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न्याय मांगने पहुंची महिला पर ही अलीगढ़ पुलिस ने ठोक दिया मुकदमा, परेशान पीड़िता की बिगड़ी तबीयत, पुलिस कार्यशैली पर उठे सवाल

Aligarh news
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UP News: अलीगढ़ जिले के टप्पल थाना क्षेत्र की जट्टारी पुलिस चौकी में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां न्याय की गुहार लेकर पहुंची एक महिला को ही अब पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है। आत्मदाह की कोशिश करने वाली पीड़िता के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है, जिससे पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

पहले जानिए मामला… 

जानकारी के अनुसार, मांदक गांव निवासी ममता देवी, पत्नी राहुल कुमार, बीते काफी समय से अपने घर में हुए नुकसान को लेकर परेशान थीं। पीड़िता का आरोप है कि करीब एक वर्ष पहले शॉर्ट सर्किट से उनके घर में आग लग गई थी, जिसमें लगभग 22 लाख रुपये का नुकसान हुआ। इसके बाद से वह बिजली विभाग की लापरवाही खराब केबल न बदलने और मीटर न लगाने को लेकर लगातार अधिकारियों के चक्कर काट रही थीं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। न्याय न मिलने से परेशान होकर ममता देवी मंगलवार को जट्टारी पुलिस चौकी पहुंचीं, जहां उन्होंने बिजली विभाग के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की कोशिश की। आरोप है कि चौकी पर मौजूद दरोगा और अन्य पुलिसकर्मियों ने उनके साथ अभद्रता की और उनका फोन छीन लिया।

UP News: मुकदमा दर्ज होने के बाद से पीड़िता की तबीयत बिगड़ी 

इस घटना से आहत महिला ने चौकी परिसर में ही मिट्टी का तेल डालकर आत्मदाह करने का प्रयास किया। मौके पर मौजूद लोगों ने किसी तरह उन्हें बचाया। महिला ने इस दौरान संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।लेकिन हैरानी की बात यह है कि पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय, उसी के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया। यह मुकदमा एसआई शगुन सोम द्वारा दर्ज कराया गया है।मुकदमा दर्ज होने के बाद से पीड़िता की तबीयत बिगड़ गई और उसे टप्पल के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। इस पूरे मामले को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में भी भारी नाराज़गी देखने को मिल रही है। लोगों का कहना है कि अगर पीड़ितों को ही आरोपी बना दिया जाएगा, तो आम जनता न्याय के लिए कहां जाएगी।

जबकि इस मामले में क्षेत्राधिकारी खैर ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। लेकिन अब सवाल उठता है कि क्या पुलिस आम नागरिकों की सुरक्षा और न्याय के लिए है, या फिर पीड़ितों को ही आरोपी बनाने का सिलसिला जारी रहेगा? यह घटना पुलिस व्यवस्था की संवेदनशीलता और जवाबदेही पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा करती है। फिलहाल, ये मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। लेकिन अब देखना ये होगा कि पुलिस कब तब पीड़ित महिला को न्याय दिला पाती है।

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