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लखनऊ में मस्जिद जमींदोज, हाई कोर्ट के निर्देश के बाद तड़के 4 बजे गरजा योगी सरकार का बुलडोजर

लखनऊ में तड़के 4 बजे मस्जिद को बुलडोजर से ढहाया

UP News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के बक्शी का तालाब (बीकेटी) क्षेत्र में प्रशासन ने अवैध कब्जे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम सभा की जमीन पर बनी एक मस्जिद को ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई इलाहाबाद हाई कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बाद की गई, जिसके चलते पूरे इलाके में देर रात तक हलचल बनी रही।

लंबे समय से चल रहा था विवाद

बीकेटी तहसील के ग्राम अस्ती स्थित गाटा संख्या 648 की जमीन पर बने इस धार्मिक ढांचे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। प्रशासनिक स्तर पर जांच के दौरान यह सामने आया कि संबंधित जमीन ग्राम समाज (सरकारी खलिहान) की है, जिस पर बिना वैध अनुमति के निर्माण किया गया था। मामला बढ़ते-बढ़ते अदालत तक पहुंच गया, जहां दोनों पक्षों ने अपने-अपने दावे पेश किए।

एक्शन से पहले नोटिस भी चस्पा किया गया था।

UP News: कोर्ट में नहीं साबित हुआ अधिकार

सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने पाया कि संबंधित पक्ष जमीन पर अपना कोई वैध स्वामित्व या अधिकार साबित करने में असफल रहा। कोर्ट ने तहसीलदार और अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) द्वारा पहले पारित आदेशों को सही ठहराया और अवैध कब्जा हटाने का निर्देश दिया। हालांकि, कोर्ट ने पहले लगाया गया 36 हजार रुपये का जुर्माना माफ कर राहत जरूर दी। प्रशासन के अनुसार, कोर्ट के आदेश के बाद संबंधित पक्ष को विधिवत नोटिस जारी किया गया था और संरचना पर भी इसकी सूचना चस्पा की गई थी। अधिकारियों ने तय समय तक इंतजार किया, लेकिन जब अवैध निर्माण को नहीं हटाया गया, तो प्रशासन ने सख्त कार्रवाई का फैसला लिया।

आधी रात चला बुलडोजर

बुधवार देर रात करीब 3 बजे प्रशासनिक अमला, पुलिस और पीएसी बल के साथ मौके पर पहुंचा। सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। इसके बाद तीन बुलडोजरों की मदद से अवैध संरचना को गिराने की कार्रवाई शुरू हुई, जो करीब एक घंटे तक चली। कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया था। किसी भी संभावित विरोध को देखते हुए भारी पुलिस बल और पीएसी के जवान तैनात किए गए थे। हालांकि, प्रशासन के मुताबिक कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हुई और किसी तरह की बड़ी बाधा सामने नहीं आई।

कार्रवाई की फोटो-वीडियोग्राफी की गई।

तहसीलदार शरद कुमार ने बताया कि अस्ती गांव के मोहम्मद साहिबान और लाल मोहम्मद को पहले ही अवैध कब्जा हटाने का निर्देश दिया गया था। आदेश का पालन न करने पर ही प्रशासन को यह कदम उठाना पड़ा। वहीं, एडीएम प्रशासन राकेश सिंह ने स्पष्ट कहा कि सरकारी जमीन पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और कानून-व्यवस्था से कोई समझौता नहीं होगा। करीब एक घंटे की कार्रवाई के बाद पूरी संरचना को जमींदोज कर दिया गया और ग्राम सभा की जमीन को कब्जे से मुक्त करा लिया गया। प्रशासन के अनुसार, अब इस जमीन का उपयोग फिर से गांव के सामुदायिक कार्यों के लिए किया जा सकेगा और स्थानीय लोग यहां दोबारा खलिहान लगा सकेंगे।

UP News: अवैध कब्जों के खिलाफ सख्त संदेश

यह कार्रवाई प्रशासन की ओर से अवैध कब्जों के खिलाफ सख्त रुख का स्पष्ट संकेत मानी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि सरकारी जमीनों को अतिक्रमण से मुक्त कराया जा सके।

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