UP News: उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में सीओ सिटी (DSP) अशोक सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में DSP मूंछों पर ताव देते हुए अपना नाम और पता बताते नजर आ रहे हैं। इसी दौरान वह वीडियो बनाने वाले व्यक्ति से कहते सुनाई दे रहे हैं कि वीडियो बनाकर अखिलेश यादव को भेज देना। लेकिन जब ये वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया तो पूरे मामले पर DSP अशोक सिंह ने सफाई देते हुए बताया कि पुलिस पर एक मामले में अनावश्यक राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश की जा रही थी और उन्होंने निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिलाते हुए यह बात कही थी।
क्या है पूरा मामला?
DSP अशोक सिंह के मुताबिक, 30 अगस्त 2026 की शाम मैनपुरी के थाना एलाऊ क्षेत्र के अघार गांव में एक हेल्पर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जबकि घटना में ड्राइवर घायल हुआ था। सूचना मिलने के बाद पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। उन्होंने बताया कि पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली और उसके आधार पर मुख्य आरोपी मोहित यादव को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, आरोपी के पास से कथित तौर पर घटना में इस्तेमाल किया गया हथियार भी बरामद किया गया। घायल ड्राइवर ने भी आरोपी की पहचान की थी।
UP News: दो प्रधानों की रंजिश का बताया कनेक्शन
DSP अशोक सिंह ने दावा किया कि हत्या की घटना के पीछे गांव के दो प्रधानों के बीच पुरानी रंजिश का मामला सामने आया। दोनों प्रधान एक ही समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। मौजूदा प्रधान सुग्रीव यादव का एक बेटा धारा 307 के मामले में जेल में है, जबकि दूसरा भी एक मामले में आरोपी है। DSP का आरोप है कि इसी रंजिश के चलते पुलिस पर दबाव बनाने की कोशिश की गई और कन्हैया यादव को हत्या के मामले में फंसाने का प्रयास किया गया। DSP ने कहा कि जांच में सामने आया कि घटना के वक्त कन्हैया यादव घटनास्थल से करीब 30 किलोमीटर दूर मैनपुरी में मौजूद था। पुलिस ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उसकी भूमिका को लेकर लगाए जा रहे आरोपों को खारिज किया और मुख्य आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की।
नेमप्लेट दिखाकर, मूंछों को ताव देखकर DSP अशोक कुमार सिंह कह रहे हैं – “बना लो वीडियो, खूब बना लो और अखिलेश यादव को दिखा देना”
Video उत्तर प्रदेश के जिला मैनपुरी की है। pic.twitter.com/ydPnFCjOUz
— Sachin Gupta (@Sachingupta) September 2, 2026
पोस्टमार्टम हाउस में क्या हुआ?
वायरल वीडियो को लेकर DSP अशोक सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम हाउस में उन्हें एक जाति विशेष से जोड़कर निशाना बनाया जा रहा था। इसी दौरान वीडियो बनाए जाने और उसे एक खास राजनीतिक नेता तक भेजने की बात कही गई। DSP के अनुसार, इसी संदर्भ में उन्होंने निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा देते हुए कहा था कि वीडियो बनाना है तो बनाइए और उसे संबंधित नेता तक भेजने के बजाय उससे ऊपर तक भेज दीजिए। उनका कहना है कि पुलिस ने मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की और किसी निर्दोष व्यक्ति को फर्जी तरीके से जेल भेजने की कोशिश को नाकाम किया।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में DSP अशोक सिंह मूंछों पर ताव देते हुए अपना नाम और पता बताते नजर आ रहे हैं। वीडियो में वह कहते सुनाई देते हैं कि उनका नाम अशोक कुमार सिंह है, पिता का नाम बलबीर सिंह है और वह आजमगढ़ के रहने वाले हैं। इसके बाद वह वीडियो बनाने वाले व्यक्ति से कहते हैं कि वीडियो बनाकर वायरल कर देना और उसे अखिलेश यादव को भेज देना। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।
UP News: जून 2026 में मैनपुरी आए थे अशोक सिंह
आपको बता दें कि DSP अशोक सिंह मूल रूप से आजमगढ़ जिले के रहने वाले बताए जाते हैं। जून 2026 में हुए प्रशासनिक फेरबदल के दौरान उनका तबादला औरैया से मैनपुरी किया गया था। मैनपुरी में तैनाती के बाद अब उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के कारण चर्चा में है। फिलहाल, DSP ने अपने बयान में स्पष्ट किया है कि वायरल वीडियो को पूरे संदर्भ से अलग करके नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने हत्या के मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की है और किसी निर्दोष व्यक्ति को फंसाने के दबाव में पुलिस ने काम नहीं किया।








