्रों के दावे के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। यानी असली सवाल यही है – क्या अखिलेश यादव यूपी में AAP को साथ लाकर अपना गठबंधन मजबूत करेंगे या कांग्रेस के साथ सीट बंटवारे का नया पेच खड़ा होगा?
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