UP News: उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के रमाला थाना क्षेत्र के किरठल गांव की एक नाबालिग किशोरी ने गांव के ही दो युवकों पर छेड़छाड़, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता की ओर से पुलिस अधीक्षक बागपत को दिए गए शिकायती पत्र में आरोप लगाया गया है कि स्थानीय पुलिस ने शिकायत मिलने के बावजूद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया और समझौते का दबाव बनाया।
पहले जानिए क्या है मामला?
शिकायत के अनुसार, 21 जुलाई 2026 की सुबह करीब 7:30 बजे पीड़िता अपने बाबा को बुलाने के लिए घर से बाहर निकली थी। आरोप है कि रास्ते में गांव के ही दो युवकों ने उसे जबरन पकड़ लिया। पीड़िता का कहना है कि दोनों आरोपियों ने उस पर पहले से दर्ज मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाया और कहा कि अगर मुकदमा वापस नहीं लिया तो तुम्हारे पूरे परिवार को खत्म कर देंगे। थाना पुलिस हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकती, क्योंकि थाना प्रभारी सनावर अली भी हमारा ही आदमी है। शिकायत में आगे आरोप लगाया गया है कि विरोध करने पर आरोपियों ने किशोरी के साथ अभद्रता की, उसके कपड़े फाड़ दिए, मारपीट की और प्राइवेट पार्ट पर गंभीर चोट पहुंचाई। जिसके बाद शोर सुनकर दादी, मां और आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए।
UP News: थाना प्रभारी कार्रवाई करने से बचे?
पीड़िता के अनुसार, घटना की सूचना तत्काल डायल-112 पर दी गई। सूचना मिलने के बाद थाना प्रभारी सनावर अली मौके पर पहुंचे, लेकिन आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय पीड़ित परिवार से कहा कि पड़ोसी हैं, समझौता कर लो और खुशी से रहो। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि थाना प्रभारी ने बिना किसी कानूनी कार्रवाई के मामला रफा-दफा करने की कोशिश की और पीड़ित पक्ष की शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया। जिसके बाद अब पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी की जाए, मेडिकल परीक्षण कराया जाए, परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों की निष्पक्ष जांच कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
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